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Fatehabad News: बालिका वधु गर्भवती हुईं तो जागा सिस्टम
Sat, 15 Nov 2025 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 15 Nov 2025 11:50 PM IST
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फतेहाबाद में बाल विवाह को लेकर जागरूक करते हुए बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल स्त्रोत
फतेहाबाद। जिले में बाल विवाह की गंभीर समस्या एक बार फिर उजागर हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती के टीकाकरण और अल्ट्रासाउंड के लिए पंजीकरण के दौरान भट्टूकलां क्षेत्र के तीन गांवों में तीन मामले सामने आए हैं। इन बालिकाओं की शादी 18 वर्ष की होने से पहले ही कर दी गई थी।
इसका खुलासा बालिका वधुओं के गर्भवती होने पर हुआ। इनमें एक 9 माह, दूसरी 6 माह और तीसरी 3 माह की गर्भवती है। विशेष रूप से एक मामले ने चिंता बढ़ा दी है, जिसमें युवती पहले से एक बच्चे की मां है और अब 6 माह की फिर से गर्भवती है। आशंका है कि उसका विवाह मात्र 15 साल की उम्र में ही कर दिया गया था।
स्वास्थ्य विभाग ने तीनों मामलों की रिपोर्ट बाल विवाह निषेध अधिकारी को भेज दी है। इसके बाद कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग को भी सूचना दी गई है। अब तक इन मामलों में से एक में एफआईआर दर्ज हो चुकी है, जबकि दो में दस्तावेज की जांच जारी है।
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जिले में यह स्थिति नई नहीं है। इस वर्ष अब तक बाल विवाह के 15 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से तीन में पुलिस कार्रवाई हो चुकी है, जबकि बाकी में बाल विवाह रोकथाम टीम ने मौके पर पहुंचकर शादी रुकवाई है। पिछले वर्ष 2024 में भी जिले में 24 मामले दर्ज किए गए थे, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि परिवार अक्सर सामाजिक दबाव और पारिवारिक कारणों से नाबालिग बेटियों की शादी गुपचुप तरीके से कर देते हैं। लेकिन गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य जांच और पंजीकरण की प्रक्रिया में यह सच सामने आ जाता है। जांच अधिकारी राधेश्याम का कहना है कि शिकायत आने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। एक परिवार गुजरात गया हुआ है, उनके आने के बाद दस्तावेज जांचे जाएंगे। संवाद
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पहले एक बच्चा, दूसरी बार गर्भवती हुई तो हुआ खुलासा
भट्टूकलां क्षेत्र के एक बालिका वधू का पता चला है। इसके पहले से एक बच्चा है और अब वह 6 माह की फिर से गर्भवती है। माना जा रहा है कि 15 साल की उम्र में ही उसका विवाह कर दिया गया।
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तीन और 9 माह की गर्भवती
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एएनएम, आशा वर्कर को अपने क्षेत्र में गर्भवती के रजिस्ट्रेशन के निर्देश दिए गए हैं। रजिस्ट्रेशन के दौरान आरसीएच आईडी जारी होती है। इस आईडी का मकसद गर्भवती को ट्रेक करना है। इसके बाद अल्ट्रासाउंड नहीं हो सकता है। बालिका वधू को लेकर जो दो गर्भवती सामने आई है, उसमें एक तीन और एक 9 माह से गर्भवती है।
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होटल-पैलेस को बुकिंग से पहले लेने होंगे दस्तावेज
बाल विवाह रोकने के लिए पुलिस विभाग की तरफ होटल-पैलेस संचालकों को निर्देश दिए गए है कि बुकिंग से पहले वर और वधू के उम्र संबंधित दस्तावेज जरूर लें। अगर बाल विवाह हुआ तो उन पर भी कार्रवाई होगी। बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल का कहना है कि इस बारे में थाना स्तर पर बैठक की जा रही है और सख्त चेतावनी दी जा रही है।
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समय से पहले गर्भवती हुई तो जच्चा-बच्चा दोनों की जिंदगी दांव पर
अगर कोई लड़की कम उम्र में गर्भवती होती है तो जच्चा और बच्चा दोनों की जान को खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से रजिस्ट्रेशन के दौरान ध्यान रखा जाता है कि गर्भवती की उम्र क्या है। अगर कम उम्र में गर्भवती हुई है तो बाल विवाह निषेध अधिकारी को सूचित कर दिया जाता है।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।
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बाल विवाह के बारे में लोग जागरूक हो रहे हैं और विभाग की तरफ से भी किया जा रहा है। अभी तीन मामले ऐसे सामने आए हैं जिनमें लड़की गर्भवती हुई तो पता चला है। इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी जा चुकी है।
- रेखा अग्रवाल, बाल विवाह निषेध अधिकारी
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इसका खुलासा बालिका वधुओं के गर्भवती होने पर हुआ। इनमें एक 9 माह, दूसरी 6 माह और तीसरी 3 माह की गर्भवती है। विशेष रूप से एक मामले ने चिंता बढ़ा दी है, जिसमें युवती पहले से एक बच्चे की मां है और अब 6 माह की फिर से गर्भवती है। आशंका है कि उसका विवाह मात्र 15 साल की उम्र में ही कर दिया गया था।
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स्वास्थ्य विभाग ने तीनों मामलों की रिपोर्ट बाल विवाह निषेध अधिकारी को भेज दी है। इसके बाद कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग को भी सूचना दी गई है। अब तक इन मामलों में से एक में एफआईआर दर्ज हो चुकी है, जबकि दो में दस्तावेज की जांच जारी है।
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जिले में यह स्थिति नई नहीं है। इस वर्ष अब तक बाल विवाह के 15 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से तीन में पुलिस कार्रवाई हो चुकी है, जबकि बाकी में बाल विवाह रोकथाम टीम ने मौके पर पहुंचकर शादी रुकवाई है। पिछले वर्ष 2024 में भी जिले में 24 मामले दर्ज किए गए थे, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि परिवार अक्सर सामाजिक दबाव और पारिवारिक कारणों से नाबालिग बेटियों की शादी गुपचुप तरीके से कर देते हैं। लेकिन गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य जांच और पंजीकरण की प्रक्रिया में यह सच सामने आ जाता है। जांच अधिकारी राधेश्याम का कहना है कि शिकायत आने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। एक परिवार गुजरात गया हुआ है, उनके आने के बाद दस्तावेज जांचे जाएंगे। संवाद
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पहले एक बच्चा, दूसरी बार गर्भवती हुई तो हुआ खुलासा
भट्टूकलां क्षेत्र के एक बालिका वधू का पता चला है। इसके पहले से एक बच्चा है और अब वह 6 माह की फिर से गर्भवती है। माना जा रहा है कि 15 साल की उम्र में ही उसका विवाह कर दिया गया।
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तीन और 9 माह की गर्भवती
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एएनएम, आशा वर्कर को अपने क्षेत्र में गर्भवती के रजिस्ट्रेशन के निर्देश दिए गए हैं। रजिस्ट्रेशन के दौरान आरसीएच आईडी जारी होती है। इस आईडी का मकसद गर्भवती को ट्रेक करना है। इसके बाद अल्ट्रासाउंड नहीं हो सकता है। बालिका वधू को लेकर जो दो गर्भवती सामने आई है, उसमें एक तीन और एक 9 माह से गर्भवती है।
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होटल-पैलेस को बुकिंग से पहले लेने होंगे दस्तावेज
बाल विवाह रोकने के लिए पुलिस विभाग की तरफ होटल-पैलेस संचालकों को निर्देश दिए गए है कि बुकिंग से पहले वर और वधू के उम्र संबंधित दस्तावेज जरूर लें। अगर बाल विवाह हुआ तो उन पर भी कार्रवाई होगी। बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल का कहना है कि इस बारे में थाना स्तर पर बैठक की जा रही है और सख्त चेतावनी दी जा रही है।
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समय से पहले गर्भवती हुई तो जच्चा-बच्चा दोनों की जिंदगी दांव पर
अगर कोई लड़की कम उम्र में गर्भवती होती है तो जच्चा और बच्चा दोनों की जान को खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से रजिस्ट्रेशन के दौरान ध्यान रखा जाता है कि गर्भवती की उम्र क्या है। अगर कम उम्र में गर्भवती हुई है तो बाल विवाह निषेध अधिकारी को सूचित कर दिया जाता है।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।
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बाल विवाह के बारे में लोग जागरूक हो रहे हैं और विभाग की तरफ से भी किया जा रहा है। अभी तीन मामले ऐसे सामने आए हैं जिनमें लड़की गर्भवती हुई तो पता चला है। इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी जा चुकी है।
- रेखा अग्रवाल, बाल विवाह निषेध अधिकारी