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Fatehabad News: स्कूल का भवन चार मंजिला, मगर टाट पर बैठकर पढ़ रही 500 छात्राएं
Sun, 21 May 2023 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 21 May 2023 12:38 AM IST
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जाखल स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का चारमंजिला भवन।
जाखल। शिक्षा विभाग किस तरह विद्यार्थियों को सुविधाओं के लिए तरसने को मजबूर करता है, इसकी बानगी जाखल के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में देखने को मिल रही है। यहां दो साल पहले चार मंजिला आलीशान भवन तो बना दिया गया, लेकिन छात्राएं टाट पर ही बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। स्कूल में पढ़ने वाली 500 छात्राओं के लिए बेंच (डेस्क) तक उपलब्ध नहीं है।
ऐसा भी नहीं है कि शिक्षा विभाग या उसके अधिकारियों के संज्ञान में यह मामला नहीं है। खुद प्रिंसिपल भी समय-समय पर पत्र लिखकर बेंच उपलब्ध करवाने की मांग कर चुके हैं।
दो साल से बेंच का इंतजार कर रहीं छात्राएं
दरअसल, लंबी मांग के बाद दो वर्ष पहले साल इस विद्यालय के नए भवन को शुरू किया गया था। ग्राउंड फ्लोर सहित तीन मंजिल भवन में कमरे तो पर्याप्त हैं। मगर बेंच की व्यवस्था नहीं की गई है। विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने संबंधी योजनाएं मात्र कागजी खानापूर्ति बनकर रह गई हैं। हैरानीजनक बात यह है कि जब से भवन शुरू हुआ है, तब से अभी तक बेंच नहीं भेजे गए हैं। इस कारण दो साल से छठी से लेकर 12वीं कक्षा तक की 500 छात्राएं टाट पर बैठ कर ही पढ़ाई कर रही हैं।
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नीचे पढ़ने में होती है परेशानी
नाम न छापने की शर्त पर छात्राओं ने बताया कि नीचे पढ़कर पढ़ाई करने में परेशानी होती है। बिल्डिंग तो अच्छी बना दी है, लेकिन बेंच नहीं देने से दिक्कत हो रही है। खासकर, माहवारी के समय तो नीचे पढ़कर पढ़ना मुसीबत से कम नहीं है। माहवारी के समय तो अधिकांश छात्राओं को छुट्टी ही करनी पड़ती है। छात्राओं का कहना है कि जब करोड़ों रुपये खर्च करके बिल्डिंग बना दी तो थोड़े पैसे और खर्च करके बेंच भी उपलब्ध करवा देने चाहिए।
छात्राओं के लिए स्कूल में बेंच नहीं है, इसलिए उन्हें टाट पर बैठकर पढ़ना पड़ता है। छात्राओं की संख्या के अनुसार हमने 250 बेंच उपलब्ध करवाने के लिए मांग विभाग को भेजी हुई है।
-राममेहर सिंह, प्रिंसिपल, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जाखल
पायलट प्रोजेक्ट के तहत भट्टू खंड में सभी स्कूलों में बेंच उपलब्ध करवाए गए हैं। अब पूरे जिले का लक्ष्य लिया गया है। इस साल सभी स्कूलों में बेंचों की व्यवस्था करवा दी जाएगी।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद
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ऐसा भी नहीं है कि शिक्षा विभाग या उसके अधिकारियों के संज्ञान में यह मामला नहीं है। खुद प्रिंसिपल भी समय-समय पर पत्र लिखकर बेंच उपलब्ध करवाने की मांग कर चुके हैं।
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दो साल से बेंच का इंतजार कर रहीं छात्राएं
दरअसल, लंबी मांग के बाद दो वर्ष पहले साल इस विद्यालय के नए भवन को शुरू किया गया था। ग्राउंड फ्लोर सहित तीन मंजिल भवन में कमरे तो पर्याप्त हैं। मगर बेंच की व्यवस्था नहीं की गई है। विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने संबंधी योजनाएं मात्र कागजी खानापूर्ति बनकर रह गई हैं। हैरानीजनक बात यह है कि जब से भवन शुरू हुआ है, तब से अभी तक बेंच नहीं भेजे गए हैं। इस कारण दो साल से छठी से लेकर 12वीं कक्षा तक की 500 छात्राएं टाट पर बैठ कर ही पढ़ाई कर रही हैं।
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नीचे पढ़ने में होती है परेशानी
नाम न छापने की शर्त पर छात्राओं ने बताया कि नीचे पढ़कर पढ़ाई करने में परेशानी होती है। बिल्डिंग तो अच्छी बना दी है, लेकिन बेंच नहीं देने से दिक्कत हो रही है। खासकर, माहवारी के समय तो नीचे पढ़कर पढ़ना मुसीबत से कम नहीं है। माहवारी के समय तो अधिकांश छात्राओं को छुट्टी ही करनी पड़ती है। छात्राओं का कहना है कि जब करोड़ों रुपये खर्च करके बिल्डिंग बना दी तो थोड़े पैसे और खर्च करके बेंच भी उपलब्ध करवा देने चाहिए।
छात्राओं के लिए स्कूल में बेंच नहीं है, इसलिए उन्हें टाट पर बैठकर पढ़ना पड़ता है। छात्राओं की संख्या के अनुसार हमने 250 बेंच उपलब्ध करवाने के लिए मांग विभाग को भेजी हुई है।
-राममेहर सिंह, प्रिंसिपल, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जाखल
पायलट प्रोजेक्ट के तहत भट्टू खंड में सभी स्कूलों में बेंच उपलब्ध करवाए गए हैं। अब पूरे जिले का लक्ष्य लिया गया है। इस साल सभी स्कूलों में बेंचों की व्यवस्था करवा दी जाएगी।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद