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Fatehabad News: पॉलिसी के नाम पर सब्जी व्यापारी से 2.75 लाख रुपये ठगे, केस दर्ज
Tue, 13 May 2025 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 13 May 2025 11:42 PM IST
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फतेहाबाद। शहर के सब्जी व्यापारी से कोऑपरेटिव सोसायटी के नाम पर पॉलिसी चलाकर ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने सब्जी व्यापारी की शिकायत पर सोसायटी के ब्रांच मैनेजर व दो एजेंट सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
ब्रांच मैनेजर की पत्नी महिला थाना में पुलिसकर्मी के पद तैनात बताई गई है। पुलिस को दी शिकायत में गांव मताना निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि उसकी सब्जी मंडी में मताना फ्रूट कंपनी के नाम से कमीशन एजेंट की दुकान है। उसकी दुकान पर शहर की हनुमान सिंह कॉलोनी निवासी रवि राय, पुलिस लाइन निवासी सुभाष पॉलिसी का प्लान समझाने के लिए आए।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड संस्था प्रतिदिन व महीने अनुसार पैसे की कलेक्शन करके पॉलिसी चलाती है, जिसमें प्रतिदिन 500 रुपये के हिसाब से एक साल में 1 लाख 82 हजार 500 रुपये सोसायटी में जमा होंगे।
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सुरेश कुमार के मुताबिक एक साल पूरा होने पर 6 जनवरी 2025 को पॉलिसी मेच्योर होने के बाद पॉलिसी धारक को 1 लाख 91 हजार 599 रुपये मिलेंगे। इसी प्रकार महीने अनुसार 6 हजार रुपये किस्त की पॉलिसी पांच साल तक भरनी है। पांच साल में कुल 3 लाख 60 हजार रुपये जमा होंगे तो मेच्योर होने पर 5 लाख 13 हजार 810 रुपये मिलेंगे।
वह रवि राय व सुभाष की बातों में आ गया और उसने दो पॉलिसी शुरू कर दी। 500 रुपये वाली पॉलिसी के लिए कलेक्शन डायरी दी गई, जिसमें प्रतिदिन पैसे की इंट्री रवि राय करता था। पॉलिसी में सीपी नाम सुशीला देवी लिखा हुआ था। रवि राय ने सुशीला देवी को भी एजेंट बताया था। सुरेश ने बताया कि वह 500 रुपये वाली पॉलिसी की कुल 346 किस्तों में 1 लाख 73 हजार रुपये व जबकि 6 हजार रुपये वाली पॉलिसी की 17 किस्तों में 1 लाख 2 हजार रुपये भर चुका है।
आरोप है कि पासबुक में इन लोगों ने 10 अक्तूबर 2024 से 30 अक्तूबर 2024 तक की इंट्री की। बाद में यह कहकर इंट्री बंद कर दी कि सॉफ्टवेयर अपडेट हो रहा है, उसके बाद बाकी इंट्री की जाएगी। 31 दिसंबर 2024 तक पॉलिसियों की किस्तें लेनी थी, लेकिन 10 दिसंबर 2024 के बाद इन लोगों ने किस्तों की कलेक्शन बंद कर दी। उसके बाद पूछने पर बताया कि बाकी किश्तें इकट्ठी लेंगे। वह दो महीने तक पता करता रहा।
सुरेश के अनुसार, फिर उसे उनके व्यवहार को देखकर शक होने लगा। रवि राय से बात की तो उसने कहा कि ब्रांच मैनेजर सुभाष से बात करो। ब्रांच मैनेजर से बात की तो वह टाल-मटोल करने लगा। उसने बताया कि उसकी पत्नी महिला थाना में पुलिसकर्मी है हमारे पर विश्वास करो। इन लोगों से जब उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जिसके बाद उसने पुलिस को मामले की शिकायत दी। पुलिस ने डीडीए से राय लेकर रवि राय, सुभाष व सुशीला देवी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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ब्रांच मैनेजर की पत्नी महिला थाना में पुलिसकर्मी के पद तैनात बताई गई है। पुलिस को दी शिकायत में गांव मताना निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि उसकी सब्जी मंडी में मताना फ्रूट कंपनी के नाम से कमीशन एजेंट की दुकान है। उसकी दुकान पर शहर की हनुमान सिंह कॉलोनी निवासी रवि राय, पुलिस लाइन निवासी सुभाष पॉलिसी का प्लान समझाने के लिए आए।
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उन्होंने कहा कि भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड संस्था प्रतिदिन व महीने अनुसार पैसे की कलेक्शन करके पॉलिसी चलाती है, जिसमें प्रतिदिन 500 रुपये के हिसाब से एक साल में 1 लाख 82 हजार 500 रुपये सोसायटी में जमा होंगे।
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सुरेश कुमार के मुताबिक एक साल पूरा होने पर 6 जनवरी 2025 को पॉलिसी मेच्योर होने के बाद पॉलिसी धारक को 1 लाख 91 हजार 599 रुपये मिलेंगे। इसी प्रकार महीने अनुसार 6 हजार रुपये किस्त की पॉलिसी पांच साल तक भरनी है। पांच साल में कुल 3 लाख 60 हजार रुपये जमा होंगे तो मेच्योर होने पर 5 लाख 13 हजार 810 रुपये मिलेंगे।
वह रवि राय व सुभाष की बातों में आ गया और उसने दो पॉलिसी शुरू कर दी। 500 रुपये वाली पॉलिसी के लिए कलेक्शन डायरी दी गई, जिसमें प्रतिदिन पैसे की इंट्री रवि राय करता था। पॉलिसी में सीपी नाम सुशीला देवी लिखा हुआ था। रवि राय ने सुशीला देवी को भी एजेंट बताया था। सुरेश ने बताया कि वह 500 रुपये वाली पॉलिसी की कुल 346 किस्तों में 1 लाख 73 हजार रुपये व जबकि 6 हजार रुपये वाली पॉलिसी की 17 किस्तों में 1 लाख 2 हजार रुपये भर चुका है।
आरोप है कि पासबुक में इन लोगों ने 10 अक्तूबर 2024 से 30 अक्तूबर 2024 तक की इंट्री की। बाद में यह कहकर इंट्री बंद कर दी कि सॉफ्टवेयर अपडेट हो रहा है, उसके बाद बाकी इंट्री की जाएगी। 31 दिसंबर 2024 तक पॉलिसियों की किस्तें लेनी थी, लेकिन 10 दिसंबर 2024 के बाद इन लोगों ने किस्तों की कलेक्शन बंद कर दी। उसके बाद पूछने पर बताया कि बाकी किश्तें इकट्ठी लेंगे। वह दो महीने तक पता करता रहा।
सुरेश के अनुसार, फिर उसे उनके व्यवहार को देखकर शक होने लगा। रवि राय से बात की तो उसने कहा कि ब्रांच मैनेजर सुभाष से बात करो। ब्रांच मैनेजर से बात की तो वह टाल-मटोल करने लगा। उसने बताया कि उसकी पत्नी महिला थाना में पुलिसकर्मी है हमारे पर विश्वास करो। इन लोगों से जब उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जिसके बाद उसने पुलिस को मामले की शिकायत दी। पुलिस ने डीडीए से राय लेकर रवि राय, सुभाष व सुशीला देवी के खिलाफ केस दर्ज किया है।