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Fatehabad News: जीएम के आदेश की कौन करता है परवाह...अवकाश के दिन भी नहीं बदली व्यवस्था, बाईपास से दाैड़ीं रोडवेज बसें
Mon, 27 Apr 2026 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 27 Apr 2026 11:08 PM IST
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फतेहाबाद। अवकाश के दिनों में रोडवेज बसों को शहर के अंदर से संचालित करने के स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद कई बसें सीधे बाईपास से गुजर रही हैं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फतेहाबाद डिपो सहित अन्य बाहरी डिपो की कई बसें शहर में प्रवेश किए बिना ही बाईपास से निकल जाती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ रहा है जो पुराना बस स्टैंड पर बसों का इंतजार करते हैं। कई यात्री लंबे समय तक बसों की प्रतीक्षा करते रहते हैं लेकिन बाद में पता चलता है कि संबंधित बसें पहले ही बाईपास से गुजर चुकी हैं।
ऐसी स्थिति में यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है जिससे उन्हें समय के साथ अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है। यात्री रविंद्र, सुनील, रामेश्वर और पलविंद्र सिंह ने बताया कि छुट्टी के दिन पहले ही बसों की संख्या कम रहती है। ऐसे में यदि बसें शहर में आए बिना ही निकल जाएं तो यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
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उन्होंने प्रशासन से व्यवस्था में सुधार और नियमित निगरानी की मांग की। रोडवेज के यातायात प्रबंधक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार और रविवार को बसों को शहर के अंदर से चलाने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिल सके। यदि इसके बावजूद आदेशों की अनदेखी की जा रही है तो संबंधित चालकों और परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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फतेहाबाद डिपो सहित अन्य बाहरी डिपो की कई बसें शहर में प्रवेश किए बिना ही बाईपास से निकल जाती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ रहा है जो पुराना बस स्टैंड पर बसों का इंतजार करते हैं। कई यात्री लंबे समय तक बसों की प्रतीक्षा करते रहते हैं लेकिन बाद में पता चलता है कि संबंधित बसें पहले ही बाईपास से गुजर चुकी हैं।
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ऐसी स्थिति में यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है जिससे उन्हें समय के साथ अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है। यात्री रविंद्र, सुनील, रामेश्वर और पलविंद्र सिंह ने बताया कि छुट्टी के दिन पहले ही बसों की संख्या कम रहती है। ऐसे में यदि बसें शहर में आए बिना ही निकल जाएं तो यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
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उन्होंने प्रशासन से व्यवस्था में सुधार और नियमित निगरानी की मांग की। रोडवेज के यातायात प्रबंधक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार और रविवार को बसों को शहर के अंदर से चलाने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिल सके। यदि इसके बावजूद आदेशों की अनदेखी की जा रही है तो संबंधित चालकों और परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।