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Fatehabad News: सिंथला गांव में पेयजल की कमी, खेतों में लगे ट्यूबवेलों से ग्रामीण पानी लाने पर मजबूर
Sun, 01 Sep 2024 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 01 Sep 2024 12:32 AM IST
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गांव सिंथला में पेयजल की समस्या को लेकर एक घर में टैंकर से पानी टैंक में डलवाते हुआ ग्रामीण।
भूना। गांव सिंथला के ग्रामीण पीछे कई दिनों पेयजल संकट झेल रहे हैं। पेयजल की जरूरत को पूरा करने के लिए ग्रामीण पानी के टैंकर मंगवाने को मजबूर हो रहे हैं। जिससे उनके ऊपर आर्थिक रूप से भी भार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बारे में वे जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौखिक रूप से कई बार जानकारी दे चुके हैं, मगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
सिंथला गांववासी अनिल कुमार, राजबीर सिंह, कृष्ण कुमार, राजेंद्र सिंह, अमित कुमार ने बताया कि नहरी पानी सप्लाई देने के लिए गांव में जलघर बनाया गया है। जनस्वास्थ्य विभाग ने पुरानी पाइपलाइन को बदलकर नई डाली है। पीने के पानी की सप्लाई पिछले कई दिनों से प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों को 500 से लेकर 1000 रुपये तक प्रति टैंकर पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है। जिसके कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले ट्यूबवेल की पानी की सप्लाई होती थी, लेकिन जब से नहरी पानी की सप्लाई शुरू हुई है तभी से गांव में बड़ी समस्या पैदा हो गई है। पीने के पानी को लेकर ग्रामीण इधर-उधर भटक रहे हैं। प्यास बुझाने के लिए खेतों में लगे ट्यूबवेलों से काफी दूर पैदल चलकर मटकों से पानी लाना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों ने बताया कि नहाने-धोने व खाना बनाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि नए जलघर की सुविधा होने के बावजूद पीने के पानी के लिए टैंकर की जरूरत पड़ रही है, इसके चलते ग्रामीणों में रोष पनप रहा है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार विभाग को कहा गया, लेकिन विभाग द्वारा अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने मांग की की जल्द इस समस्या का हल किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके अन्यथा वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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जलघर व पाइपलाइन दबाने का कार्य पूर्ण रूप से संपन्न हो चुका है। लेकिन ग्रामीण अवैध तरीके से कनेक्शन कर रहे हैं, इसलिए पाइपलाइन लीकेज हो रही है। ग्रामीणों को स्वयं कनेक्शन नहीं करनी चाहिए, क्योंकि वे पाइप के नीचे सुराख निकल रहे हैं जो कि सरासर गलत है। सोमवार को कनिष्ठ अभियंता मौके पर पूरे दिन रहकर समस्या का समाधान करेंगे और अवैध कनेक्शन रोकने को लेकर ग्रामीणों से सहयोग लिया जाएगा।
- भागीराम, उपमंडल अधिकारी, जनस्वास्थ्य विभाग
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सिंथला गांववासी अनिल कुमार, राजबीर सिंह, कृष्ण कुमार, राजेंद्र सिंह, अमित कुमार ने बताया कि नहरी पानी सप्लाई देने के लिए गांव में जलघर बनाया गया है। जनस्वास्थ्य विभाग ने पुरानी पाइपलाइन को बदलकर नई डाली है। पीने के पानी की सप्लाई पिछले कई दिनों से प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों को 500 से लेकर 1000 रुपये तक प्रति टैंकर पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है। जिसके कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों ने बताया कि पहले ट्यूबवेल की पानी की सप्लाई होती थी, लेकिन जब से नहरी पानी की सप्लाई शुरू हुई है तभी से गांव में बड़ी समस्या पैदा हो गई है। पीने के पानी को लेकर ग्रामीण इधर-उधर भटक रहे हैं। प्यास बुझाने के लिए खेतों में लगे ट्यूबवेलों से काफी दूर पैदल चलकर मटकों से पानी लाना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों ने बताया कि नहाने-धोने व खाना बनाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि नए जलघर की सुविधा होने के बावजूद पीने के पानी के लिए टैंकर की जरूरत पड़ रही है, इसके चलते ग्रामीणों में रोष पनप रहा है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार विभाग को कहा गया, लेकिन विभाग द्वारा अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने मांग की की जल्द इस समस्या का हल किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके अन्यथा वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
जलघर व पाइपलाइन दबाने का कार्य पूर्ण रूप से संपन्न हो चुका है। लेकिन ग्रामीण अवैध तरीके से कनेक्शन कर रहे हैं, इसलिए पाइपलाइन लीकेज हो रही है। ग्रामीणों को स्वयं कनेक्शन नहीं करनी चाहिए, क्योंकि वे पाइप के नीचे सुराख निकल रहे हैं जो कि सरासर गलत है। सोमवार को कनिष्ठ अभियंता मौके पर पूरे दिन रहकर समस्या का समाधान करेंगे और अवैध कनेक्शन रोकने को लेकर ग्रामीणों से सहयोग लिया जाएगा।
- भागीराम, उपमंडल अधिकारी, जनस्वास्थ्य विभाग