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Fatehabad News: शहर से बंदर पकड़ने का मामला अटका, दूसरी बार भी नहीं आई एजेंसी
Sat, 18 Mar 2023 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 18 Mar 2023 12:13 AM IST
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फतेहाबाद। शहर से बंदर पकड़ने पर संकट खड़ा हो गया है। नगर परिषद द्वारा बंदर पकड़ने के लिए दूसरी बार लगाए गए टेंडर पर भी कोई एजेंसी नहीं आई है जबकि पहली बार जब टेंडर लगाया गया था तो एक एजेंसी आई थी। एजेंसी न आने के कारण नगर परिषद ने दोबारा टेंडर को रद कर दिया है।
अब नगर परिषद दोबारा से टेंडर लगाएगी। बताया जा रहा है कि एजेंसियों को नगर परिषद द्वारा टेंडर को लेकर लगाई गई शर्तें मंजूर नहीं है। एजेंसियों का कहना है कि फिरोजपुर झिरका में जीपीएस के साथ वह बंदर नहीं छोड़ सकते है। यहां पर वह बंदर अपने स्तर पर स्थिति के मुताबिक ही छोड़ सकते हैं।
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वन्य जीव प्राणी विभाग दे चुका है अनुमति
शहर से 300 बंदर पकड़ने के लिए नगर परिषद ने वन्य जीव प्राणी विभाग से अनुमति मांगी थी। अनुमति को लेकर कई दिनों तक फाइल दबी रही थी लेकिन लोगों के हंगामे के बाद विभाग ने फिरोजपुर झिरका के जंगलों में बंदर छोड़ने की अनुमति दी थी। इसके अलावा ये भी शर्तें लगाईं थी कि बंदरों को पकड़ने से पहले वन्य जीव निरीक्षक को सूचना देनी होगी। बंदरों को छोड़ते समय वीडियोग्राफी करनी होगी और जीपीएस लोकेशन भी देनी होगी।
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प्रस्ताव पिछले 6 माह से अटका हुआ था
शहर में बंदरों के आतंक को लेकर जगजीवनपुरा, बीमा कॉलोनी, डीसी कॉलोनी, चौधरी कॉलोनी के लोग नगर परिषद में हंगामा कर चुके है। इसके अलावा पार्षद भी कई बार मांग कर चुके है। बंदरों को पकड़े जाने का प्रस्ताव पिछले 6 माह से अटका हुआ था। लोगों के हंगामे के बाद अनुमति लेने की नगर परिषद अधिकारियों ने प्रक्रिया शुरू की थी।
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अब नगर परिषद दोबारा से टेंडर लगाएगी। बताया जा रहा है कि एजेंसियों को नगर परिषद द्वारा टेंडर को लेकर लगाई गई शर्तें मंजूर नहीं है। एजेंसियों का कहना है कि फिरोजपुर झिरका में जीपीएस के साथ वह बंदर नहीं छोड़ सकते है। यहां पर वह बंदर अपने स्तर पर स्थिति के मुताबिक ही छोड़ सकते हैं।
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वन्य जीव प्राणी विभाग दे चुका है अनुमति
शहर से 300 बंदर पकड़ने के लिए नगर परिषद ने वन्य जीव प्राणी विभाग से अनुमति मांगी थी। अनुमति को लेकर कई दिनों तक फाइल दबी रही थी लेकिन लोगों के हंगामे के बाद विभाग ने फिरोजपुर झिरका के जंगलों में बंदर छोड़ने की अनुमति दी थी। इसके अलावा ये भी शर्तें लगाईं थी कि बंदरों को पकड़ने से पहले वन्य जीव निरीक्षक को सूचना देनी होगी। बंदरों को छोड़ते समय वीडियोग्राफी करनी होगी और जीपीएस लोकेशन भी देनी होगी।
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प्रस्ताव पिछले 6 माह से अटका हुआ था
शहर में बंदरों के आतंक को लेकर जगजीवनपुरा, बीमा कॉलोनी, डीसी कॉलोनी, चौधरी कॉलोनी के लोग नगर परिषद में हंगामा कर चुके है। इसके अलावा पार्षद भी कई बार मांग कर चुके है। बंदरों को पकड़े जाने का प्रस्ताव पिछले 6 माह से अटका हुआ था। लोगों के हंगामे के बाद अनुमति लेने की नगर परिषद अधिकारियों ने प्रक्रिया शुरू की थी।