{"_id":"69dd30931cfa7f7b4a0fec54","slug":"the-same-oil-is-being-used-more-than-20-times-for-frying-food-without-testing-or-sampling-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-151914-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिंताजनक : खाद्य सामग्री तलने के लिए एक ही तेल का 20 से ज्यादा बार प्रयोग, जांच न सैंपलिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिंताजनक : खाद्य सामग्री तलने के लिए एक ही तेल का 20 से ज्यादा बार प्रयोग, जांच न सैंपलिंग
Mon, 13 Apr 2026 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:36 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद के पपीहा पार्क के सामने फास्टफूड मार्किट संवाद
फतेहाबाद। बार-बार उपयोग किए जा रहे खाद्य तेल से लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। बाजारों में दुकानों और रेहड़ियों पर एक ही तेल का कई बार इस्तेमाल हो रहा है जिससे बीमारियों का जोखिम बढ़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार तलने में उपयोग किया गया तेल दो बार से अधिक प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके बाद उसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। बावजूद इसके, कई स्थानों पर एक ही तेल का 15 से 20 बार तक उपयोग किया जा रहा है। खासतौर पर रेहड़ी संचालकों में इस विषय पर जागरूकता की कमी साफ नजर आती है।
बार-बार गर्म किए गए तेल से कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में खानपान की आदतों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। स्थिति यह भी है कि जिले में निगरानी करने वाले संबंधित विभाग इस मामले में सक्रिय नजर नहीं आ रहे। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से न तो नियमित सैंपलिंग की जा रही है और न ही जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
इस बारे में जिले में जागरूकता अभियान भी लगभग न के बराबर ही है। अधिकारी मानते हैं कि तेल का सीमित बार ही उपयोग सुरक्षित रहता है और इसके बाद उसे नष्ट कर देना चाहिए। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर नियमों का पालन नहीं हो रहा। इससे आमजन की सेहत लगातार खतरे में पड़ रही है।
-- -- -- -- -- -- -
रेहड़ी संचालक बोले- तेल बदलेंगे तो बचेगा कुछ नहीं
शहर में पपीहा पार्क के सामने, भट्टू रोड, थाना रोड, डीएसपी रोड और जवाहर चौक में फास्ट फूड का सबसे ज्यादा कारोबार है। रेहड़ी संचालकों का कहना है कि शाम को 5 बजे तीन से चार पैकेट कड़ाही में डाले जाते है और रात तक उसी का इस्तेमाल होता है। अगर बार-बार तेल बदलेंगे तो कुछ नहीं बचेगा।
-- -- -- -- -- -
विशेष डॉ. मनीष टुटेजा का कहना है कि खाना पकाने के तेल को बार-बार गर्म करना आंतों में सूजन, अल्सर, हृदय रोग, कैंसर और लीवर की क्षति सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा है। दोबारा इस्तेमाल किए जाने वाले तेल को भी दो बार इस्तेमाल के बीच बहुत लंबे समय तक स्टोर नहीं करना चाहिए यह जल्दी खराब हो जाता है। यदि तेल दोबारा गर्म करने पर झाग छोड़ने लगे, बदबू आने लगे या गाढ़ा और धुंधला हो जाए तो उसे फेंक देना चाहिए।
-- -- -- -- -- -- -- -
खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेल का बार-बार प्रयोग सेहत पर असर डालता है। इसे दो से ज्यादा बार प्रयोग नहीं होना चाहिए। दो बार प्रयोग के बाद इसे नष्ट कर देना चाहिए। इसको लेकर चेकिंग भी की जा रही है और लोगों को जागरूक भी किया जाता है। जल्द ही बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
-हरीश कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
विज्ञापन
विशेषज्ञों के अनुसार तलने में उपयोग किया गया तेल दो बार से अधिक प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके बाद उसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। बावजूद इसके, कई स्थानों पर एक ही तेल का 15 से 20 बार तक उपयोग किया जा रहा है। खासतौर पर रेहड़ी संचालकों में इस विषय पर जागरूकता की कमी साफ नजर आती है।
विज्ञापन
बार-बार गर्म किए गए तेल से कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में खानपान की आदतों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। स्थिति यह भी है कि जिले में निगरानी करने वाले संबंधित विभाग इस मामले में सक्रिय नजर नहीं आ रहे। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से न तो नियमित सैंपलिंग की जा रही है और न ही जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
इस बारे में जिले में जागरूकता अभियान भी लगभग न के बराबर ही है। अधिकारी मानते हैं कि तेल का सीमित बार ही उपयोग सुरक्षित रहता है और इसके बाद उसे नष्ट कर देना चाहिए। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर नियमों का पालन नहीं हो रहा। इससे आमजन की सेहत लगातार खतरे में पड़ रही है।
रेहड़ी संचालक बोले- तेल बदलेंगे तो बचेगा कुछ नहीं
शहर में पपीहा पार्क के सामने, भट्टू रोड, थाना रोड, डीएसपी रोड और जवाहर चौक में फास्ट फूड का सबसे ज्यादा कारोबार है। रेहड़ी संचालकों का कहना है कि शाम को 5 बजे तीन से चार पैकेट कड़ाही में डाले जाते है और रात तक उसी का इस्तेमाल होता है। अगर बार-बार तेल बदलेंगे तो कुछ नहीं बचेगा।
विशेष डॉ. मनीष टुटेजा का कहना है कि खाना पकाने के तेल को बार-बार गर्म करना आंतों में सूजन, अल्सर, हृदय रोग, कैंसर और लीवर की क्षति सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा है। दोबारा इस्तेमाल किए जाने वाले तेल को भी दो बार इस्तेमाल के बीच बहुत लंबे समय तक स्टोर नहीं करना चाहिए यह जल्दी खराब हो जाता है। यदि तेल दोबारा गर्म करने पर झाग छोड़ने लगे, बदबू आने लगे या गाढ़ा और धुंधला हो जाए तो उसे फेंक देना चाहिए।
खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेल का बार-बार प्रयोग सेहत पर असर डालता है। इसे दो से ज्यादा बार प्रयोग नहीं होना चाहिए। दो बार प्रयोग के बाद इसे नष्ट कर देना चाहिए। इसको लेकर चेकिंग भी की जा रही है और लोगों को जागरूक भी किया जाता है। जल्द ही बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
-हरीश कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी