{"_id":"65662e03b23aef61e50d2bfb","slug":"when-mother-scolded-student-reached-bathinda-by-train-spent-seven-days-at-the-station-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-9011-2023-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: मां ने डांटा तो रेल से बठिंडा पहुंचा छात्र, स्टेशन पर बिताए सात दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: मां ने डांटा तो रेल से बठिंडा पहुंचा छात्र, स्टेशन पर बिताए सात दिन
विज्ञापन
फतेहाबाद/भट्टूकलां। भट्टूकलां क्षेत्र के गांव निवासी नौंवी कक्षा के छात्र को मां ने डांटा तो वह स्कूल नहीं गया और रेल से बठिंडा पहुंच गया। सात दिन तक छात्र स्टेशन पर ही रहा। पुलिस ने मामला दर्ज किया लेकिन ढूंढने का प्रयास नहीं किया। परिवार अपने स्तर पर छात्र को ढूंढ़कर लाए। परिवार का आरोप है कि अनजान नंबर से फोन आने पर पुलिस को सूचित किया गया लेकिन फिर भी मदद नहीं मिली।
छात्र के चाचा ने बताया कि 21 नवंबर की सुबह उसका भतीजा लापता हो गया था। भतीजा स्कूल न जाने की जिद कर रहा था और उसकी मां ने डांटा और समझाकर भेज दिया, लेकिन वह स्कूल नहीं गया। स्कूल से फोन आया कि वह नहीं पहुंचा। इसके बाद वह ढूंढते रहे और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने 23 नवंबर को मामला दर्ज किया। 27 नवंबर की रात को करीब दो बजे एक अनजान नंबर से फोन आया लेकिन बात नहीं हो पाई। इसको लेकर पुलिस को सूचित किया गया कि फोन नंबर ट्रेस किया जाए लेकिन नहीं किया गया। मंगलवार सुबह प्रयास किया गया तो उस नंबर पर संपर्क हो गया और उसने बताया कि उनका बेटा बठिंडा स्टेशन पर है। इसके बाद वह उसे जाकर बठिंडा स्टेशन से लेकर आए। चाचा ने बताया कि भतीजा रेलगाड़ी से ही गांव से बठिंडा चला गया था और स्टेशन पर उसे जो मिलता वह खा लेता था।
विज्ञापन
छात्र के चाचा ने बताया कि 21 नवंबर की सुबह उसका भतीजा लापता हो गया था। भतीजा स्कूल न जाने की जिद कर रहा था और उसकी मां ने डांटा और समझाकर भेज दिया, लेकिन वह स्कूल नहीं गया। स्कूल से फोन आया कि वह नहीं पहुंचा। इसके बाद वह ढूंढते रहे और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने 23 नवंबर को मामला दर्ज किया। 27 नवंबर की रात को करीब दो बजे एक अनजान नंबर से फोन आया लेकिन बात नहीं हो पाई। इसको लेकर पुलिस को सूचित किया गया कि फोन नंबर ट्रेस किया जाए लेकिन नहीं किया गया। मंगलवार सुबह प्रयास किया गया तो उस नंबर पर संपर्क हो गया और उसने बताया कि उनका बेटा बठिंडा स्टेशन पर है। इसके बाद वह उसे जाकर बठिंडा स्टेशन से लेकर आए। चाचा ने बताया कि भतीजा रेलगाड़ी से ही गांव से बठिंडा चला गया था और स्टेशन पर उसे जो मिलता वह खा लेता था।
विज्ञापन