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Fatehabad News: हाईवे पर खड़ी रहती हैं तूड़े से भरी ट्रॉलियां कोहरे में हादसे होने की बनी रहेगी आशंका
Thu, 04 Dec 2025 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 04 Dec 2025 11:30 PM IST
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राष्ट्रीय राजमार्ग 9 के सर्विस रोड पर खड़ी पराली की गांठों से ट्रॉली। संवाद
- फोटो : संवाद
फतेहाबाद। पंजाब सीमा से लेकर राजस्थान सीमा पर गांव रामसरा तक जाने वाले स्टेट हाइवे और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 9 के किनारे खड़े वाहनों से हादसों की आशंका बनी हुई है। धुंध में आशंका और भी बढ़ जाती है।
मुख्य सड़कों और शहर के बीच के रास्तों पर खड़े अव्यवस्थित वाहनों के तरीके से कोहरे और धुंध के मौसम में चालक परेशान है। इसको लेकर पुलिस की ओर से समय-समय पर चालान भी किया जा रहा है। इसके बावजूद भी सुधार नहीं हो रहा है। एसपी सिद्धांत जैन ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए है कि धुंध के चलते गश्त के दौरान ढाबों के किनारे खड़े होने वाले वाहनों को हटाया जाए।
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धुंध में बढ़ जाती है हादसे की आशंका
पिछले कई दिनों से लगातार सर्दी बढ़ रही है और अब धुंध भी शुरू होगी। सड़कों के किनारे खड़े ये वाहन किसी भी समय बड़े टकराव का कारण बन सकते हैं। इन अव्यवस्थित पार्किंग की वजह से दृश्यता कम होने पर, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहन चालक अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। वाहन चालकों इन सड़कों के किनारे खड़े वाहनों को पर्याप्त दूरी से नहीं देख पाते है, जिससे हादसों होने की आशंका बढ़ जाती है।
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रिफ्लेक्टर का अभाव
अधिकतर वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर नहीं लगे है। ट्रकों, बसों और अन्य वाहनों के पीछे न तो रिफ्लेक्टर लगे होते हैं, और न ही पार्किंग लाइटें जल रही होती हैं। रात के समय या धुंध के दौरान, रिफ्लेक्टर की नहीं होने में सड़क किनारे खड़ा वाहन पूरी तरह अदृश्य हो जाता है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्ग जहां वाहनों की रफ्तार तेज होती है वहां पर अत्यंत खतरनाक है। कोहरे में यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जब चालक को सामने का अनुमान लगाने में मुश्किल होती है।
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शहर के मुख्य रास्तों पर नो पार्किंग खड़े हो रहे वाहन
नो पार्किंग में खड़े वाहनों की समस्या हाईवे सहित शहर के बीच से गुजरने वाले मुख्य रास्तों पर भी है। शहर की सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। शहर के बीच और हाइवे के किनारे के बने ढाबा, गैराज और आवासीय क्षेत्रों के पास भी वाहन चालक मनमाने ढंग से अपनी गाड़िया खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। ई-रिक्शा चालक अक्सर सड़क का आधा हिस्सा घेर लेते हैं, जिससे दूसरी लेन से गुजर रहे वाहनों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है, जो पीछे से आ रहे वाहनों के लिए खतरा बन जाता है।
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धुंध के चलते ट्रैफिक पुलिस की तरफ से वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे है। हाइवे पर ढाबे किनारे वाहन खड़े होते है जिससे हादसों की आशंका रहती है। इन वाहनों को हटाने के भी निर्देश संबंधित थाना प्रभारियों को दिए गए हैं।
- सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक
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मुख्य सड़कों और शहर के बीच के रास्तों पर खड़े अव्यवस्थित वाहनों के तरीके से कोहरे और धुंध के मौसम में चालक परेशान है। इसको लेकर पुलिस की ओर से समय-समय पर चालान भी किया जा रहा है। इसके बावजूद भी सुधार नहीं हो रहा है। एसपी सिद्धांत जैन ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए है कि धुंध के चलते गश्त के दौरान ढाबों के किनारे खड़े होने वाले वाहनों को हटाया जाए।
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धुंध में बढ़ जाती है हादसे की आशंका
पिछले कई दिनों से लगातार सर्दी बढ़ रही है और अब धुंध भी शुरू होगी। सड़कों के किनारे खड़े ये वाहन किसी भी समय बड़े टकराव का कारण बन सकते हैं। इन अव्यवस्थित पार्किंग की वजह से दृश्यता कम होने पर, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहन चालक अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। वाहन चालकों इन सड़कों के किनारे खड़े वाहनों को पर्याप्त दूरी से नहीं देख पाते है, जिससे हादसों होने की आशंका बढ़ जाती है।
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रिफ्लेक्टर का अभाव
अधिकतर वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर नहीं लगे है। ट्रकों, बसों और अन्य वाहनों के पीछे न तो रिफ्लेक्टर लगे होते हैं, और न ही पार्किंग लाइटें जल रही होती हैं। रात के समय या धुंध के दौरान, रिफ्लेक्टर की नहीं होने में सड़क किनारे खड़ा वाहन पूरी तरह अदृश्य हो जाता है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्ग जहां वाहनों की रफ्तार तेज होती है वहां पर अत्यंत खतरनाक है। कोहरे में यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जब चालक को सामने का अनुमान लगाने में मुश्किल होती है।
शहर के मुख्य रास्तों पर नो पार्किंग खड़े हो रहे वाहन
नो पार्किंग में खड़े वाहनों की समस्या हाईवे सहित शहर के बीच से गुजरने वाले मुख्य रास्तों पर भी है। शहर की सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। शहर के बीच और हाइवे के किनारे के बने ढाबा, गैराज और आवासीय क्षेत्रों के पास भी वाहन चालक मनमाने ढंग से अपनी गाड़िया खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। ई-रिक्शा चालक अक्सर सड़क का आधा हिस्सा घेर लेते हैं, जिससे दूसरी लेन से गुजर रहे वाहनों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है, जो पीछे से आ रहे वाहनों के लिए खतरा बन जाता है।
धुंध के चलते ट्रैफिक पुलिस की तरफ से वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे है। हाइवे पर ढाबे किनारे वाहन खड़े होते है जिससे हादसों की आशंका रहती है। इन वाहनों को हटाने के भी निर्देश संबंधित थाना प्रभारियों को दिए गए हैं।
- सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक

राष्ट्रीय राजमार्ग 9 के सर्विस रोड पर खड़ी पराली की गांठों से ट्रॉली। संवाद- फोटो : संवाद

राष्ट्रीय राजमार्ग 9 के सर्विस रोड पर खड़ी पराली की गांठों से ट्रॉली। संवाद- फोटो : संवाद