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Fatehabad News: 10वीं-12वीं के प्रमाणपत्रों पर दर्ज होगा स्कूल का यूडीआईएसई कोड
Tue, 13 Oct 2026 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 13 Oct 2026 10:39 PM IST
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फतेहाबाद में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय संवाद
फतेहाबाद। दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के प्रमाणपत्रों पर अब संबंधित स्कूल का यूडीआईएसई कोड दर्ज होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने भी सभी राजकीय और निजी विद्यालयों को कोड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और इस बारे में पत्र जारी किया है कि मार्च 2027 की सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी परीक्षाओं के आवेदन पत्रों में विद्यालय का यूडीआईएसई कोड भरना अनिवार्य होगा।
इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने अधीन आने वाले स्कूलों में कोड बनवाने और उसे सही तरीके से दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा आवेदन और पंजीकरण के दौरान विद्यार्थियों को होने वाली परेशानियों से बचाना है।
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शिक्षा विभाग ने विद्यालयों को समय रहते आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि बोर्ड परीक्षाओं के आवेदन भरते समय किसी तरह की दिक्कत न आए।
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स्कूल की पहचान और प्रमाणपत्र का सत्यापन होगा आसान
जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई का कहना है कि यूडीआईएसई कोड स्कूलों की विशिष्ट पहचान के रूप में काम करता है। प्रमाणपत्रों पर कोड दर्ज होने से संबंधित विद्यालय की पहचान और विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड का सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा। इसके अलावा छात्रवृत्ति, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), अपार आईडी और पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल के माध्यम से शैक्षणिक ऋण जैसी सुविधाओं का लाभ लेने में भी मदद मिलेगी।
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स्कूलों का फर्जीवाड़ा आएगा पकड़ में
मंत्रालय के अनुसार जारी पत्र में जिक्र किया गया है कि कुछ संस्थान 11वीं और 12वीं की कक्षाएं संचालित करते हैं लेकिन उनकी पहचान दूसरे स्कूल के रूप में दर्ज हैं। ऐसे में स्कूलों का फर्जीवाड़ा भी पकड़ में आएगा।
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जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने भी सभी राजकीय और निजी विद्यालयों को कोड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और इस बारे में पत्र जारी किया है कि मार्च 2027 की सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी परीक्षाओं के आवेदन पत्रों में विद्यालय का यूडीआईएसई कोड भरना अनिवार्य होगा।
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इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने अधीन आने वाले स्कूलों में कोड बनवाने और उसे सही तरीके से दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा आवेदन और पंजीकरण के दौरान विद्यार्थियों को होने वाली परेशानियों से बचाना है।
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शिक्षा विभाग ने विद्यालयों को समय रहते आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि बोर्ड परीक्षाओं के आवेदन भरते समय किसी तरह की दिक्कत न आए।
स्कूल की पहचान और प्रमाणपत्र का सत्यापन होगा आसान
जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई का कहना है कि यूडीआईएसई कोड स्कूलों की विशिष्ट पहचान के रूप में काम करता है। प्रमाणपत्रों पर कोड दर्ज होने से संबंधित विद्यालय की पहचान और विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड का सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा। इसके अलावा छात्रवृत्ति, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), अपार आईडी और पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल के माध्यम से शैक्षणिक ऋण जैसी सुविधाओं का लाभ लेने में भी मदद मिलेगी।
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स्कूलों का फर्जीवाड़ा आएगा पकड़ में
मंत्रालय के अनुसार जारी पत्र में जिक्र किया गया है कि कुछ संस्थान 11वीं और 12वीं की कक्षाएं संचालित करते हैं लेकिन उनकी पहचान दूसरे स्कूल के रूप में दर्ज हैं। ऐसे में स्कूलों का फर्जीवाड़ा भी पकड़ में आएगा।