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Fatehabad News: घग्घर नदी में बढ़ने लगा जलस्तर, चांदपुरा हेड पर बह रहा 800 क्यूसेक पानी
Sun, 29 Jun 2025 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 29 Jun 2025 11:35 PM IST
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जाखल क्षेत्र से होकर जा रही घग्गर नदी में आया बारिश का पानी।
जाखल। शिवालिक की पहाड़ियों में हो रही बारिश के चलते जाखल क्षेत्र से होकर गुजरने वाली घग्घर नदी में पानी आना शुरू हो गया है। इससे नदी के जलस्तर में वृद्धि हुईं भी दर्ज की गई है। सिंचाई विभाग के अनुसार रविवार सुबह गुहला चीका हेड पर 4600 क्यूसेक से अधिक पानी का बहाव दर्ज किया गया है।
पीछे से पानी बढ़ने के चलते रविवार सुबह चांदपुरा साइफन हेड पर भी जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। शनिवार शाम को नदी में जलस्तर 500 क्यूसेक से भी नीचे था। वहीं रविवार सुबह जलस्तर 800 क्यूसेक मापा गया है। नदी में पानी की आवक से किसान भी खुश दिखाई दे रहे हैं। वहीं आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका से लोग चिंतित भी हैं।
मौसम विभाग की तरफ से जारी अलर्ट के अनुसार आने वाले दिनों में क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है। इस बात को ध्यान में रखते हुए किसान चिंतित भी है। पंजाब, हरियाणा व हिमाचल प्रदेश से बारिश का पानी घग्घर नदी के जरिए जाखल क्षेत्र में पहुंचना शुरू हो गया है। नदी की जल क्षमता से फिलहाल जलस्तर अपेक्षाकृत कम है। वहीं जिम्मेदार अधिकारी बाढ़ की आशंका को देखते हुए बचाव संबंधी उचित प्रबंधन होने की बात कह रहे हैं।
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घग्घर नदी की क्षमता 22 हजार क्यूसेक
जाखल से होकर गुजरने वाली घग्घर नदी की क्षमता 22 हजार क्यूसेक हैं। घग्घर नदी में जलस्तर अधिक बढ़ने पर पानी नदी के सहायक रंगोई नाला में छोड़ा जाता है। रंगोई नाला में पानी की क्षमता 6000 क्यूसेक है। सिंचाई विभाग के अनुसार रविवार को गुहला चीका के साइफन हेड पर 4600 से ज्यादा क्यूसेक पानी दर्ज किया गया है, हालांकि अभी मानसून की शुरुआत में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। फिलहाल नदी के पानी का किसान धान की सिंचाई में प्रयोग कर रहे हैं।
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पहाड़ी इलाकों में बारिश के बाद घग्घर नदी के चांदपुरा साइफन हेड पर रविवार को जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। फिलहाल नदी में पानी आना शुरू हुआ है। अभी खतरे की कोई बात नहीं है। आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका से बचाव के लिए प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। प्रशासन ने बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं।
- संजीव सिंगला, एसडीओ सिंचाई विभाग, टोहाना
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पीछे से पानी बढ़ने के चलते रविवार सुबह चांदपुरा साइफन हेड पर भी जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। शनिवार शाम को नदी में जलस्तर 500 क्यूसेक से भी नीचे था। वहीं रविवार सुबह जलस्तर 800 क्यूसेक मापा गया है। नदी में पानी की आवक से किसान भी खुश दिखाई दे रहे हैं। वहीं आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका से लोग चिंतित भी हैं।
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मौसम विभाग की तरफ से जारी अलर्ट के अनुसार आने वाले दिनों में क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है। इस बात को ध्यान में रखते हुए किसान चिंतित भी है। पंजाब, हरियाणा व हिमाचल प्रदेश से बारिश का पानी घग्घर नदी के जरिए जाखल क्षेत्र में पहुंचना शुरू हो गया है। नदी की जल क्षमता से फिलहाल जलस्तर अपेक्षाकृत कम है। वहीं जिम्मेदार अधिकारी बाढ़ की आशंका को देखते हुए बचाव संबंधी उचित प्रबंधन होने की बात कह रहे हैं।
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घग्घर नदी की क्षमता 22 हजार क्यूसेक
जाखल से होकर गुजरने वाली घग्घर नदी की क्षमता 22 हजार क्यूसेक हैं। घग्घर नदी में जलस्तर अधिक बढ़ने पर पानी नदी के सहायक रंगोई नाला में छोड़ा जाता है। रंगोई नाला में पानी की क्षमता 6000 क्यूसेक है। सिंचाई विभाग के अनुसार रविवार को गुहला चीका के साइफन हेड पर 4600 से ज्यादा क्यूसेक पानी दर्ज किया गया है, हालांकि अभी मानसून की शुरुआत में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। फिलहाल नदी के पानी का किसान धान की सिंचाई में प्रयोग कर रहे हैं।
पहाड़ी इलाकों में बारिश के बाद घग्घर नदी के चांदपुरा साइफन हेड पर रविवार को जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। फिलहाल नदी में पानी आना शुरू हुआ है। अभी खतरे की कोई बात नहीं है। आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका से बचाव के लिए प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। प्रशासन ने बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं।
- संजीव सिंगला, एसडीओ सिंचाई विभाग, टोहाना