{"_id":"6782084a7800ee0854021b3d","slug":"the-wheat-area-fatehabad-news-c-127-1-ftb1001-127644-2025-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: जिले में गेहूं की फसल का घटा रकबा, जौ व सरसों के रकबे में हुई बढ़ोतरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: जिले में गेहूं की फसल का घटा रकबा, जौ व सरसों के रकबे में हुई बढ़ोतरी
Sat, 11 Jan 2025 03:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 11 Jan 2025 03:11 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद। जिले में अब रबी की फसलों की बुवाई पूरी हो चुकी है। इसके बाद कृषि एवं कल्याण विभाग के पास सभी फसलाें का डाटा एकत्रित हुआ है। इसके अनुसार कुछ फसलाें के रकबे में बढ़ाेतरी हुई है तो कुछ के रकबे में कमी दर्ज हुई है। जिले की मुख्य फसल गेहूं के रकबे में कमी दर्ज हुई है। वहीं जौ और सरसों के रकबे में बढ़ोतरी हुई है।
किसानों की मानें, तो फसलों के रकबे में कमी या बढ़ोतरी की वजह फसलों के भाव पर निर्भर है। पिछले वर्ष सरसों की फसल का भाव 5650 रुपये प्रति क्विंटल रहा था। वहीं, उत्पादन भी प्रति एकड़ आठ क्विंटल से लेकर 10 एकड़ प्रति क्विंटल तक था। इससे इस साल सरसों का रकबा 800 हेक्टेयर बढ़ा है। हालांकि, कृषि एवं कल्याण विभाग का लक्ष्य 30,000 हेक्टेयर का रखा गया था। दूसरी ओर इस बार जौ फसल के रकबे में भी 227 हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
फसलों का रकबा
फसल-अब- पिछले वर्ष-लक्ष्य हेक्टेयर में
गेहूं-1,88,000-1,90,730-1,90,000
सरसों-18,500-17,749-30,000
चना-5,40-4,70-2,000
जौ-4,280-6,550-2000
बरसीम-4,950-3,531
जई-1,200-1,414
-- -- -- -- -- -- -- -
इस बार जिले में अभी तक मौसम फसलों अनुकूल है। इससे फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। वहीं, किसानों को कम लागत और कम पानी तैयार होने वाली फसलों की बुवाई करनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक मुनाफा कमाया जा सके। ऐसे में चना, जौ और तारामीरा की फसलों की बुवाई पर ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन
- डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि एवं कल्याण विभाग फतेहाबाद
विज्ञापन
किसानों की मानें, तो फसलों के रकबे में कमी या बढ़ोतरी की वजह फसलों के भाव पर निर्भर है। पिछले वर्ष सरसों की फसल का भाव 5650 रुपये प्रति क्विंटल रहा था। वहीं, उत्पादन भी प्रति एकड़ आठ क्विंटल से लेकर 10 एकड़ प्रति क्विंटल तक था। इससे इस साल सरसों का रकबा 800 हेक्टेयर बढ़ा है। हालांकि, कृषि एवं कल्याण विभाग का लक्ष्य 30,000 हेक्टेयर का रखा गया था। दूसरी ओर इस बार जौ फसल के रकबे में भी 227 हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
विज्ञापन
फसलों का रकबा
फसल-अब- पिछले वर्ष-लक्ष्य हेक्टेयर में
गेहूं-1,88,000-1,90,730-1,90,000
सरसों-18,500-17,749-30,000
चना-5,40-4,70-2,000
जौ-4,280-6,550-2000
बरसीम-4,950-3,531
जई-1,200-1,414
इस बार जिले में अभी तक मौसम फसलों अनुकूल है। इससे फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। वहीं, किसानों को कम लागत और कम पानी तैयार होने वाली फसलों की बुवाई करनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक मुनाफा कमाया जा सके। ऐसे में चना, जौ और तारामीरा की फसलों की बुवाई पर ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन
- डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि एवं कल्याण विभाग फतेहाबाद

शास्त्री नगर अग्रसेन विहार के शिवालिक होम में शिक्षक रविंद्र अग्रवाल के घर दिनदहाड़े हुई डकैती

शास्त्री नगर अग्रसेन विहार के शिवालिक होम में शिक्षक रविंद्र अग्रवाल के घर दिनदहाड़े हुई डकैती