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Fatehabad News: वन विभाग की एनओसी से अटकी ढाई किमी लंबी सीवरेज पाइपलाइन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Aug 2024 12:41 AM IST
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Two and a half km long sewerage pipeline stuck due to Forest Department's NOC
फतेहाबाद के सेक्टर-5 में ​स्थित नये बस स्टैंड का भवन।
फतेहाबाद। शहर के हिसार रोड पर नए बस स्टैंड को शुरू हुए दो साल का समय हो चुका है लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग सीवरेज पाइप लाइन नहीं डाल पाया है। एक प्रपोजल रद्द होने के बाद चार साल बीते लेकिन नया प्रस्ताव तैयार नहीं हुआ है। वन विभाग की एनओसी ने बस स्टैंड की ढाई किमी लंबी सीवरेज लाइन का निर्माण लटका दिया है। जनस्वास्थ्य विभाग को पिछला प्रपोजल इसलिए रद्द करना पड़ा, क्यों कि वन विभाग ने करीब 410 पेड़ों को काटने के लिए एनओसी नहीं दी।
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हालात ये हैं कि बस स्टैंड पर शौचालयों के लिए बने सेप्टिक टैंक ओवरफ्लो हो रहे हैं। रोडवेज ने नए बस स्टैंड पर सीवरेज लाइन डालने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को चार साल पहले तीन करोड़ रुपये दे चुका है। मामला उठा तो जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नया प्रपोजल बनाया जा रहा है और पंपिंग सिस्टम से सीवरेज व्यवस्था की जाएगी। लेकिन सवाल ये है कि जनस्वास्थ्य चार साल में नया प्रपोजल क्यों तैयार नहीं कर पाया है। जबकि प्रदेश का पहला बस स्टैंड है जो कि चार मंजिला है। ये करीब 20 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है। संवाद
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हुडा सेक्टर तक बिछाई जानी है पाइप लाइन
वर्ष 2017 में नए बस स्टैंड का निर्माण शुरू हुआ और वर्ष 2020 में बनकर तैयार हो गया। लेकिन सीवरेज और पानी पाइप लाइन न बिछने के कारण दो साल देरी से वर्ष 2022 में शुरू किया गया। लेकिन सीवरेज लाइन नहीं बिछ पाई। जनस्वास्थ्य विभाग ने पाइप लाइन डालने के लिए वन विभाग से पोर्टल पर एनओसी मांगी लेकिन देने से मना कर दिया गया। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एनओसी न मिलने और दूसरा खोदाई भी करीब 20 फुट करनी पड़ती, जिसमें हादसे होने का अंदेशा रहता। अब जो प्रपोजल तैयार किया जा रहा है उसके मुताबिक छोटी पाइप लाइन जो करीब ढाई किलोमीटर तक हुडा सेक्टर तीन के चौक तक बिछाई जाएगी। पंपिंग सिस्टम से बस स्टैंड से लेकर चौक तक निकासी की जाएगी। हालांकि अभी तक इसको लेकर एस्टीमेट तैयार नहीं हुआ है।
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रोजाना यहां आते हैं सैंकड़ों यात्री
शहर का नया बस स्टैंड पुराने बस स्टैंड से करीब 5 से 6 किलोमीटर दूर है। रोडवेज की यहां पर 110 बसे हैं। इसके अलावा सहकारी समिति की भी बसें हैं। यहां पर रोजाना हजारों की संख्या में यात्री पहुंचते हैं। इसके अलावा कई सरकारी विभागों को भी यहां पर शिफ्ट करने की तैयारी है।

कोट
पोर्टल पर एनओसी के लिए आवेदन किया गया था। मौके का मुआयना किया गया तो उसमें सामने आया कि काफी पेड़ कटेंगे। इसके चलते एनओसी देने से मना किया गया है।
- राजेश लीलड़, जिला वन अधिकारी
कोट
वन विभाग ने एनओसी नहीं दी और दूसरा कारण ये भी है कि खोदाई करीब 20 फुट तक करनी पड़ती। अब विभाग ने फैसला लिया है कि पंपिंग सिस्टम से निकासी की जाएगी। इसको लेकर एस्टीमेट बनाया जा रहा है। सेप्टिक टैंक बनाए गए हैं उन्हें खाली करवा दिया गया है।
- सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
कोट
इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से बात हुई है। उनका कहना है कि जल्द नया प्रपोजल बनाकर एस्टीमेट बनाया जा रहा है। उम्मीद है जल्द समाधान होगा
-अजय दलाल, महाप्रबंधक, रोडवेज
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