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Fatehabad News: शाबाश सोनू, कारोबार खत्म से नशे में धकेला, फिर दृढ़ संकल्प से पाई मुक्ति

Wed, 11 Feb 2026 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Wed, 11 Feb 2026 11:10 PM IST
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Well done Sonu, pushed into addiction after business failure, then achieved liberation through determination
इटली में काम करता सोनू। 
फतेहाबाद। जीवन में मुश्किलें अगर हों तो इंसान कई बार गलत रास्ते पर भी चल पड़ता है। ऐसा ही हुआ टोहाना के गांव रत्ताखेड़ा निवासी सोनू सिंह के साथ। जहां एक समय कारोबार में सफलता थी, वहीं दूसरी ओर कोरोना महामारी ने उसकी आर्थिक स्थिति को तहस-नहस कर दिया और मानसिक तनाव ने उसे नशे की ओर धकेल दिया। फिर पुलिस की नशा मुक्ति टीम के प्रयास और प्रेरणा से सोनू ने हौसले से बुरी आदत को छोड़ जीवन को संवारा।
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सोनू का जीवन संघर्षों से भरा था। बचपन में पिता का निधन, आर्थिक तंगी और पढ़ाई बीच में छोड़ने के बावजूद उसने हार नहीं मानी और बाइक रिपेयरिंग का काम सीखा। टोहाना में खुद की वर्कशॉप खोली, लेकिन कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण उसकी जिंदगी में उथल-पुथल मच गई। कामकाजी मुश्किलें और मानसिक तनाव ने उसे नशे की ओर धकेल दिया। पहले तनाव से राहत पाने के लिए, फिर धीरे-धीरे आदत बन गई और हेरोइन की लत ने उसे जकड़ लिया।
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डंकी रूट से विदेश जाने का प्रयास किया पर डिपोर्ट हो गया
2022 में सोनू ने डंकी रूट के जरिये विदेश जाने की कोशिश की, लेकिन उसे डिपोर्ट कर वापस भेज दिया गया। इस समय पुलिस विभाग को उसकी नशे की लत का पता चला। पुलिस की नशा मुक्ति टीम, जो अक्सर ऐसे मामलों में दखल देती है, ने सोनू की मदद करने का बीड़ा उठाया। टीम के इंचार्ज सुंदर मुसाफिर ने बताया कि शुरू में सोनू को उबरने में मुश्किलें आईं, लेकिन पुलिस द्वारा दी गई सकारात्मक सलाह, इलाज और परामर्श ने उसका हौसला बढ़ाया। उसे विश्वास दिलाया गया कि वह समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकता है।
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नशे को छोड़ा, नया रास्ता अपनाया
सोनू ने कठिन संघर्ष के बाद नशे को पूरी तरह छोड़ दिया। और इसके बाद 2025 में उसने वर्क वीजा पर इटली में वैध तरीके से रोजगार पाया। आज वह इटली में मेहनत कर रहा है, और उसकी कहानी हर किसी को प्रेरणा देती है कि नशे की लत से निकलने का रास्ता केवल हिम्मत, सही मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग से ही संभव है।
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यदि समय पर पुलिस का सहयोग न मिलता तो शायद उसका जीवन भटकाव में ही समाप्त हो जाता। युवाओं से अपील है कि नशे से दूर रहें और किसी भी समस्या की स्थिति में पुलिस से संपर्क करने में संकोच न करें। सोनू कुमार, रत्ताखेड़ा

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पुलिस का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देना भी है। नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल कानूनी कार्रवाई से नहीं, बल्कि संवेदनशील पुनर्वास, परिवार के सहयोग और सामाजिक सहभागिता से जीती जा सकती है। सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक
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