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Fatehabad News: घग्घर नदी पर 42 साल पहले बने पुल को चौड़ा करवाने की दरकार
Mon, 18 Nov 2024 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 18 Nov 2024 10:38 PM IST
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घग्घर नदी पर बना पुल, जिसको चौड़ा करने की मांग की जा रही है।
रतिया। घग्घर नदी पर बना पुल नवीनीकरण की बाट जोह रहा है। ट्रैफिक बढ़ जाने के कारण बुढलाडा रोड पर हरियाणा-पंजाब को जोड़ने वाले 1982 से बने पुल का दोबारा निर्माण कर इसे चौड़ा करने की मांग भी तेज होने लगी है। साथ ही नदी की सफाई की मांग भी उठ रही है।
विधायक जरनैल सिंह ने इस मांग को विधानसभा उठाने की बात कही है। हालांकि, प्रशासन इस बारे में प्रदेश सरकार के प्रपोजल के बाद ही कुछ करने की बात कह रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी कहा कि वह सिर्फ बाहर के दौरान इसकी मॉनिटरिंग करते हैं। सफाई व्यवस्था उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि पहली बार साल 1962 में इस पुल का निर्माण किया गया था। उसके बाद साल 1982 में इस पुल को दोबारा बनाया गया था। 42 वर्ष पूर्व बने इस पुल की मजबूती पर भी लोग सवाल उठाने लगे हैं क्योंकि कुछ वर्ष पूर्व इस पुल के साथ सड़क का एक हिस्सा धंसने और गिरने पर दो लोगों की मौत भी हो गई थी। उसके बाद इस पुल के फिर से निर्माण कराने की मांग उठी थी।
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इस दौरान प्रशासन ने इस पुल के नीचे पानी के तेज बहाव को कम करने के लिए पुल के नीचे पत्थर डालकर और पुल के आसपास की दीवारों की मरम्मत करवा कर उसको व्यवस्थित करवा दिया था। मगर पत्थर डालने के कारण नदी में आ रहा दूषित पानी रुकने लगा। जिससे नदी के आसपास रहने वाले लोगों को उस गंदगी से उठने वाली बदबू का सामना करना पड़ा। जब लोगों ने विरोध जताया तो प्रशासन ने उन पत्थरों को हटवा दिया। संवाद
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कभी लगते थे इस नदी के घाट पर मेले
नदी किनारे बसे लोगों में निर्भय सिंह, कर्मा सिंह, पाल सिंह, लछमन दास, कृष्ण कुमार, रमेश धानक आदि का कहना है कि वह कई बार उच्चाधिकारियों व राजनेताओं के आगे इस नदी की सफाई करवाने की मांग कर चुके हैं। इसके अलावा वे इसे नदी का दर्जा दिलाने, पुल को चौड़ा करने, नदी की सेफ्टी दीवारों को पक्का करने की मांग रख चुके हैं। मगर आश्वासन के सिवाय उनके हाथ कुछ भी नहीं लगा है।
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:: सरकार नदियों के सुधारीकरण को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, लेकिन घग्गर नदी के दूषित पानी को स्वच्छ बनाने में किसी तरह की रुचि नहीं ले रही है। सरकार को इस नदी की सफाई करवा कर दूषित पानी से छुटकारा दिलाना चाहिए। साथ ही पुल का भी नवीनीकरण करवाना चाहिए।
-निर्भय सिंह, किसान नेता
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घग्घर नदी क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी हुआ करती थी, लेकिन इसमें आ रहे दूषित पानी और बाढ़ के चलते यह अब यह समस्या बन गई है। प्रदेश सरकार को इसकी सफाई करवानी चाहिए और बुढलाडा रोड पर बने पुल को नया और चौड़ा बनाना चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके। -कर्मा सिंह, किसान नेता
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प्रदेश सरकार बुढलाडा रोड पर बन रही सड़क को यातायात बढ़ जाने के चलते चौड़ा कर रही है, लेकिन 42 साल पहले बने इस पुल की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। सरकार को चाहिए कि घग्घर नदी के पुल को चौड़ा और मजबूत किया जाए। साथ ही नदी के दोनों तरफ की दीवारों को भी पक्का किया जाए।
-अमन, क्षेत्रवासी
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घग्घर नदी पर बने हरियाणा और पंजाब को जोड़ने वाले पुल को नया बनाना चाहिए ताकि इस पर बढ़ रहे यातायात का दबाव को कम किया जा सके। यहां से रोजाना हजारों की संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। प्रदेश सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
- गुरसेवक सिंह खोखर, क्षेत्रवासी
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घग्घर नदी का पुल पूरी तरह से मजबूत है। पुल को चौड़ा करने की योजना अभी हमारे पास नहीं है। जैसे ही प्रदेश सरकार इसको चौड़ा करने का सुझाव देगी, विभाग द्वारा आदेशों के तहत पुल को चौड़ा करवाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
-संदीप सचदेवा, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, रतिया।
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विधायक जरनैल सिंह ने इस मांग को विधानसभा उठाने की बात कही है। हालांकि, प्रशासन इस बारे में प्रदेश सरकार के प्रपोजल के बाद ही कुछ करने की बात कह रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी कहा कि वह सिर्फ बाहर के दौरान इसकी मॉनिटरिंग करते हैं। सफाई व्यवस्था उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
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स्थानीय निवासी बताते हैं कि पहली बार साल 1962 में इस पुल का निर्माण किया गया था। उसके बाद साल 1982 में इस पुल को दोबारा बनाया गया था। 42 वर्ष पूर्व बने इस पुल की मजबूती पर भी लोग सवाल उठाने लगे हैं क्योंकि कुछ वर्ष पूर्व इस पुल के साथ सड़क का एक हिस्सा धंसने और गिरने पर दो लोगों की मौत भी हो गई थी। उसके बाद इस पुल के फिर से निर्माण कराने की मांग उठी थी।
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इस दौरान प्रशासन ने इस पुल के नीचे पानी के तेज बहाव को कम करने के लिए पुल के नीचे पत्थर डालकर और पुल के आसपास की दीवारों की मरम्मत करवा कर उसको व्यवस्थित करवा दिया था। मगर पत्थर डालने के कारण नदी में आ रहा दूषित पानी रुकने लगा। जिससे नदी के आसपास रहने वाले लोगों को उस गंदगी से उठने वाली बदबू का सामना करना पड़ा। जब लोगों ने विरोध जताया तो प्रशासन ने उन पत्थरों को हटवा दिया। संवाद
कभी लगते थे इस नदी के घाट पर मेले
नदी किनारे बसे लोगों में निर्भय सिंह, कर्मा सिंह, पाल सिंह, लछमन दास, कृष्ण कुमार, रमेश धानक आदि का कहना है कि वह कई बार उच्चाधिकारियों व राजनेताओं के आगे इस नदी की सफाई करवाने की मांग कर चुके हैं। इसके अलावा वे इसे नदी का दर्जा दिलाने, पुल को चौड़ा करने, नदी की सेफ्टी दीवारों को पक्का करने की मांग रख चुके हैं। मगर आश्वासन के सिवाय उनके हाथ कुछ भी नहीं लगा है।
:: सरकार नदियों के सुधारीकरण को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, लेकिन घग्गर नदी के दूषित पानी को स्वच्छ बनाने में किसी तरह की रुचि नहीं ले रही है। सरकार को इस नदी की सफाई करवा कर दूषित पानी से छुटकारा दिलाना चाहिए। साथ ही पुल का भी नवीनीकरण करवाना चाहिए।
-निर्भय सिंह, किसान नेता
घग्घर नदी क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी हुआ करती थी, लेकिन इसमें आ रहे दूषित पानी और बाढ़ के चलते यह अब यह समस्या बन गई है। प्रदेश सरकार को इसकी सफाई करवानी चाहिए और बुढलाडा रोड पर बने पुल को नया और चौड़ा बनाना चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके। -कर्मा सिंह, किसान नेता
प्रदेश सरकार बुढलाडा रोड पर बन रही सड़क को यातायात बढ़ जाने के चलते चौड़ा कर रही है, लेकिन 42 साल पहले बने इस पुल की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। सरकार को चाहिए कि घग्घर नदी के पुल को चौड़ा और मजबूत किया जाए। साथ ही नदी के दोनों तरफ की दीवारों को भी पक्का किया जाए।
-अमन, क्षेत्रवासी
घग्घर नदी पर बने हरियाणा और पंजाब को जोड़ने वाले पुल को नया बनाना चाहिए ताकि इस पर बढ़ रहे यातायात का दबाव को कम किया जा सके। यहां से रोजाना हजारों की संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। प्रदेश सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
- गुरसेवक सिंह खोखर, क्षेत्रवासी
घग्घर नदी का पुल पूरी तरह से मजबूत है। पुल को चौड़ा करने की योजना अभी हमारे पास नहीं है। जैसे ही प्रदेश सरकार इसको चौड़ा करने का सुझाव देगी, विभाग द्वारा आदेशों के तहत पुल को चौड़ा करवाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
-संदीप सचदेवा, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, रतिया।