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Fatehabad News: स्नानघर की छत गिरने से दो साल के मासूम की मौत
Thu, 14 Nov 2024 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 14 Nov 2024 11:18 PM IST
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फतेहाबाद। गांव भोडिया खेड़ा में वीरवार सुबह स्नानघर की छत गिरने से दो साल के मासूम शनिराज की मौत हो गई। स्नानघर की छत के ऊपर दो हजार लीटर पानी की टंकी रखी थी। अंदेशा जताया जा रहा है कि वजन न सहने के कारण छत टूट गई और घटना घटित हो गई।
वहीं हादसे के बाद बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन बच्चे के शव को बिना पोस्टमार्टम ले गए और उसकी अंतिम क्रिया की। मृतक बच्चे के दादा उमेश ने बताया कि वीरवार सुबह पोता शौचालय में शौच के लिए गया था। इसके बाद मां उसे नहलाने के लिए स्नानघर में ले गई। मां स्नानघर से बाहर आई तो अचानक से छत गिर गई। पोता अंदर ही था जो कि मलबे के नीचे दब गया।
गंभीर हालत में घायल पोते को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लेकर आए। यहां जांच के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। उमेश ने बताया कि स्नानघर की छत पत्थर की सिल्ली से बनी हुई थी और उस पर दो हजार लीटर पानी की टंकी रखी थी। वजन सहन न करने के कारण स्लिली टूट गई और नीचे गिर गई और पानी की टंकी भी साथ आ गई।
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- पिता करते हैं दुकान पर काम
दादा उमेश ने बताया कि वह मजदूरी करता है और उसका बेटा रंग-पेंट की दुकान का काम करता है। बच्चा खेलते-खेलते हुए शौच करने के लिए गया था और फिर कहने लगा कि मां साफ करेगी। मां उसकी स्नानघर में ले गई। लेकिन पता नहीं था कि ये हादसा हो जाएगा और मासूम पोते की जान चली जाएगी।
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वहीं हादसे के बाद बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन बच्चे के शव को बिना पोस्टमार्टम ले गए और उसकी अंतिम क्रिया की। मृतक बच्चे के दादा उमेश ने बताया कि वीरवार सुबह पोता शौचालय में शौच के लिए गया था। इसके बाद मां उसे नहलाने के लिए स्नानघर में ले गई। मां स्नानघर से बाहर आई तो अचानक से छत गिर गई। पोता अंदर ही था जो कि मलबे के नीचे दब गया।
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गंभीर हालत में घायल पोते को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लेकर आए। यहां जांच के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। उमेश ने बताया कि स्नानघर की छत पत्थर की सिल्ली से बनी हुई थी और उस पर दो हजार लीटर पानी की टंकी रखी थी। वजन सहन न करने के कारण स्लिली टूट गई और नीचे गिर गई और पानी की टंकी भी साथ आ गई।
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- पिता करते हैं दुकान पर काम
दादा उमेश ने बताया कि वह मजदूरी करता है और उसका बेटा रंग-पेंट की दुकान का काम करता है। बच्चा खेलते-खेलते हुए शौच करने के लिए गया था और फिर कहने लगा कि मां साफ करेगी। मां उसकी स्नानघर में ले गई। लेकिन पता नहीं था कि ये हादसा हो जाएगा और मासूम पोते की जान चली जाएगी।