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विजिलेंस टीम ने रतिया तहसील में पहुंचकर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Nov 2021 11:30 PM IST
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Vigilance team reached Ratia Tehsil
रतिया (फतेहाबाद)। विजिलेंस टीम ने उच्च अधिकारियों के आदेश पर सोमवार को रतिया तहसील में पहुंचकर फतेहाबाद रोड स्थित बड़ी नहर के पास की विवादित जमीन के रिकॉर्ड की जांच की। विजिलेंस टीम एसआई मनमोहन सिंह के नेतृत्व में पहुंची। टीम ने सबसे पहले रजिस्ट्री क्लर्क के कार्यालय में पहुंचकर बीते दिनों हुई रजिस्ट्री के दस्तावेज लिए व अन्य जानकारी जुटाई। हालांकि, टीम सदस्यों ने मीडियाकर्मियों के समक्ष ज्यादा जानकारी नहीं रखी। मगर इतना जरूर बताया कि वह उच्च अधिकारियों के आदेश पर जांच करने पहुंचे हैं। फिलहाल तहसीलदार ने भी रजिस्ट्री को इंपाउंड करके रिपोर्ट कलेक्टर के पास भेज दी है।
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रतिया निवासी अमृतपाल ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री व उच्चाधिकारियों से करके इंतकाल रोकने की मांग की है। अमृतपाल के बेटे विकास गोयल एक प्रतिनिधिमंडल के साथ विधायक लक्ष्मण नापा से भी मिले और इस मामले में कार्रवाई की मांग की। विधायक लक्ष्मण नापा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे इस मामले की निष्पक्षता से जांच करवाएंगे।
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यह है पूरा मामला
इस मामले में रतिया के मौजूदा एसडीएम भारतभूषण कौशिक पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने नियमों को दरकिनार करते हुए उक्त जमीन की रजिस्ट्री अपनी पत्नी के नाम करवा ली है। अमृतपाल गोयल का आरोप था कि फतेहाबाद रोड पर उनकी लक्ष्मी ऑयल एंड कॉटन फैक्टरी की पांच कनाल 16 मरले 7 सरसाई जमीन है। 8 जून 1993 को परिवार के लोगों में संपत्ति का बंटवारा हो गया, जिसमें यह कॉटन फैक्टरी उनके हिस्से में आ गई। इस जमीन को उन्होंने अपने नाम नहीं करवाया। मगर 29 अक्तूबर को उक्त जमीन खरीदी हुई दिखाई गई है। इस जमीन की एसडीएम की पत्नी व एक अन्य महिला के नाम रजिस्ट्री कर दी गई है। जमीन की फर्द में साफ लिखा है कि यहां गैरमुमकिन कारखाना है। आरोप है कि रजिस्ट्री करते वक्त इस भूमि का कोड बदल कर इसे कृषि भूमि दिखा दिया गया है जबकि इस कारखाने के एक तरफ अस्पताल है तो दूसरी तरफ रिहायशी मकान बने हैं। इस जगह की मार्केट वेल्यू भी ज्यादा है जबकि रजिस्ट्री कम में करवाई गई है। बताया गया है कि नगरपालिका से एनओसी भी नहीं ली गई है।
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आरोप निराधार है, रजिस्ट्री कानूनी दायरे में हुई : एसडीएम
इस जमीन की रजिस्ट्री कानूनी दायरे में रहकर करवाई गई है। मेरे व मेरी पत्नी पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। हम किसी भी तरह की जांच को तैयार हैं। बाकायदा जांच में सहयोग करेंगे।

- भारतभूषण कौशिक, एसडीएम, रतिया
प्रतिनिधिमंडल मिला था, जांच करवाएंगे : विधायक
इस जमीन मामले में अमृतपाल के परिवार के लोगों का प्रतिनिधिमंडल मिला था। मामले की निष्पक्षता से जांच करवाएंगे। प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ है। भ्रष्टाचार बिल्कुल सहन नहीं होगा। गड़बड़ी मिली तो सख्त कार्रवाई भी होगी।
लक्ष्मण नापा, विधायक, रतिया
रजिस्ट्री इंपाउंड कर दी : नायब तहसीलदार
- इस जमीन के मामले को लेकर शिकायत आई है। उसके बाद उक्त जमीन के इंतकाल को इंपाउंड कर दिया गया है। रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
हरभजन दास कंबोज, नायब तहसीलदार, रतिया
इस मामले में कुछ भी बताने में असमर्थ : विजिलेंस डीएसपी
हमारी टीम शिकायतों और सूचना के आधार पर अपनी कार्रवाई करती है। इस मामले में कुछ भी बताने में फिलहाल असमर्थ हूं।
- राकेश कुमार, डीएसपी, विजिलेंस
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