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Fatehabad News: जिले में गिरदावरी का काम पूरा, 1.45 लाख एकड़ में नुकसान की आशंका, 302 गांवों में से 240 गांवों के 24,086 किसानों ने मुआवजे के लिए किया आवेदन
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बनगांव के खेतों में भरा पानी।
फतेहाबाद। जिले में बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसानों ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली है। राजस्व विभाग की टीम ने भी गिरदावरी का काम पूरा कर लिया है। पटवारियों ने 1,45,621 एकड़ में फसल नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर आगे भेज दी है।
जिले के 302 गांवों में से 240 गांवों के 24,086 किसानों ने मुआवजे के लिए आवेदन किया है। इस बार करीब 80 फीसदी गांवों में फसलें खराब होने पर किसानों ने मुआवजे की मांग की है। रबी फसलों की बुवाई के लिए आर्थिक मदद की जरूरत
बारिश और जलभराव के कारण फसलें नष्ट हो गई हैं, जिससे किसान रबी की फसल की बुवाई के लिए आर्थिक सहायता मांग रहे हैं। किसानों का कहना है कि प्रति एकड़ बुवाई में लगभग 10 हजार रुपये का खर्च आता है, लेकिन उनके पास खाद और बीज खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं।
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सेमग्रस्त क्षेत्र के किसानों को न मुआवजा, न बीमा
जिले के करीब 35 गांव सेमग्रस्त होने के कारण भूमि बंजर हो चुकी है। ऐसे किसानों को न तो सरकार की ओर से मुआवजा मिल रहा है और न ही बीमा कंपनियां कोई राहत दे रही हैं। बीमा कंपनियां सेमग्रस्त क्षेत्र में क्रॉप कटिंग नहीं कर रही हैं, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ रही है। कृषि विभाग के एएसओ संजय अधिकारी से संपर्क किया गया, लेकिन वह 13 सितंबर से 25 सितंबर तक छुट्टी पर हैं।
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जिले के 302 गांवों में से 240 गांवों के 24,086 किसानों ने मुआवजे के लिए आवेदन किया है। इस बार करीब 80 फीसदी गांवों में फसलें खराब होने पर किसानों ने मुआवजे की मांग की है। रबी फसलों की बुवाई के लिए आर्थिक मदद की जरूरत
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बारिश और जलभराव के कारण फसलें नष्ट हो गई हैं, जिससे किसान रबी की फसल की बुवाई के लिए आर्थिक सहायता मांग रहे हैं। किसानों का कहना है कि प्रति एकड़ बुवाई में लगभग 10 हजार रुपये का खर्च आता है, लेकिन उनके पास खाद और बीज खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं।
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सेमग्रस्त क्षेत्र के किसानों को न मुआवजा, न बीमा
जिले के करीब 35 गांव सेमग्रस्त होने के कारण भूमि बंजर हो चुकी है। ऐसे किसानों को न तो सरकार की ओर से मुआवजा मिल रहा है और न ही बीमा कंपनियां कोई राहत दे रही हैं। बीमा कंपनियां सेमग्रस्त क्षेत्र में क्रॉप कटिंग नहीं कर रही हैं, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ रही है। कृषि विभाग के एएसओ संजय अधिकारी से संपर्क किया गया, लेकिन वह 13 सितंबर से 25 सितंबर तक छुट्टी पर हैं।