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Fatehabad News: गांव समैन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी चिकित्सक न फार्मासिस्ट
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गांव समैन में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।
समैन। गांव समैन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मचारियों का बड़ा अभाव है। यहां पर स्थायी चिकित्सक भी नहीं हैं। इसी कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए टोहाना, उकलाना, अग्रोहा या हिसार शहर के निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है।
टोहाना की गांव से दूरी 12 किलोमीटर है, जबकि हिसार की 60 किलोमीटर से अधिक है इसलिए ग्रामीण इलाज के लिए दर दर भटकने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य केंद्र की पड़ताल करने पर पाया कि स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को दो जाने वाली रूटीन दवाओं का भी अभाव है। नाम न छापने की शर्त पर इसकी पुष्टि स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत कर्मचारी ने भी की है।
टोहाना ब्लॉक के गांव समैन की जनसंख्या करीब 18 हजार है। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी चिकित्सकों के 2 व एक पद फार्मासिस्ट का है। तीनों पद करीब डेढ़ वर्ष खाली हैं।
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स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत सूचना सहायक मातृत्व अवकाश पर हैं इसलिए जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों को जाखल सीएचसी केंद्र में संपर्क करना पड़ता है।
ग्रामीण रामफल सिंह, कर्मबीर सिंह, राजबीर सिंह, श्यामबीर, अनिल ने बताया कि गांव के स्वास्थ्य केंद्र में न तो चिकित्सक है व बीमार लोगों को इलाज के दौरान दवाइयां मिल पाती है। ग्रामीणों ने सरकार व स्वास्थ्य विभाग से गांव के स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी चिकित्सकों की नियुक्ति करने की अपील की है ताकि उन्हें समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
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स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की कमी के कारण उन्हें इलाज के लिए शहरों में जाना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों को जाखल के चक्कर काटने पड़ते है, जोकि गांव से करीब 30 किलोमीटर दूर पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को दवाएं भी समय पर नहीं मिलती।
-कर्मबीर सिंह, ग्रामीण।
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गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मचारियों का अभाव होने के कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर शहरों में भटकना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों के सभी पद खाली पड़े है। प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग को स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की नियुक्ति करनी चाहिए। ताकि लोगों को उपचार मिल सके।
-कामरेड रामफल, ग्रामीण।
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गांव के स्वास्थ्य केंद्र में पिछले डेढ़ साल से डॉक्टर नहीं है। समैन गांव की जनसंख्या 18 हजार से अधिक है। इतने बड़े गांव के स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर का न होना विडंबना है। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की नियुक्ति करनी चाहिए। ताकि ग्रामीणों को उपचार के लिए भटकना न पड़े।
-रणधीर गिल, ग्रामीण।
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गांव समैन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी का मामला उनके संज्ञान में है। स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की नियुक्ति के लिए हर महीने विभाग के उच्च अधिकारियों को मांग भेजी जा रही है। जैसे ही नई नियुक्ति होगी, स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी को पूरा किया जायेगा। स्वास्थ्य केंद्र में मांग के अनुसार नियमित रूप से जरूरी दवाइयां भेजी जा रही है।
-राजेश क्रांति, एसएमओ जाखल सर्किल।
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टोहाना की गांव से दूरी 12 किलोमीटर है, जबकि हिसार की 60 किलोमीटर से अधिक है इसलिए ग्रामीण इलाज के लिए दर दर भटकने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य केंद्र की पड़ताल करने पर पाया कि स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को दो जाने वाली रूटीन दवाओं का भी अभाव है। नाम न छापने की शर्त पर इसकी पुष्टि स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत कर्मचारी ने भी की है।
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टोहाना ब्लॉक के गांव समैन की जनसंख्या करीब 18 हजार है। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी चिकित्सकों के 2 व एक पद फार्मासिस्ट का है। तीनों पद करीब डेढ़ वर्ष खाली हैं।
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स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत सूचना सहायक मातृत्व अवकाश पर हैं इसलिए जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों को जाखल सीएचसी केंद्र में संपर्क करना पड़ता है।
ग्रामीण रामफल सिंह, कर्मबीर सिंह, राजबीर सिंह, श्यामबीर, अनिल ने बताया कि गांव के स्वास्थ्य केंद्र में न तो चिकित्सक है व बीमार लोगों को इलाज के दौरान दवाइयां मिल पाती है। ग्रामीणों ने सरकार व स्वास्थ्य विभाग से गांव के स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी चिकित्सकों की नियुक्ति करने की अपील की है ताकि उन्हें समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की कमी के कारण उन्हें इलाज के लिए शहरों में जाना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों को जाखल के चक्कर काटने पड़ते है, जोकि गांव से करीब 30 किलोमीटर दूर पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को दवाएं भी समय पर नहीं मिलती।
-कर्मबीर सिंह, ग्रामीण।
गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मचारियों का अभाव होने के कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर शहरों में भटकना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों के सभी पद खाली पड़े है। प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग को स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की नियुक्ति करनी चाहिए। ताकि लोगों को उपचार मिल सके।
-कामरेड रामफल, ग्रामीण।
गांव के स्वास्थ्य केंद्र में पिछले डेढ़ साल से डॉक्टर नहीं है। समैन गांव की जनसंख्या 18 हजार से अधिक है। इतने बड़े गांव के स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर का न होना विडंबना है। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की नियुक्ति करनी चाहिए। ताकि ग्रामीणों को उपचार के लिए भटकना न पड़े।
-रणधीर गिल, ग्रामीण।
गांव समैन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी का मामला उनके संज्ञान में है। स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की नियुक्ति के लिए हर महीने विभाग के उच्च अधिकारियों को मांग भेजी जा रही है। जैसे ही नई नियुक्ति होगी, स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी को पूरा किया जायेगा। स्वास्थ्य केंद्र में मांग के अनुसार नियमित रूप से जरूरी दवाइयां भेजी जा रही है।
-राजेश क्रांति, एसएमओ जाखल सर्किल।