{"_id":"6658b949f0dedf47a504c217","slug":"there-is-an-outcry-for-electricity-and-water-in-the-scorching-heat-water-came-in-bhirdana-after-96-hours-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-117378-2024-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: भीषण गर्मी में बिजली पानी के लिए हाहाकार, भिरड़ाना में 96 घंटे बाद आया पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: भीषण गर्मी में बिजली पानी के लिए हाहाकार, भिरड़ाना में 96 घंटे बाद आया पानी
Thu, 30 May 2024 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 30 May 2024 11:07 PM IST
विज्ञापन
गांव गोरखपुर स्थित 33 केवी बिजली घर में ट्रांसफार्मर को पानी डालकर ठंडा करता बिजली कर्मचारी। स
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। जिले में भीषण गर्मी का प्रहार लोग झेल रहे हैं। पांच दिनों से अधिकतम तापमान 45 डिग्री से ऊपर चल रहा है। ऐसे में जिले में बिजली-पानी के लिए हाहाकार मच गया है। हालात यह है कि गांवों के कई एरिया में 96 घंटे बाद पानी की सप्लाई दी जा रही है।
जिले में वीरवार को अधिकतम तापमान 47.9 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।रतिया विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े गांव भिरड़ाना के मोहल्ला रिसाल में वीरवार को चार दिनों बाद पानी की सप्लाई पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह सप्लाई आई तो जान बूझकर प्रेशर कम छोड़ा गया। इससे कई घरों में पानी पहुंच ही नहीं पाया। इसके चलते लोगों को खेतों में लगे ट्यूबवेल से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीण मोहर सिंह, ममता रानी, सुमित्रा, बिमला, कमला देवी आदि ने बताया कि भिरड़ाना के मोहल्ला रिसाल में पाइप लाइन में सप्लाई न आने के कारण दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सप्लाई को लेकर भेदभाव किया जाता है। जब कहा जाता है तो सीधा ये ही जवाब मिलता है कि रात दो बजे सप्लाई छोड़ी जाएगी। यहां पर रविवार को पानी आया था, इसके बाद मंगलवार को आना था जो कि नहीं आया और बुधवार को भी बार-बार फोन किया गया लेकिन नहीं छोड़ा गया। वीरवार को सप्लाई आई तो प्रेशर कम था।
अधिकारी बोले- 30 फीसदी पानी कूलरों में हो रहा खर्च
जनस्वास्थ्य विभाग पानी के अवैध कनेक्शनों को लेकर कदम नहीं उठा पाया है। इसके चलते वैध कनेक्शनों तक पानी की सप्लाई नहीं जा पा रही है। विभाग के जिला सलाहकार शर्माचंद्र लाली का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण पानी की डिमांड दो से तीन गुना बढ़ गई है। कूलरों में ही 30 फीसदी पानी की खपत हो रही है।
विज्ञापन
पानी डालकर ट्रांसफार्मरों को करना पड़ रहा ठंडा
भीषण गर्मी और ओवरलोडिंग की वजह से बिजली घरों में लगे ट्रांसफार्मर तेजी से गर्म हो रहे हैं। बिजलीकर्मी इन ट्रांसफार्मरों को ठंडा करने के लिए कूलर लगाकर, बर्फ और पानी डालकर काम चला रहे हैं। इसी तरह गोरखपुर के 33 केवी बिजली घर में 10 एमवीए ट्रांसफार्मर को ठंडा करने के लिए बिजलीकर्मी द्वारा पाइप लगाकर पानी डालने का वीडियो भी वायरल हुआ। बिजली निगम के जेई फूल कुमार कुंडू बताते हैं कि भीषण गर्मी और ओवरलोडिंग की वजह से ट्रांसफार्मर तेजी से गर्म हो रहे हैं। इससे ट्रांसफार्मर में ब्लास्ट होने का खतरा बना रहता है। ट्रांसफार्मर को हीटिंग से बचाने के लिए पानी से ठंडा किया जाता है।
:::::::::::::::::::
पानी की किल्लत से जल रहे डिवाइडरों पर लगे पौधे
भीषण गर्मी का प्रकोप अब पौधों पर भी दिखने लगा है। शहर के भूना रोड के डिवाइडरों के बीच करीब 52000 रुपये खर्च करके लगाए गए 90 पाम के पौधे पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग ने फरवरी में इन पौधों को लगवाया था। भूना रोड के दुकानदार प्रिंस, बंटी, राजू, हरनाम सिंह और गगन सिंह ने बताया कि पीडब्ल्यूडी ने खानापूर्ति के लिए इन पौधों एक बार लगाकर बजट पास तो करवा लिया है, मगर अब ये पौधे मुरझा कर खत्म हो गए हैं। बढ़ते तापमान में इन पौधों में हर दूसरे दिन पानी डालने की जरूरत होती है, लेकिन सप्ताह में एक बार ही पानी दिया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के हॉर्टिकल्चर विंग के अधिकारी नरेश कुमार का कहना है कि इस बार ठंड ज्यादा होने के कारण नीम और पाम के पौधे का विकास कम हो रहा है। हम लगातार इन पौधों में पानी दे रहे हैं। आगामी दिनों में अगर इन पौधों में विकास नहीं होगा, तो इनके स्थान पर नए पौधे लगाए जाएंगे।
वर्जन
गांव भिरड़ाना में पानी को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। रविवार को सप्लाई दी थी, इसके बाद मंगलवार को दी जानी थी। मगर बिजली का लंबा कट होने के कारण नहीं दे पाए। वीरवार को सप्लाई दी गई है और मैं खुद मौके पर था। - अश्वनी, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
फतेहाबाद। जिले में भीषण गर्मी का प्रहार लोग झेल रहे हैं। पांच दिनों से अधिकतम तापमान 45 डिग्री से ऊपर चल रहा है। ऐसे में जिले में बिजली-पानी के लिए हाहाकार मच गया है। हालात यह है कि गांवों के कई एरिया में 96 घंटे बाद पानी की सप्लाई दी जा रही है।
जिले में वीरवार को अधिकतम तापमान 47.9 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।रतिया विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े गांव भिरड़ाना के मोहल्ला रिसाल में वीरवार को चार दिनों बाद पानी की सप्लाई पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह सप्लाई आई तो जान बूझकर प्रेशर कम छोड़ा गया। इससे कई घरों में पानी पहुंच ही नहीं पाया। इसके चलते लोगों को खेतों में लगे ट्यूबवेल से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीण मोहर सिंह, ममता रानी, सुमित्रा, बिमला, कमला देवी आदि ने बताया कि भिरड़ाना के मोहल्ला रिसाल में पाइप लाइन में सप्लाई न आने के कारण दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सप्लाई को लेकर भेदभाव किया जाता है। जब कहा जाता है तो सीधा ये ही जवाब मिलता है कि रात दो बजे सप्लाई छोड़ी जाएगी। यहां पर रविवार को पानी आया था, इसके बाद मंगलवार को आना था जो कि नहीं आया और बुधवार को भी बार-बार फोन किया गया लेकिन नहीं छोड़ा गया। वीरवार को सप्लाई आई तो प्रेशर कम था।
विज्ञापन
अधिकारी बोले- 30 फीसदी पानी कूलरों में हो रहा खर्च
जनस्वास्थ्य विभाग पानी के अवैध कनेक्शनों को लेकर कदम नहीं उठा पाया है। इसके चलते वैध कनेक्शनों तक पानी की सप्लाई नहीं जा पा रही है। विभाग के जिला सलाहकार शर्माचंद्र लाली का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण पानी की डिमांड दो से तीन गुना बढ़ गई है। कूलरों में ही 30 फीसदी पानी की खपत हो रही है।
विज्ञापन
पानी डालकर ट्रांसफार्मरों को करना पड़ रहा ठंडा
भीषण गर्मी और ओवरलोडिंग की वजह से बिजली घरों में लगे ट्रांसफार्मर तेजी से गर्म हो रहे हैं। बिजलीकर्मी इन ट्रांसफार्मरों को ठंडा करने के लिए कूलर लगाकर, बर्फ और पानी डालकर काम चला रहे हैं। इसी तरह गोरखपुर के 33 केवी बिजली घर में 10 एमवीए ट्रांसफार्मर को ठंडा करने के लिए बिजलीकर्मी द्वारा पाइप लगाकर पानी डालने का वीडियो भी वायरल हुआ। बिजली निगम के जेई फूल कुमार कुंडू बताते हैं कि भीषण गर्मी और ओवरलोडिंग की वजह से ट्रांसफार्मर तेजी से गर्म हो रहे हैं। इससे ट्रांसफार्मर में ब्लास्ट होने का खतरा बना रहता है। ट्रांसफार्मर को हीटिंग से बचाने के लिए पानी से ठंडा किया जाता है।
:::::::::::::::::::
पानी की किल्लत से जल रहे डिवाइडरों पर लगे पौधे
भीषण गर्मी का प्रकोप अब पौधों पर भी दिखने लगा है। शहर के भूना रोड के डिवाइडरों के बीच करीब 52000 रुपये खर्च करके लगाए गए 90 पाम के पौधे पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग ने फरवरी में इन पौधों को लगवाया था। भूना रोड के दुकानदार प्रिंस, बंटी, राजू, हरनाम सिंह और गगन सिंह ने बताया कि पीडब्ल्यूडी ने खानापूर्ति के लिए इन पौधों एक बार लगाकर बजट पास तो करवा लिया है, मगर अब ये पौधे मुरझा कर खत्म हो गए हैं। बढ़ते तापमान में इन पौधों में हर दूसरे दिन पानी डालने की जरूरत होती है, लेकिन सप्ताह में एक बार ही पानी दिया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के हॉर्टिकल्चर विंग के अधिकारी नरेश कुमार का कहना है कि इस बार ठंड ज्यादा होने के कारण नीम और पाम के पौधे का विकास कम हो रहा है। हम लगातार इन पौधों में पानी दे रहे हैं। आगामी दिनों में अगर इन पौधों में विकास नहीं होगा, तो इनके स्थान पर नए पौधे लगाए जाएंगे।
वर्जन
गांव भिरड़ाना में पानी को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। रविवार को सप्लाई दी थी, इसके बाद मंगलवार को दी जानी थी। मगर बिजली का लंबा कट होने के कारण नहीं दे पाए। वीरवार को सप्लाई दी गई है और मैं खुद मौके पर था। - अश्वनी, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग

गांव गोरखपुर स्थित 33 केवी बिजली घर में ट्रांसफार्मर को पानी डालकर ठंडा करता बिजली कर्मचारी। स