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Fatehabad News: तीन साल से लापता नवीन घर लौटा तो परिजनों ने मनाई दिवाली की तरह खुशी
Mon, 21 Oct 2024 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 21 Oct 2024 12:17 AM IST
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तीन साल बाद वापस आया नवीन मस्तक पर टीका लगा और नीली पैंट पहने अपने परिवार के साथ।
टोहाना। शहर थाना परिसर में कुक सुशील रोहिल्ला का बोलने में असमर्थ बेटा नवीन करीब तीन साल बाद घर लौटा है। बेटे के घर लौटने पर परिवार ने दिवाली जैसी खुशी मनाई। उसका रेलवे स्टेशन से घर तक स्वागत किया गया। इस दौरान क्राइम ब्रांच चंडीगढ़ से राजेश कुमार भी साथ में पहुंचे। नवीन को केरल के कन्नौर स्थित आश्रम से लाया गया हैं।
सुशील रोहिल्ला ने बताया कि 28 सितंबर 2021 को उसका बेटा घर से लापता हो गया था। वे उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। करीब तीन साल से हनुमानजी के मंदिर में अखंड ज्योति लगाई हुई थी। उन्हें पूरी उम्मीद थी उनका बेटा वापस मिलेगा। उसने बताया कि उसके बेटे को ढूंढना जंगल में सुई ढूंढने के बराबर रहा है। मंगलवार को उसका बेटा यहां से गया था और मंगलवार को ही उसके बेटे की फोटो उसके मोबाइल में आ गई थी, जिसे परिजन हनुमानजी के प्रति आस्था का ही परिणाम मान रहे हैं।
सुशील ने बताया कि क्राइम ब्रांच चंडीगढ़ के कर्मचारी राजेश के पास एक फोटो आई थी, जिसमें बच्चे के हरियाणा के होने की जानकारी दी गई। इसके बाद फोटो उन तक पहुंची और उन्होंने बेटे की पहचान की।
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मां बोली, तीन साल का इंतजार 30 साल जैसा रहा
नवीन की माता पिंकी ने बताया कि तीन साल का समय 30 साल के बराबर रहा है। जब वे खाना खाते थे तो उनके दिमाग में यही रहता था कि नवीन भूखा होगा, उसने कुछ खाया भी है या नहीं। पिंकी ने अपनी आस्था प्रकट करते हुए कहा कि उनकी हनुमानजी महाराज के प्रति अगाढ़ श्रद्धा से ही उनकी मनोकामना पूरी हुई है।
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बहनों ने तीन साल से रक्षाबंधन का त्योहार भी नहीं मनाया
नवीन की बहन अन्नु व प्रिया ने कहा कि उनका एकमात्र भाई नवीन तीन साल से गायब था। वे रक्षाबंधन का त्योहार भी नहीं मना पाए थे। मगर अब परिवार की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। भाई के होने के बावजूद वे त्योहार नहीं मना पाई थी। अब हर त्योहार खुशी के साथ मनाएंगे।
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800 लोगों को मिलवा चुकी टीम
एएसआई राजेश कुमार ने बताया कि एडीजीपी ममता सिंह के निर्देशानुसार उनकी टीम घर से बिछड़े बच्चों को परिवार से मिलाने का कार्य करती है। वे 2016 से इस कार्य को कर रहे हैं। अब तक 800 से अधिक लोगों को मिलवा चुके हैं। नवीन के पिता और भाई लगातार उनके संपर्क में रहते थे, जिसके चलते उन्होंने नवीन की फोटो को देश के हर राज्य में भेजा हुआ था। एक दिन उनके पास केरल से नवीन का फोटो आया, जिसे उसने नवीन के पिता को भेजा और उन्होंने इसकी पहचान कर दी। नवीन के पिता की वीडियो कॉल से बात करवाई तो नवीन के पांव में 6 उंगली होना बताया गया, जिसे मिलाया गया। केरल के कलसेरी में समुद्र के पास नवीन को दुकान के बाहर देखा गया था।
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सुशील रोहिल्ला ने बताया कि 28 सितंबर 2021 को उसका बेटा घर से लापता हो गया था। वे उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। करीब तीन साल से हनुमानजी के मंदिर में अखंड ज्योति लगाई हुई थी। उन्हें पूरी उम्मीद थी उनका बेटा वापस मिलेगा। उसने बताया कि उसके बेटे को ढूंढना जंगल में सुई ढूंढने के बराबर रहा है। मंगलवार को उसका बेटा यहां से गया था और मंगलवार को ही उसके बेटे की फोटो उसके मोबाइल में आ गई थी, जिसे परिजन हनुमानजी के प्रति आस्था का ही परिणाम मान रहे हैं।
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सुशील ने बताया कि क्राइम ब्रांच चंडीगढ़ के कर्मचारी राजेश के पास एक फोटो आई थी, जिसमें बच्चे के हरियाणा के होने की जानकारी दी गई। इसके बाद फोटो उन तक पहुंची और उन्होंने बेटे की पहचान की।
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मां बोली, तीन साल का इंतजार 30 साल जैसा रहा
नवीन की माता पिंकी ने बताया कि तीन साल का समय 30 साल के बराबर रहा है। जब वे खाना खाते थे तो उनके दिमाग में यही रहता था कि नवीन भूखा होगा, उसने कुछ खाया भी है या नहीं। पिंकी ने अपनी आस्था प्रकट करते हुए कहा कि उनकी हनुमानजी महाराज के प्रति अगाढ़ श्रद्धा से ही उनकी मनोकामना पूरी हुई है।
बहनों ने तीन साल से रक्षाबंधन का त्योहार भी नहीं मनाया
नवीन की बहन अन्नु व प्रिया ने कहा कि उनका एकमात्र भाई नवीन तीन साल से गायब था। वे रक्षाबंधन का त्योहार भी नहीं मना पाए थे। मगर अब परिवार की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। भाई के होने के बावजूद वे त्योहार नहीं मना पाई थी। अब हर त्योहार खुशी के साथ मनाएंगे।
800 लोगों को मिलवा चुकी टीम
एएसआई राजेश कुमार ने बताया कि एडीजीपी ममता सिंह के निर्देशानुसार उनकी टीम घर से बिछड़े बच्चों को परिवार से मिलाने का कार्य करती है। वे 2016 से इस कार्य को कर रहे हैं। अब तक 800 से अधिक लोगों को मिलवा चुके हैं। नवीन के पिता और भाई लगातार उनके संपर्क में रहते थे, जिसके चलते उन्होंने नवीन की फोटो को देश के हर राज्य में भेजा हुआ था। एक दिन उनके पास केरल से नवीन का फोटो आया, जिसे उसने नवीन के पिता को भेजा और उन्होंने इसकी पहचान कर दी। नवीन के पिता की वीडियो कॉल से बात करवाई तो नवीन के पांव में 6 उंगली होना बताया गया, जिसे मिलाया गया। केरल के कलसेरी में समुद्र के पास नवीन को दुकान के बाहर देखा गया था।