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Fatehabad News: अणु विद्युत परियोजना की दो यूनिट वर्ष 2031 में होंगी शुरू, हरियाणा और केंद्र को मिलेगा फायदा
Sat, 14 Jun 2025 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 14 Jun 2025 11:28 PM IST
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फतेहाबाद। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल को फतेहाबाद
फतेहाबाद। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एवं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहरलाल ने शनिवार को गोरखपुर स्थित अणु विद्युत परियोजना का दौरा कर समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि 700-700 मेगावाट की चार यूनिट शुरू होनी हैं। दो यूनिट वर्ष 2031 में शुरू होगी और दो यूनिट वर्ष 2032 तक शुरू हो पाएंगी।
जबकि यूनिट शुरू होने का समय वर्ष 2027 तक रखा गया था। तकनीकी कारणों और रेतीली जगह की वजह से बेस मजबूत करने के लिए समय लग रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यहां जारी निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों को तय मानक अनुसार जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा वातावरण के लिहाज से बेहतर ऊर्जा उत्पादन का माध्यम है। समीक्षा बैठक में एनपीसीआईएल के परियोजना निदेशक जिवेंद्र कुमार जैन ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से परमाणु ऊर्जा विभाग और एनपीसीआईएल के कार्यों की जानकारी के अलावा परमाणु ऊर्जा उत्पादन की बढ़ोतरी, गोरखपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण कार्यों, सीएसआर और जागरूकता कार्यक्रमों के बारे में बताया।
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50 प्रतिशत केंद्र और 50 प्रतिशत हरियाणा को मिलेगी बिजली
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल हरियाणा बल्कि उत्तर भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी। इस परियोजना के शुरू होने से 50 फीसदी विद्युत हरियाणा और 50 फीसदी केंद्र को मिलेगी। केंद्र इस परियोजना पर 42 हजार करोड़ रुपये लगा रहा है। जब यूनिट शुरू होंगी तब टेरिफ तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएं देश को साल 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने की दिशा में यह परियोजना दूरदर्शी कदम है।
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जबकि यूनिट शुरू होने का समय वर्ष 2027 तक रखा गया था। तकनीकी कारणों और रेतीली जगह की वजह से बेस मजबूत करने के लिए समय लग रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यहां जारी निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों को तय मानक अनुसार जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा वातावरण के लिहाज से बेहतर ऊर्जा उत्पादन का माध्यम है। समीक्षा बैठक में एनपीसीआईएल के परियोजना निदेशक जिवेंद्र कुमार जैन ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से परमाणु ऊर्जा विभाग और एनपीसीआईएल के कार्यों की जानकारी के अलावा परमाणु ऊर्जा उत्पादन की बढ़ोतरी, गोरखपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण कार्यों, सीएसआर और जागरूकता कार्यक्रमों के बारे में बताया।
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50 प्रतिशत केंद्र और 50 प्रतिशत हरियाणा को मिलेगी बिजली
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल हरियाणा बल्कि उत्तर भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी। इस परियोजना के शुरू होने से 50 फीसदी विद्युत हरियाणा और 50 फीसदी केंद्र को मिलेगी। केंद्र इस परियोजना पर 42 हजार करोड़ रुपये लगा रहा है। जब यूनिट शुरू होंगी तब टेरिफ तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएं देश को साल 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने की दिशा में यह परियोजना दूरदर्शी कदम है।