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Fatehabad News: दो महिलाओं पर गीदड़ का हमला, कई पशुओं को भी काटकर किया जख्मी
Mon, 13 Jan 2025 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 13 Jan 2025 11:45 PM IST
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फतेहाबाद। गांव बीघड़ में नहर के पास ढाणी में रह रहे दो परिवारों की दो महिलाओं पर गीदड़ ने हमला कर दिया। घायल महिलाओं को फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। घायल महिला रितु और सुमित्रा का उपचार चल रहा है। वही हमले में दो पशु भी जख्मी हुए हैं।
वहीं गीदड़ के हमले के बाद आसपास क्षेत्र में दहशत का माहौल है। नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन महिला रितु ने बताया कि सोमवार सुबह जब वह पशुओं के लिए चारा तैयार कर रही थी, इस दौरान गीदड़ आया और हमला कर दिया। इसके बाद उसने दो पशुओं को भी जख्मी कर दिया। इसके बाद गीदड़ पड़ोसी के घर में घुस गया और वहां सुमित्रा पर हमला कर दिया।
गीदड़ ने सुमित्रा के हाथ और मुंह को नोच दिया। जिससे उसकी आंख के पास चोट आई है। सुमित्रा ने बताया कि पहले गीदड़ की संख्या कम थी और हिंसक भी नहीं थे। लेकिन अब संख्या भी बढ़ गई और वे हिंसक भी हो गए हैं।
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-अगर न छुड़वाता तो सुमित्रा को मार देते
ग्रामीण पप्पू ने बताया कि पहले गांव में गीदड़ थे लेकिन संख्या बहुत कम थी। अब पिछले कुछ दिनों से उनकी संख्या काफी बढ़ चुकी है। गांव के पास बनी एक पुरानी नहर के पास 200 से 300 गीदड़ रह रहे हैं। ये अब लोगों पर हमला करने लगे हैं और पशुओं को भी नहीं छोड़ते। जिस कारण लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। सुबह सुमित्रा को बुरी तरह से नोंच लिया और अगर वह न छुड़वाता तो उसे मार देते।
- गीदड़ ने पहली बार किया है हमला
बीघड़ हेड निवासी रोहताश ने बताया कि क्षेत्र में काफी गीदड़ हो चुके हैं। जो कि रात को ढाणी के आसपास आ जाते हैं। पहली बार गीदड़ ने इस तरह से हमला किया है। ऐसे में अब रात को पशुओं पर हमले की चिंता सताने लगी है। प्रशासन इन्हें पकड़ने की व्यवस्था करें।
- काजलहेड़ी में कर चुके हैं हमला
गांव काजलहेड़ी में भी पिछले माह एक किसान पर गीदड़ ने हमला कर दिया था। किसान खेत में काम करने गया था कि अचानक खेत में छुप कर बैठा गीदड़ उस पर टूट पड़ा। गनीमत रही की सड़क से गुजर रहे एक बाइक का शोर सुनकर गीदड़ थोड़ा भयभीत हुआ, जिससे किसान को बचने का मौका मिल गया था। हालांकि फिर भी गीदड़ ने किसान का होंठ चबा खाया था।
रैबीज के चलते पागल हुआ हो सकता है गीदड़
वन्य जीव प्राणी विभाग, फतेहाबाद के इंस्पेक्टर रामकेश ने बताया कि गीदड़ खुद एक डरपोक प्राणी है, अगर यह समूह में हो तो भी हमला नहीं करता। यह अपने भोजन के लिए शिकार तक भी नहीं करता। अमूमन यह मरे हुए जीवों का ही मांस खाता है। हमले का कारण इसके व्यवहार में परिवर्तन होना या फिर दिमागी रूप से इसके परेशान होने के चलते किसी के सामने आने पर हुआ होगा। या फिर जिस तरह से रैबीज के चलते कुत्ता पागल हो जाता है वैसे ही कोई गीदड़ पागल हुआ हो सकता है और उसने हमला किया होगा। गीदड़ की प्रजाति ऐसी नहीं है कि वह हमला करे। कई बार कोई अचानक से इनके सामने आ जाता है तो खरोंच आदि मार देते हैं। अगर गीदड़ लोगों पर बार-बार हमला कर रहे हैं तो उन्हें पिंजरा लगाकर पकड़ा जाएगा।
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वहीं गीदड़ के हमले के बाद आसपास क्षेत्र में दहशत का माहौल है। नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन महिला रितु ने बताया कि सोमवार सुबह जब वह पशुओं के लिए चारा तैयार कर रही थी, इस दौरान गीदड़ आया और हमला कर दिया। इसके बाद उसने दो पशुओं को भी जख्मी कर दिया। इसके बाद गीदड़ पड़ोसी के घर में घुस गया और वहां सुमित्रा पर हमला कर दिया।
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गीदड़ ने सुमित्रा के हाथ और मुंह को नोच दिया। जिससे उसकी आंख के पास चोट आई है। सुमित्रा ने बताया कि पहले गीदड़ की संख्या कम थी और हिंसक भी नहीं थे। लेकिन अब संख्या भी बढ़ गई और वे हिंसक भी हो गए हैं।
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-अगर न छुड़वाता तो सुमित्रा को मार देते
ग्रामीण पप्पू ने बताया कि पहले गांव में गीदड़ थे लेकिन संख्या बहुत कम थी। अब पिछले कुछ दिनों से उनकी संख्या काफी बढ़ चुकी है। गांव के पास बनी एक पुरानी नहर के पास 200 से 300 गीदड़ रह रहे हैं। ये अब लोगों पर हमला करने लगे हैं और पशुओं को भी नहीं छोड़ते। जिस कारण लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। सुबह सुमित्रा को बुरी तरह से नोंच लिया और अगर वह न छुड़वाता तो उसे मार देते।
- गीदड़ ने पहली बार किया है हमला
बीघड़ हेड निवासी रोहताश ने बताया कि क्षेत्र में काफी गीदड़ हो चुके हैं। जो कि रात को ढाणी के आसपास आ जाते हैं। पहली बार गीदड़ ने इस तरह से हमला किया है। ऐसे में अब रात को पशुओं पर हमले की चिंता सताने लगी है। प्रशासन इन्हें पकड़ने की व्यवस्था करें।
- काजलहेड़ी में कर चुके हैं हमला
गांव काजलहेड़ी में भी पिछले माह एक किसान पर गीदड़ ने हमला कर दिया था। किसान खेत में काम करने गया था कि अचानक खेत में छुप कर बैठा गीदड़ उस पर टूट पड़ा। गनीमत रही की सड़क से गुजर रहे एक बाइक का शोर सुनकर गीदड़ थोड़ा भयभीत हुआ, जिससे किसान को बचने का मौका मिल गया था। हालांकि फिर भी गीदड़ ने किसान का होंठ चबा खाया था।
रैबीज के चलते पागल हुआ हो सकता है गीदड़
वन्य जीव प्राणी विभाग, फतेहाबाद के इंस्पेक्टर रामकेश ने बताया कि गीदड़ खुद एक डरपोक प्राणी है, अगर यह समूह में हो तो भी हमला नहीं करता। यह अपने भोजन के लिए शिकार तक भी नहीं करता। अमूमन यह मरे हुए जीवों का ही मांस खाता है। हमले का कारण इसके व्यवहार में परिवर्तन होना या फिर दिमागी रूप से इसके परेशान होने के चलते किसी के सामने आने पर हुआ होगा। या फिर जिस तरह से रैबीज के चलते कुत्ता पागल हो जाता है वैसे ही कोई गीदड़ पागल हुआ हो सकता है और उसने हमला किया होगा। गीदड़ की प्रजाति ऐसी नहीं है कि वह हमला करे। कई बार कोई अचानक से इनके सामने आ जाता है तो खरोंच आदि मार देते हैं। अगर गीदड़ लोगों पर बार-बार हमला कर रहे हैं तो उन्हें पिंजरा लगाकर पकड़ा जाएगा।