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दर्दनाक : इस गांव में मरे ढाई सौ पक्षी, वजह जानकर रह जाएंगे दंग ..
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जहरीला दाना चुगने से खाराखेड़ी-कुम्हारिया रोड पर मृत पक्षी को ले जाता वन्यकर्मी।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में ढाई सौ पक्षियों और डेढ़ हजार मुर्गों की मौत हो गई। पहली घटना खाराखेड़ी-कुम्हारिया रोड की है। यहां संदिग्ध परिस्थितियों में ढाई सौ के करीब पक्षी मृत मिले हैं। प्रथम दृष्टया यह आशंका जताई जा रही है कि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर इन पक्षियों को जहरीले दाने डाल दिए, जिनको खाने से इन पक्षियों की मौत हो गई। पक्षियों में अधिकतर कबूतर हैं जबकि कौवे छोटा बाज पक्षी मृत में शुमार हैं। सबसे पहले गांव के ग्रामीणों ने इसकी सूचना खाराखेड़ी गांव के सरपंच राजेेंद्र खिलेरी को दी जिन्होंने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर आसपास के ग्रामीणों से इस बारे में पूछताछ की। बाद में वन्य प्राणी विभाग को इस बारे में सूचना दी गई, जिसके बाद विभाग की एक टीम राजबीर के नेतृत्व में पहुंची और मृत पक्षियों के शवों को एकत्रित कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर इतनी तादाद में पक्षियों की मौत का कारण जहरीला दाना ही है या कोई अन्य वजह। बहरहाल इतनी तादाद में कबूतर व अन्य प्रजातियों के पक्षियों की मौत से वन्य प्राणी विभाग में भी हड़कंप की स्थिति है। मौके पर पहुंची टीम के समक्ष कुछ लोगों ने पास में रहने वाले एक शराबी व्यक्ति पर संदेह जताया है, लेकिन वन्य प्राणी विभाग की टीम सोमवार को गांव बड़ोपल में ही मृत पक्षियों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने के बारे में विचार कर रहा है। तकरीबन ढाई सौ पक्षियों की मौत हुई है। इन पक्षियों में ज्यादातर कबूतर हैं। प्रथम दृष्टया तो ये जहरीले दानों के कारण मौत का मामला लग रहा है, लेकिन असल वजह पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी।
- जयविंदर नहरा, इंस्पेक्टर, वन्य प्राणी विभाग।
दूसरी घटना गांव मानावाली की है। शनिवार देर रात यहां पर स्थित एक मुर्गी फार्म की छत गिरने से उसके नीचे दबकर तकरीबन 15 सौ मुर्गों की मौत हो गई जबकि सात सौ के करीब मुर्गे गंभीर रूप से घायल हो गए। मुर्गी फार्म के मालिक संदीप कुमार का कहना है कि घायल मुर्गों के बचने की संभावना भी बेहद कम है। छत गिरने के पीछे आसमानी बिजली को मुख्य कारण बताया गया है।
मानावाली मुर्गी फार्म के मालिक संदीप कुमार ने बताया कि वो पिछले लंबे समय से मुर्गी पालन का काम कर रहा है। बीते दो दिनों से यहां पर लगातार तेज बारिश हो रही है और शनिवार देर रात भी अचानक आसमानी बिजली फार्म की छत पर आकर गिरी, जिसके बाद छत भरभराकर नीचे आ गिरी। फार्म पर काम करने वाले मजदूरों ने इसकी सूचना दी और छत के नीचे से मुर्गों को निकालने का काम शुरू कर दिया। अभी तक 15 सौ के करीब मुर्गों की मौत हो चुकी है और सात सौ के करीब घायल हैं जिनके बचने की संभावना कम है। संदीप कुमार की मानें तो उसका लगभग छह लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
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- जयविंदर नहरा, इंस्पेक्टर, वन्य प्राणी विभाग।
दूसरी घटना गांव मानावाली की है। शनिवार देर रात यहां पर स्थित एक मुर्गी फार्म की छत गिरने से उसके नीचे दबकर तकरीबन 15 सौ मुर्गों की मौत हो गई जबकि सात सौ के करीब मुर्गे गंभीर रूप से घायल हो गए। मुर्गी फार्म के मालिक संदीप कुमार का कहना है कि घायल मुर्गों के बचने की संभावना भी बेहद कम है। छत गिरने के पीछे आसमानी बिजली को मुख्य कारण बताया गया है।
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मानावाली मुर्गी फार्म के मालिक संदीप कुमार ने बताया कि वो पिछले लंबे समय से मुर्गी पालन का काम कर रहा है। बीते दो दिनों से यहां पर लगातार तेज बारिश हो रही है और शनिवार देर रात भी अचानक आसमानी बिजली फार्म की छत पर आकर गिरी, जिसके बाद छत भरभराकर नीचे आ गिरी। फार्म पर काम करने वाले मजदूरों ने इसकी सूचना दी और छत के नीचे से मुर्गों को निकालने का काम शुरू कर दिया। अभी तक 15 सौ के करीब मुर्गों की मौत हो चुकी है और सात सौ के करीब घायल हैं जिनके बचने की संभावना कम है। संदीप कुमार की मानें तो उसका लगभग छह लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
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