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फील्ड में 18 घंटे तक खराब नहीं होगी वैक्सीन, आई नई तकनीक के फ्रिज फ्री वैक्सीन कैरियर
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फतेहाबाद। जिला वैक्सीन स्टोर से फील्ड में जाने वाली वैक्सीन अब खराब नहीं होगी। वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की भी टेंशन अब खत्म होने वाली है। स्वास्थ्य विभाग ने नई तकनीक के फ्रिज फ्री वैक्सीन कैरियर भेजे है। इसमें 18 घंटे तक वैक्सीन सुरक्षित रह सकेगी। वैक्सीन कैरियर में आईसपैक को कंडीशन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वैक्सीन कैरियर में 2 से 8 डिग्री तक तापमान रहेगा।
वैक्सीन फ्रिज फ्री कैरियर में करीब 18 घंटे तक सुरक्षित रहेगा। जिले को नई तकनीक के 1100 फ्रिज फ्री वैक्सीन कैरियर मिले है। इन्हें स्वास्थ्य विभाग ने फील्ड में भेज दिया है। कोरोना टीकाकरण के चलते फील्ड में जाने वाली टीम को इस समय सबसे ज्यादा वैक्सीन कैरियर की जरूरत होती है। संवाद
ऐसे काम करेंगे नई तकनीक के वैक्सीन कैरियर
जिला वैक्सीन स्टोर से जब फील्ड में वैक्सीन भेजी जाती है तो उसे उसी तापमान में रखना जरूरी होता है। वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री तक तापमान की जरूरत होती है। लेकिन आईसपैक का तापमान माइनस 15 से 25 डिग्री तक होता है। 2 से 8 डिग्री तक तापमान लाने के लिए इसे आईसपैक को कंडीशन करना पड़ता है। इसके बाद आईसपैक को कैरियर में रखकर उसके साथ वैक्सीन रख दी जाती थी। इस दौरान वैक्सीन 11 घंटे तक सुरक्षित रहती। कई बार वैक्सीन खराब भी हो जाती। लेकिन अब जो नई तकनीक के वैक्सीन कैरियर आए हैं उसमें आईसपैक को कंडीशन करने की जरूरत नहीं है। आईसपैक के लिए अलग से जगह रखी गई है और उसके साथ वैक्सीन के लिए अलग जगह है। वैक्सीन कैरियर में तापमान 2 से 8 डिग्री तक रहेगा और इसमें वैक्सीन 18 घंटे तक सुरक्षित रह सकेगी।
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11 तरह की वैक्सीन को भेजा जाता है कैरियर में
कोरोना टीकाकरण के अलावा फील्ड में समय-समय पर टीकाकरण अभियान होता है। शिशुओं को स्वास्थ्यकेंद्रों के अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों में टीके लगाए जाते है। फील्ड में कोविशील्ड, कोवैक्सीन, पीसीवी, आईपीवी, एमआर, बीसीजी, रोटा, आईपीवी, हेपा, पेंटा और टीडी वैक्सीन इसी कैरियर के द्वारा ही भेजी जाती है।
कोट
टीकाकरण शिविरों में वैक्सीन ले जाने के लिए अब नए तकनीक के वैक्सीन कैरियर आ गए हैं। जिले को 1100 वैक्सीन कैरियर मिले है। इसमें आईसपैक को कंडीशन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- बलवान सिंह, इंचार्ज, जिला वैक्सीन केंद्र
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वैक्सीन फ्रिज फ्री कैरियर में करीब 18 घंटे तक सुरक्षित रहेगा। जिले को नई तकनीक के 1100 फ्रिज फ्री वैक्सीन कैरियर मिले है। इन्हें स्वास्थ्य विभाग ने फील्ड में भेज दिया है। कोरोना टीकाकरण के चलते फील्ड में जाने वाली टीम को इस समय सबसे ज्यादा वैक्सीन कैरियर की जरूरत होती है। संवाद
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ऐसे काम करेंगे नई तकनीक के वैक्सीन कैरियर
जिला वैक्सीन स्टोर से जब फील्ड में वैक्सीन भेजी जाती है तो उसे उसी तापमान में रखना जरूरी होता है। वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री तक तापमान की जरूरत होती है। लेकिन आईसपैक का तापमान माइनस 15 से 25 डिग्री तक होता है। 2 से 8 डिग्री तक तापमान लाने के लिए इसे आईसपैक को कंडीशन करना पड़ता है। इसके बाद आईसपैक को कैरियर में रखकर उसके साथ वैक्सीन रख दी जाती थी। इस दौरान वैक्सीन 11 घंटे तक सुरक्षित रहती। कई बार वैक्सीन खराब भी हो जाती। लेकिन अब जो नई तकनीक के वैक्सीन कैरियर आए हैं उसमें आईसपैक को कंडीशन करने की जरूरत नहीं है। आईसपैक के लिए अलग से जगह रखी गई है और उसके साथ वैक्सीन के लिए अलग जगह है। वैक्सीन कैरियर में तापमान 2 से 8 डिग्री तक रहेगा और इसमें वैक्सीन 18 घंटे तक सुरक्षित रह सकेगी।
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11 तरह की वैक्सीन को भेजा जाता है कैरियर में
कोरोना टीकाकरण के अलावा फील्ड में समय-समय पर टीकाकरण अभियान होता है। शिशुओं को स्वास्थ्यकेंद्रों के अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों में टीके लगाए जाते है। फील्ड में कोविशील्ड, कोवैक्सीन, पीसीवी, आईपीवी, एमआर, बीसीजी, रोटा, आईपीवी, हेपा, पेंटा और टीडी वैक्सीन इसी कैरियर के द्वारा ही भेजी जाती है।
कोट
टीकाकरण शिविरों में वैक्सीन ले जाने के लिए अब नए तकनीक के वैक्सीन कैरियर आ गए हैं। जिले को 1100 वैक्सीन कैरियर मिले है। इसमें आईसपैक को कंडीशन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- बलवान सिंह, इंचार्ज, जिला वैक्सीन केंद्र