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Fatehabad News: पार्कों की सूची सार्वजनिक नहीं, सीएम से मिलेंगे पार्षद
Mon, 16 Feb 2026 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 16 Feb 2026 11:40 PM IST
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फतेहाबाद में नगर परिषद कार्यालय में संस्थाओं को अलॉट किए पार्को की सूची सार्वजनिक न होने पर विर
- फोटो : गोविंदपुर माधव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज को देखते चिकित्सक।
फतेहाबाद। नगर परिषद प्रशासन ने शहर के कई पार्कों और हरित पट्टी की सफाई के लिए संस्थाओं को गोद दिया है। लेकिन जिन संस्थाओं को पार्क गोद दिया गया है उसकी सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। पार्षदों को भी पता नहीं है कि उनके वार्ड में किस संस्था को जिम्मा दिया गया है।
पार्कों की सूची सार्वजनिक न करने पर सोमवार को नगर परिषद कार्यालय में पार्षद मोहन लाल नारंग और प्रतिनिधि योगी हंसराज ने रोष व्यक्त किया। पार्षदों ने कहा कि सूची सार्वजनिक न करना, गड़बड़ी की ओर इशारा है। मामले को सीएम नायब सिंह सैनी के सामने रखेंगे। वहीं मामले में ईओ सुरेश कुमार ने कहा कि नियम अनुसार ही कुछ पार्कों और हरित पट्टी को गोद दिया गया है। आवेदन मांगने जैसी कोई बात नहीं है, सरकार की हिदायत है, अगर कोई संस्था लेने के लिए रूचि रखती है तो गोद दिया जा सकता है।
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नवंबर में खत्म हो गया था ठेका
नगर परिषद ने वर्ष 2024 नवंबर माह में संस्थाओं को शहर के पार्क और हरित पट्टी गोद दी थी। पिछले साल 18 नवंबर को ठेका खत्म हो गया था लेकिन इससे पहले प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया। दूसरी तरफ नगर परिषद प्रशासन के पास देखरेख और सफाई के लिए न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही नियमित कर्मचारी हैं।
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पार्कों का नहीं किया गया भुगतान
नगर परिषद ने जिन संस्थाओं को पार्कों का ठेका दिया था, उनका भुगतान सितंबर माह से नहीं किया गया। यानि की साढ़े तीन माह बीतने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। मॉडल टाउन के कई छोटे पार्कों का ठेका इस माह खत्म हो जाएगा। भुगतान इनका भी नहीं हुआ है। नगर परिषद आमतौर पर पार्कों की देखरेख संस्थाओं को सौंपती है और इसके बदले 4 रुपये 40 पैसे प्रति वर्ग गज की दर से भुगतान करती है।
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पार्कों की सूची सार्वजनिक न करने पर सोमवार को नगर परिषद कार्यालय में पार्षद मोहन लाल नारंग और प्रतिनिधि योगी हंसराज ने रोष व्यक्त किया। पार्षदों ने कहा कि सूची सार्वजनिक न करना, गड़बड़ी की ओर इशारा है। मामले को सीएम नायब सिंह सैनी के सामने रखेंगे। वहीं मामले में ईओ सुरेश कुमार ने कहा कि नियम अनुसार ही कुछ पार्कों और हरित पट्टी को गोद दिया गया है। आवेदन मांगने जैसी कोई बात नहीं है, सरकार की हिदायत है, अगर कोई संस्था लेने के लिए रूचि रखती है तो गोद दिया जा सकता है।
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नवंबर में खत्म हो गया था ठेका
नगर परिषद ने वर्ष 2024 नवंबर माह में संस्थाओं को शहर के पार्क और हरित पट्टी गोद दी थी। पिछले साल 18 नवंबर को ठेका खत्म हो गया था लेकिन इससे पहले प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया। दूसरी तरफ नगर परिषद प्रशासन के पास देखरेख और सफाई के लिए न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही नियमित कर्मचारी हैं।
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पार्कों का नहीं किया गया भुगतान
नगर परिषद ने जिन संस्थाओं को पार्कों का ठेका दिया था, उनका भुगतान सितंबर माह से नहीं किया गया। यानि की साढ़े तीन माह बीतने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। मॉडल टाउन के कई छोटे पार्कों का ठेका इस माह खत्म हो जाएगा। भुगतान इनका भी नहीं हुआ है। नगर परिषद आमतौर पर पार्कों की देखरेख संस्थाओं को सौंपती है और इसके बदले 4 रुपये 40 पैसे प्रति वर्ग गज की दर से भुगतान करती है।