{"_id":"671bed59bd0c09eee30140c4","slug":"the-primary-health-center-of-village-saniana-is-running-in-the-dilapidated-building-of-the-old-panchayat-house-fatehabad-news-c-127-1-shsr1016-124152-2024-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: पुराने पंचायत घर के जर्जर भवन में चल रहा गांव सनियाना का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: पुराने पंचायत घर के जर्जर भवन में चल रहा गांव सनियाना का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
Sat, 26 Oct 2024 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 26 Oct 2024 12:41 AM IST
विज्ञापन
पुराने पंचायत घर के जर्जर भवन में बना गांव सनियाना का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।
समैन। टोहाना खंड के बड़े गांवों में शुमार गांव सनियाना में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी पुराने पंचायत घर के जर्जर भवन में चलाया जा रहा है।
इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी चिकित्सक तक नहीं है। इस कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ आयुर्वेदिक चिकित्सक ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें किसी भी तरह के इलाज के लिए उकलाना, भूना या टोहाना जाना पड़ता है।
ग्रामीण विनोद कुमार, कुलविंदर सिंह, सुमित कुमार, साहब सिंह, तारा सिंह, शुभम ने बताया कि गांव सनियाना की कुल आबादी 10 हजार से अधिक है। गांव में अभी तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का स्थायी भवन नहीं बना है। जिस कारण से अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र को पुराने पंचायत भवन की एक कमरे में संचालित किया जा रहा है। यह भवन इतना अधिक जर्जर हो चुका है, कि कभी भी गिर सकता है।
विज्ञापन
गांव के स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. हरीश पारीख ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग व प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि उनके गांव में स्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाए और चिकित्सक की स्थायी सुविधा दी जाए ताकि छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए उन्हें भूना, टोहाना या हिसार न जाना पड़े।
-- -- -- -
गांव में स्वास्थ्य केंद्र का बड़ा अभाव है। ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर-दराज शहरों के अस्पतालों में जाना पड़ता है। गांव में स्थायी स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। प्रदेश सरकार से मांग है कि गांव में स्वास्थ्य केंद्र का भवन बनाया जाए ताकि ग्रामीणों को गांव में ही इलाज मिल सके।
-विनोद कुमार कैरो, ग्रामीण
-- -- -- -- --
गांव में अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र पंचायत भवन के पुराने भवन के एक कमरे में चल रहा है। केंद्र में कोई भी स्थायी चिकित्सक नहीं है। सरकार से हमारी मांग है कि गांव में जल्द से जल्द प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाकर उसमें चिकित्सक की स्थायी नियुक्ति की जाए।
कुलविंदर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता
-- -- -- -- --
गांव सनियाना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र न होने से ग्रामीणों को इलाज के लिए उकलाना, भूना व टोहाना शहर के अस्पतालों में जाना पड़ता है। इन शहरों के अस्पतालों में ग्रामीणों को इलाज काफी महंगा पड़ता है। गांव में अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए।
विनोद नायक, पंचायत सदस्य
-- -- -- -- -- --
गांव सनियाना में स्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनने से आसपास के गांव चमारखेड़ा, बोस्ती, पारता, साहू व शंकरपुरा के लोगों को भी लाभ मिलेगा। इसलिए सरकार से उनकी मांग है कि गांव में जल्द से जल्द स्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाकर उसमें स्थायी चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए।
सुमित महला, ग्रामीण।
-- -- -- -- -- --
गांव सनियाना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सख्त जरूरत है। जनसंख्या के हिसाब से गांव में स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाना चाहिए। स्वास्थ्य केंद्र न होने से गांव के लोग काफी परेशान हैं। इसलिए हमारी सरकार से मांग है कि गांव में जल्द से जल्द प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का स्थायी भवन बनाकर उसमें चिकित्सक की स्थायी तौर पर नियुक्ति की जाए।
संतोष कुमारी, सरपंच, गांव सनियाना
विज्ञापन
इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी चिकित्सक तक नहीं है। इस कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ आयुर्वेदिक चिकित्सक ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें किसी भी तरह के इलाज के लिए उकलाना, भूना या टोहाना जाना पड़ता है।
विज्ञापन
ग्रामीण विनोद कुमार, कुलविंदर सिंह, सुमित कुमार, साहब सिंह, तारा सिंह, शुभम ने बताया कि गांव सनियाना की कुल आबादी 10 हजार से अधिक है। गांव में अभी तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का स्थायी भवन नहीं बना है। जिस कारण से अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र को पुराने पंचायत भवन की एक कमरे में संचालित किया जा रहा है। यह भवन इतना अधिक जर्जर हो चुका है, कि कभी भी गिर सकता है।
विज्ञापन
गांव के स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. हरीश पारीख ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग व प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि उनके गांव में स्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाए और चिकित्सक की स्थायी सुविधा दी जाए ताकि छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए उन्हें भूना, टोहाना या हिसार न जाना पड़े।
गांव में स्वास्थ्य केंद्र का बड़ा अभाव है। ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर-दराज शहरों के अस्पतालों में जाना पड़ता है। गांव में स्थायी स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। प्रदेश सरकार से मांग है कि गांव में स्वास्थ्य केंद्र का भवन बनाया जाए ताकि ग्रामीणों को गांव में ही इलाज मिल सके।
-विनोद कुमार कैरो, ग्रामीण
गांव में अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र पंचायत भवन के पुराने भवन के एक कमरे में चल रहा है। केंद्र में कोई भी स्थायी चिकित्सक नहीं है। सरकार से हमारी मांग है कि गांव में जल्द से जल्द प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाकर उसमें चिकित्सक की स्थायी नियुक्ति की जाए।
कुलविंदर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता
गांव सनियाना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र न होने से ग्रामीणों को इलाज के लिए उकलाना, भूना व टोहाना शहर के अस्पतालों में जाना पड़ता है। इन शहरों के अस्पतालों में ग्रामीणों को इलाज काफी महंगा पड़ता है। गांव में अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए।
विनोद नायक, पंचायत सदस्य
गांव सनियाना में स्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनने से आसपास के गांव चमारखेड़ा, बोस्ती, पारता, साहू व शंकरपुरा के लोगों को भी लाभ मिलेगा। इसलिए सरकार से उनकी मांग है कि गांव में जल्द से जल्द स्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाकर उसमें स्थायी चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए।
सुमित महला, ग्रामीण।
गांव सनियाना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सख्त जरूरत है। जनसंख्या के हिसाब से गांव में स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाना चाहिए। स्वास्थ्य केंद्र न होने से गांव के लोग काफी परेशान हैं। इसलिए हमारी सरकार से मांग है कि गांव में जल्द से जल्द प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का स्थायी भवन बनाकर उसमें चिकित्सक की स्थायी तौर पर नियुक्ति की जाए।
संतोष कुमारी, सरपंच, गांव सनियाना