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पोर्टल बनने से जनता का काम हुआ आसान : सीएम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 14 Aug 2023 11:24 PM IST
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The work of the public became easier after the portal was created: CM
राज्य स्तरीय विभाजन विभी​षिका स्मृति दिवस समारोह का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
फतेहाबाद। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मेरी सरकार को जब कोई पोर्टल की सरकार कहता है, तो मुझे आनंद आता है। पोर्टल बनने से जनता को सहूलियत मिली है आैर काम करवाने में सुविधा हो रही है। विपक्ष नेता पोर्टल की जितनी आलोचना करेंगे, उतना ही मुझे फायदा होगा। जनता सब समझती है।
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मुख्यमंत्री सोमवार को राज्यस्तरीय विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस समारोह को संबोधित करने के बाद डीपीआरसी हॉल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने चिरायु योजना के विस्तार के लिए बने पोर्टल को भी लांच किया। उन्होंने कहा कि पोर्टल बनाने से काम आसान हुआ है। किसानों की फसलों की ही बात करें तो मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अब सारे आंकड़े होते हैं। पहले कृषि विभाग और राजस्व विभाग के अलग अलग आंकड़े होते थे। इससे अधिकारी आंकड़ों के फेर में ही उलझे रहते थे। अब सारे आंकड़े एक ही पोर्टल पर उपलब्ध है। हाथोंहाथ काम हो जाता है।
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अब सीएलयू के लिए सीएम हाउस नहीं आती फाइल
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे हाथ में आने वाली कई शक्तियां छोड़ी हैं। पहले सीएलयू की हर फाइल सीएम हाउस में जाती थी। मगर, उन्होंने सीएलयू की फाइलों को सीएम हाउस भिजवाने का काम बंद कर दिया। यह काम डायरेक्टर लेवल का होता है। अगर डायरेक्टर गलत करेगा तो उसको भुगतना पड़ेगा।
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विपक्ष का काम है बोलना

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सीईटी मेन्स की परीक्षा में 41 सवाल दोहराए जाने को लेकर विपक्ष के हमलावर होने पर कहा कि विपक्ष का काम बोलना है। वह हर मुद्दे पर बोलेगा। मगर, जनता विपक्ष को अच्छी तरह से समझ चुकी है। किसी भी परीक्षा के लिए 500 से 600 प्रश्न बनते हैं। इसमें से 100 प्रश्न लेने होते हैं। 20 से 25 प्रतिशत तक प्रश्न कॉमन होने की संभावना रहती है। पेपर दोबारा करवाने का कोई औचित्य नहीं बनता है। इस मौके पर सांसद सुनीता दुग्गल, चेयरमैन सुभाष बराला, विधायक दुड़ाराम, विधायक लक्ष्मण नापा भी मौजूद रहे।
चिल्ली झील के लिए जमीन खरीदने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष मीडिया ने चिल्ली झील का मामला भी रखा। इस पर मुख्यमंत्री ने एडीसी डॉ. ब्रह्मजीत सिंह से स्टेट्स पूछा। एडीसी ने उन्हें बताया कि चिल्ली झील तक पाइप डालने के लिए जमीन खरीदनी है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कितनी जमीन खरीदी जाएगी। एडीसी ने जवाब दिया कि 1200 वर्ग गज जमीन खरीदी जानी है। मुख्यमंत्री ने तत्काल जमीन खरीदने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार के ई-भूमि पोर्टल पर संबंधित किसान से जमीन बेचने के लिए आवेदन करवाएं। सरकार 15 से 20 प्रतिशत मुनाफा अधिक देकर भी जमीन खरीद लेगी।
हमें पिता व ताऊ ने सुनाया था विभाजन का दर्द
फतेहाबाद के विधायक दुड़ाराम ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस समारोह में कहा कि आज ही के दिन हमारे बुजुर्गों ने कुर्बानियां दी थी। वे लोग वहां से आए तो हालात बुरे थे और विषम परिस्थितियों में उन्हें रहना पड़ा। इतनी कठिनाइयों से पार पाते हुए अपने पैरों पर खड़े हुए। उन्होंने कहा कि उनके पिता और ताऊ स्व. भजनलाल विभाजन के दर्द के बारे में हमेशा बताते थे।
कार्यक्रम में लंगर बंद करने पर हुआ हंगामा, पदाधिकारियों ने जोड़े हाथ
फोटो 41
पंचनंद स्मारक ट्रस्ट की तरफ से कार्यक्रम में अलग शेड में लंगर की व्यवस्था की गई। लंगर करीब 8 से 10 हजार लोगों के लिए बनाया गया, लेकिन खाने वालों की संख्या कम रही। दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री के आने से पहले लंगर बंद कर दिया गया। इसको लेकर मौके पर मौजूद लोगों ने हंगामा किया और कहा कि बीच में बंद करना गलत है। खाने का जिम्मा संभाल रहे कैटर्स संचालक ने कहा कि उन्हें पदाधिकारियों से ही निर्देश मिले हैं। इसके बाद मौके पर पहुंचे पदाधिकारी दर्शन नागपाल ने हाथ जोड़कर बंद करवाया और कहा कि एक घंटे बाद शुरू किया जाएगा। हालांकि एक घंटे बाद दोबारा शुरू कर दिया गया।
जिले में चिरायु योजना के लाभार्थी 524000
जिले में इस समय चिरायु योजना के 524000 लाभार्थी हैं। अब तक बन 392000 लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। एक लाख अस्सी हजार रुपये से लेकर तीन लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवारों का डाटा अभी तक स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं पहुंचा है। अगले सप्ताह तक यह डाटा विभाग के पास आने की संभावना है।
पति लाइब्रेरी में करते हैं काम, योजना में शामिल होकर हुई खुश : दीपिका
पहली लाभार्थी बनी गांव ढिंगसरा निवासी दीपिका अपने पति सुरेंद्र के साथ डीपीआरसी हाल में पहुंची। दीपिका ने बताया कि उसके पति लाइब्रेरी में काम करते है। परिवार पहचान पत्र में 2.50 लाख रुपये तक वार्षिक आय दर्ज है। अब इस योजना में शामिल होकर खुश है। इसका फायदा ये है कि कभी कोई गंभीर बीमारी आती है तो परिवार पर बोझ नहीं पड़ेगा। उसके दो बच्चे हैं।



पति व बेटा-बेटी के स्वास्थ्य की चिंता भी हुई दूर : जसविंद्र कौर

गांव महमदकी निवासी जसविंद्र कौर ने भी 1500 रुपये प्रीमियम देकर योजना में शामिल हुई। जसविंद्र कौर ने बताया कि आयुष्मान भारत चिरायु योजना में पहले शामिल नहीं किया गया था, लेकिन अब उन्हें इस योजना में शामिल किया गया है। उसके पति, बेटी, बेटा भी योजना में शामिल हुए हैं।
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