फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Two years imprisonment to the mother found guilty of assaulting her three-year-old adopted son

Fatehabad News: तीन साल के दत्तक पुत्र से मारपीट की दोषी मां को दो साल की कैद

Tue, 12 Dec 2023 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Tue, 12 Dec 2023 11:27 PM IST
विज्ञापन
Two years imprisonment to the mother found guilty of assaulting her three-year-old adopted son
फतेहाबाद। एसीजेएम डॉ. सविता कुमारी की अदालत ने तीन साल के गोद लिए बेटे को पीटने के मामले की सुनवाई करते हुए दोषी मां को दो साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी महिला को बच्चे के नाम पर दो लाख की एफडी भी करवाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने अपने फैसले में महिला के खिलाफ तीखी टिप्पणी भी की है।
विज्ञापन


प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठाकर बस्ती निवासी महिला रेनूबाला ने पंजाब के बठिंडा की रहने वाली महिला शालू से उसका तीन साल का बच्चा गोद लिया था। बताया गया है कि वर्ष 2018 में किसी ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, जिसमें रेनूबाला तीन साल के बच्चे को बेरहमी से पीट रही थी। बात बाल कल्याण समिति के पास पहुंच गई और बच्चे को समिति ने अपने संरक्षण में ले लिया था। बच्चे की काउंसलिंग के बाद बाल कल्याण समिति द्वारा 22 अगस्त 2018 को आरोपी महिला के खिलाफ शहर थाने में जस्टिस जुवेनाइल एक्ट के तहत केस दर्ज करवाया था। बाल कल्याण समिति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि बच्चे को जब संरक्षण में लिया गया, तब उसकी हालत ठीक नहीं थी। बच्चे ने काउंसलिंग में बताया कि बच्चे को उसकी मां थप्पड़ मारती है, टांग मारती है और देखने पर पाया गया कि बच्चे की बेरहमी से पिटाई की गई है। बच्चे की आंखों पर सूजन व कान पर से खून देखा जा सकता था। साथ ही ऐसा प्रतीत होता था कि बच्चे को कम दिखाई देता है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने रेनूबाला को दोषी मानते हुए उसे दो साल की सजा सुनाई है। साथ ही उसे बच्चे के नाम पर दो लाख की एफडी करवाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन





कोर्ट ने कहा
आदेश सुनाने से पहले अदालत ने कहा कि एक गोद लिए बच्चे के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था। उसके साथ क्रूरता की गई है। अगर बच्चा गोद लिया गया था तो महिला को उसका अच्छे से लालन-पोषण करना चाहिए था, उसके साथ क्रूर व्यवहार किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed