{"_id":"689897087aa5cfa30a07362e","slug":"villagers-are-troubled-due-to-lack-of-stoppage-of-trains-fatehabad-news-c-127-1-shsr1019-138355-2025-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: रेलमंत्री से गुहार के बाद भी पिरथला ललोदा स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: रेलमंत्री से गुहार के बाद भी पिरथला ललोदा स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव नहीं
Sun, 10 Aug 2025 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 10 Aug 2025 11:07 PM IST
विज्ञापन
पिरथला ललोदा रेलवे स्टेशन का दृश्य।
टोहाना। कोरोना काल से बंद ट्रेनों का पिरथला-ललोदा रेलवे स्टेशन पर ठहराव न होने से कई गांवों के ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने रेलमंत्री से समस्या का हल करने की गुहार लगाई है। इन ट्रेनों के ठहराव को लेकर राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला से मुलाकात कर ज्ञापन दिया गया। इसके बाद बराला ने रेलमंत्री को पत्र भी लिखा था। अब ग्रामीणों ने सरकार से इस पर संज्ञान लेकर हल करने की गुहार लगाई है।
-
इन रेलगाडियों के ठहराव की मांग
इस पिरथला व ललोदा रेलवे स्टेशन से गांव डांगरा, रत्ताखेड़ा, ठरवा, ठरवी, पिरथला, पारता, ललोदा सहित अनेक गांवों के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गाड़ी संख्या 54635/36 और 54603/04 के ठहराव की मांग की है। 54635 हिसार लुधियाना पैसेंजर ट्रेन हिसार से 4:10 पर शाम को चलती है जो लुधियाना 9:15 सायं के समय पर पहुंचती है। यह रेलगाड़ी पिरथला ललौदा स्टेशन पर पहुंचने का समय सायं 5 बजकर एक मिनट पर आती है जबकि दूसरी गाड़ी 54636 लुधियाना से हिसार की तरफ चलती है सुबह 9 बजे चलकर हिसार 2:20 पर शाम को पहुंचती है। यह रेलगाड़ी पिरथला ललोदा स्टेशन पर दोपहर को 12:35 पर आती है। ग्रामीणों के अनुसार 54604 लुधियाना चूरू पैसेंजर ट्रेन 2:45 पर शाम को चलती है और 11:45 पर रात को राजस्थान के चूरू पहुंचती है। 54603 हिसार लुधियाना पैसेंजर ट्रेन 5:20 पर सुबह चलती है और लुधियाना सुबह 9:50 पर पहुंच जाती है।
-
हिसार-लुधियाना के बीच पिरथला ललौदा रेलवे स्टेशन एक महत्वपूर्ण स्टॉपेज है लेकिन ट्रेनों का ठहराव न होने से हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर ज्ञापन भी दिए गए लेकिन रेलवे बोर्ड कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।
विज्ञापन
अश्विनी ललोदा, ग्रामीण
-
रेलगाड़ियों का ठहराव न होने से आमजन के साथ साथ रेलवे को भी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है क्योंकि गांवों के रहने वाले लोग हिसार व लुधियाना जाने के लिए इन रेलगाड़ियों से आवागमन करते थे लेकिन अब उन्हे बसों से सफर करना पड़ता है। इससे रेलवे को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है। रेल मंत्रालय को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। डॉ. दलबीर बिश्नोई, पूर्व सरपंच, पिरथला
-
कोरोना काल से बंद पड़ी रेलगाड़ियों को शुरू करवाने के लिए किसान संगठनों, ग्रामीणों, व्यापारियों द्वारा प्रदर्शन किया गया था। इसमें किसान नेता राकेश टिकैत भी पहुंचे थे। अधिकारियों ने समस्या के हल का आश्वासन दिया गया था लेकिन कुछ नहीं हुआ है। सरकार ने जल्द समस्या का हल नहीं किया तो ग्रामीण प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
-रमेश डांगरा, ग्रामीण
विज्ञापन
-
इन रेलगाडियों के ठहराव की मांग
इस पिरथला व ललोदा रेलवे स्टेशन से गांव डांगरा, रत्ताखेड़ा, ठरवा, ठरवी, पिरथला, पारता, ललोदा सहित अनेक गांवों के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गाड़ी संख्या 54635/36 और 54603/04 के ठहराव की मांग की है। 54635 हिसार लुधियाना पैसेंजर ट्रेन हिसार से 4:10 पर शाम को चलती है जो लुधियाना 9:15 सायं के समय पर पहुंचती है। यह रेलगाड़ी पिरथला ललौदा स्टेशन पर पहुंचने का समय सायं 5 बजकर एक मिनट पर आती है जबकि दूसरी गाड़ी 54636 लुधियाना से हिसार की तरफ चलती है सुबह 9 बजे चलकर हिसार 2:20 पर शाम को पहुंचती है। यह रेलगाड़ी पिरथला ललोदा स्टेशन पर दोपहर को 12:35 पर आती है। ग्रामीणों के अनुसार 54604 लुधियाना चूरू पैसेंजर ट्रेन 2:45 पर शाम को चलती है और 11:45 पर रात को राजस्थान के चूरू पहुंचती है। 54603 हिसार लुधियाना पैसेंजर ट्रेन 5:20 पर सुबह चलती है और लुधियाना सुबह 9:50 पर पहुंच जाती है।
विज्ञापन
-
हिसार-लुधियाना के बीच पिरथला ललौदा रेलवे स्टेशन एक महत्वपूर्ण स्टॉपेज है लेकिन ट्रेनों का ठहराव न होने से हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर ज्ञापन भी दिए गए लेकिन रेलवे बोर्ड कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।
विज्ञापन
अश्विनी ललोदा, ग्रामीण
-
रेलगाड़ियों का ठहराव न होने से आमजन के साथ साथ रेलवे को भी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है क्योंकि गांवों के रहने वाले लोग हिसार व लुधियाना जाने के लिए इन रेलगाड़ियों से आवागमन करते थे लेकिन अब उन्हे बसों से सफर करना पड़ता है। इससे रेलवे को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है। रेल मंत्रालय को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। डॉ. दलबीर बिश्नोई, पूर्व सरपंच, पिरथला
-
कोरोना काल से बंद पड़ी रेलगाड़ियों को शुरू करवाने के लिए किसान संगठनों, ग्रामीणों, व्यापारियों द्वारा प्रदर्शन किया गया था। इसमें किसान नेता राकेश टिकैत भी पहुंचे थे। अधिकारियों ने समस्या के हल का आश्वासन दिया गया था लेकिन कुछ नहीं हुआ है। सरकार ने जल्द समस्या का हल नहीं किया तो ग्रामीण प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
-रमेश डांगरा, ग्रामीण