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Fatehabad News: धान के अवशेष जलाने की सूचना पर पहुंची टीम की किसान नेताओं संग हुई बहसबाजी
Thu, 16 Oct 2025 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 16 Oct 2025 11:08 PM IST
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रतिया किसानों से बातचीत करते हुए कृषि विभाग के अधिकारी : संवाद
रतिया। लाली रोड पर धान के भूसे को आग लगाने की सूचना पर पहुंची कृषि विभाग की टीम से किसान यूनियन के पदाधिकारी भिड़ गए।
किसान नेता निर्भय सिंह, अमन सिंह आदि ने आरोप लगाया कि लाली रोड पर कुछ किसानों ने फसल काटी थी लेकिन मांग पर 10 दिन से उन्हें बेलर उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे। एसडीएम व जिला उपयुक्त को भी सूचित किया गया लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई संतुष्टि जनक जवाब नहीं दिया गया। वीरवार दोपहर बाद कृषि विभाग के खंड कृषि अधिकारी संदीप के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम मौके पर किसानों के पास पहुंची और उन्हें धान के अवशेष न जलाने के बारे में जागरूक किया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि धान के अवशेष जलाने पर जुर्माना और फिर एफआईआर दर्ज हो सकती हैं । इसके बाद किसानों ने उनके समक्ष मांग की है कि उन्हें बेलर उपलब्ध करवाया जाए और जो धान के भूसे की गांठे हैं उनको बिना खर्च उठाया जाए।
खंड कृषि अधिकारी संदीप ने कहा कि उनकी टीम किसानों को पराली को न जलाने को लेकर समझाने गई थी। किसान बेलर देने की मांग कर रहे थे इसकी व्यवस्था करवाई दी गई है।
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किसान नेता निर्भय सिंह, अमन सिंह आदि ने आरोप लगाया कि लाली रोड पर कुछ किसानों ने फसल काटी थी लेकिन मांग पर 10 दिन से उन्हें बेलर उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे। एसडीएम व जिला उपयुक्त को भी सूचित किया गया लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई संतुष्टि जनक जवाब नहीं दिया गया। वीरवार दोपहर बाद कृषि विभाग के खंड कृषि अधिकारी संदीप के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम मौके पर किसानों के पास पहुंची और उन्हें धान के अवशेष न जलाने के बारे में जागरूक किया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि धान के अवशेष जलाने पर जुर्माना और फिर एफआईआर दर्ज हो सकती हैं । इसके बाद किसानों ने उनके समक्ष मांग की है कि उन्हें बेलर उपलब्ध करवाया जाए और जो धान के भूसे की गांठे हैं उनको बिना खर्च उठाया जाए।
खंड कृषि अधिकारी संदीप ने कहा कि उनकी टीम किसानों को पराली को न जलाने को लेकर समझाने गई थी। किसान बेलर देने की मांग कर रहे थे इसकी व्यवस्था करवाई दी गई है।
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