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Fatehabad News: बेमौसम बारिश ने फेरा किसानों के अरमानों पर पानी
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फतेहाबाद शहर में बारिश के दौरान जाते हुए वाहन।
फतेहाबाद/समैन। सरसों और गेहूं की फसल लगभग तैयार है और ऐसे में शनिवार शाम को शुरू हुई बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फिरा दिया है। तेज हवाओं के साथ आई बारिश से गेहूं व सरसों की फसल खेतों में बिछ गईं। किसानों के अनुसार बारिश से पछेती गेहूं की फसल के दाने पर काला निशान आ सकता है। जिले में 24 घंटे में छह डिग्री तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान छह डिग्री लुढ़ककर 22 डिग्री व न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं शनिवार को 14.5 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलीं।
फतेहाबाद में दिनभर जहां आसमान में बादल छाए रहे, वहीं शाम को बारिश शुरू हो गई, जिस कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी गई। बारिश के कारण गेहूं व सरसों की फसल बिछ गई है और किसान प्रकृति के इस रूप के आगे मायूस दिखाई दिए। गांव धांगड़ निवासी किसान रामसिंह ने बताया कि गेहूं की बुवाई के बाद से फसल तैयार होने तक फसल को जानवरों से बचाने के लिए रात-रात जागकर खेतों के चक्कर लगाए, ताकि आवारा पशुओं से फसलों को बचाया जा सके। फसलों को जानवरों से तो बचा लिया गया, लेकिन कुदरत की मार से कैसे बचाया जाए। दौलतपुर के किसान संजीव कुमार ,सिरताज आदि ने बताया कि सरसों की फसल अच्छी हुई है, फसल को काटकर खेतों में साफ करने के लिए लगाया गया है। वहीं, खेतों में पड़ी सरसों की फसल पानी से भींगकर खराब हो जाएगी। ऐसे में गुणवत्ता खराब होने से काफी नुकसान होगा। बारिश के कारण अब सरसों की कटाई का काम भी दो या तीन रुक जाएगा, क्योंकि खेतों में पानी भरने से सरसों की कटाई नहीं हो सकती। समैन क्षेत्र में शुक्रवार रात व शनिवार सुबह हुई बारिश व तेज हवाओं ने किसानों की माथे पर चिंता की लकीरों को गहरा कर दिया है। गौरतलब है कि फिलहाल किसान के खेतों में गेहूं व सरसों दोनों ही फसलें पकाई पर है। एक तरफ जहां गेंहू की फसल की कटाई अगले महीने की शुरूआत में शुरू होने की संभावना है। वहीं सरसों की फसल की कटाई शुरूआत हो चुकी है। ऐसे में किसानों को आशंका है कि यदि यह बेमौसमी बारिश ओर ज्यादा हुई तो गेंहू की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान होगा।
इस बारिश से कमजोर हो जाएगी गेहूं की फसल
टोहाना खंड के गांव समैन, कन्हड़ी, गाजुवाला, नांगला, नांगली, पिरथला, पारता, ललोदा, लोहाखेड़ा, डांगरा, बिढाई खेड़ा सहित आस-पास के गांवों में शुक्रवार को हुई बारिश व तेज हवाएं चलने से गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। किसानों का कहना है कि इस समय की बारिश से गेहूं की फसल कमजोर हो जाएगी। किसान सतीश कुमार, दर्शन सिंह, रमेश कुमार, कृष्ण सिंह, राजबीर सिंह, संतलाल ने कहा कि फिलहाल गेहूं की फसल पकाई पर है। गेहूं की बालियों में गेहूं का दाना पक जाता है। यदि उस दाने पर बारिश का पानी लग जाए तो वह पूरी तरह से खराब हो जाएगा, जिसका सीधा असर गेहूं के उत्पादन पर होगा। फिलहाल किसान गेहूं की फसल में ज्यादा सिंचाई करने से बच रहे हैं।
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बड़ोपल में जोहड़ को साफ करने का काम शुरू
गांव बड़ोपल में बारिश के मौसम को देखते हुए गांव के केंद्रीय विद्यालय के नजदीक के जोहड़ को साफ करने का काम शुरू किया गया है। सरपंच रेशमा देवी ने बताया कि जोहड़ के पानी को दो मोटरों के द्वारा नहर में डाला जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि बारिश का पानी जोहड़ में जमा हो जाएगा, जिससे कि गांव में जलभराव से बचाव होगा साथ ही जमा पानी को सिंचाई के लिए प्रयोग किया जाएगा।
कोट
फतेहाबाद सहित अनेक जिलों में बारिश की संभावना बन रही है। अगले दो दिन भी बारिश की आशंका है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते 20 मार्च तक मौसम ऐसे ही परिवर्तनशील रहेगा और बारिश हल्की बूंदाबांदी व तेज बारिश हो सकती है।
-डॉ. मदन खीचड़, अध्यक्ष कृषि मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू हिसार।
फोटो 14 सीरिज
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फतेहाबाद में दिनभर जहां आसमान में बादल छाए रहे, वहीं शाम को बारिश शुरू हो गई, जिस कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी गई। बारिश के कारण गेहूं व सरसों की फसल बिछ गई है और किसान प्रकृति के इस रूप के आगे मायूस दिखाई दिए। गांव धांगड़ निवासी किसान रामसिंह ने बताया कि गेहूं की बुवाई के बाद से फसल तैयार होने तक फसल को जानवरों से बचाने के लिए रात-रात जागकर खेतों के चक्कर लगाए, ताकि आवारा पशुओं से फसलों को बचाया जा सके। फसलों को जानवरों से तो बचा लिया गया, लेकिन कुदरत की मार से कैसे बचाया जाए। दौलतपुर के किसान संजीव कुमार ,सिरताज आदि ने बताया कि सरसों की फसल अच्छी हुई है, फसल को काटकर खेतों में साफ करने के लिए लगाया गया है। वहीं, खेतों में पड़ी सरसों की फसल पानी से भींगकर खराब हो जाएगी। ऐसे में गुणवत्ता खराब होने से काफी नुकसान होगा। बारिश के कारण अब सरसों की कटाई का काम भी दो या तीन रुक जाएगा, क्योंकि खेतों में पानी भरने से सरसों की कटाई नहीं हो सकती। समैन क्षेत्र में शुक्रवार रात व शनिवार सुबह हुई बारिश व तेज हवाओं ने किसानों की माथे पर चिंता की लकीरों को गहरा कर दिया है। गौरतलब है कि फिलहाल किसान के खेतों में गेहूं व सरसों दोनों ही फसलें पकाई पर है। एक तरफ जहां गेंहू की फसल की कटाई अगले महीने की शुरूआत में शुरू होने की संभावना है। वहीं सरसों की फसल की कटाई शुरूआत हो चुकी है। ऐसे में किसानों को आशंका है कि यदि यह बेमौसमी बारिश ओर ज्यादा हुई तो गेंहू की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान होगा।
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इस बारिश से कमजोर हो जाएगी गेहूं की फसल
टोहाना खंड के गांव समैन, कन्हड़ी, गाजुवाला, नांगला, नांगली, पिरथला, पारता, ललोदा, लोहाखेड़ा, डांगरा, बिढाई खेड़ा सहित आस-पास के गांवों में शुक्रवार को हुई बारिश व तेज हवाएं चलने से गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। किसानों का कहना है कि इस समय की बारिश से गेहूं की फसल कमजोर हो जाएगी। किसान सतीश कुमार, दर्शन सिंह, रमेश कुमार, कृष्ण सिंह, राजबीर सिंह, संतलाल ने कहा कि फिलहाल गेहूं की फसल पकाई पर है। गेहूं की बालियों में गेहूं का दाना पक जाता है। यदि उस दाने पर बारिश का पानी लग जाए तो वह पूरी तरह से खराब हो जाएगा, जिसका सीधा असर गेहूं के उत्पादन पर होगा। फिलहाल किसान गेहूं की फसल में ज्यादा सिंचाई करने से बच रहे हैं।
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बड़ोपल में जोहड़ को साफ करने का काम शुरू
गांव बड़ोपल में बारिश के मौसम को देखते हुए गांव के केंद्रीय विद्यालय के नजदीक के जोहड़ को साफ करने का काम शुरू किया गया है। सरपंच रेशमा देवी ने बताया कि जोहड़ के पानी को दो मोटरों के द्वारा नहर में डाला जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि बारिश का पानी जोहड़ में जमा हो जाएगा, जिससे कि गांव में जलभराव से बचाव होगा साथ ही जमा पानी को सिंचाई के लिए प्रयोग किया जाएगा।
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फतेहाबाद सहित अनेक जिलों में बारिश की संभावना बन रही है। अगले दो दिन भी बारिश की आशंका है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते 20 मार्च तक मौसम ऐसे ही परिवर्तनशील रहेगा और बारिश हल्की बूंदाबांदी व तेज बारिश हो सकती है।
-डॉ. मदन खीचड़, अध्यक्ष कृषि मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू हिसार।
फोटो 14 सीरिज