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Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   The head of the chair of the city council in crisis

नगर परिषद के प्रधान की कुर्सी संकट में

Sat, 10 May 2014 12:01 AM IST
Updated Sat, 10 May 2014 12:01 AM IST
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नगर परिषद में प्रधान की कुर्सी पर संकट के बादल छा गए हैं। प्रधान के व्यवहार से खफा आधे से ज्यादा पार्षदों ने नगर परिषद के प्रधान वीरेंद्र नारंग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने प्रधान पर रौब झाड़ने का आरोप लगाया है और कहा है कि वे उनके काम में रोड़े अटका रहे हैं।

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बागी पार्षदों का आरोप है कि प्रधान केवल अपने वार्ड तक सीमित होकर रह गए हैं। दूसरे वार्डों में काम करवाने पर उनका कोई ध्यान नहीं है। उधर, पार्षदों के गर्म तेवर देख अब प्रधान के सुर भी नरम पड़ गए हैं और पार्षदों को भाईचारे से बात निपटाने के लिए कह रहे हैं।
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यह विवाद नगर परिषद के ईओ को लेट आने का नोटिस देने के बाद शुरू हुआ था।
 पार्षदों ने कहा कि 16 मई के बाद पार्षदों का दल डीसी से मिलेगा और प्रधान को बर्खास्त करने की मांग करेगा। पार्षदों ने कहा कि उनके पास कुल 21 में से 15 पार्षदों का समर्थन है और वे बस 16 मई का इंतजार कर रहे हैं। चुनाव के नतीजों के बाद डीसी से मिलकर प्रधान की शिकायत की जाएगी। ऐसे में प्रधान की कुर्सी पर आगे जाकर संकट के बादल छाने वाले हैं।
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ये पार्षद हैं प्रधान के खिलाफ
पार्षद मदन लाल ने बताया कि प्रधान के खिलाफ आधे से ज्यादा पार्षद हैं जो प्रधान के कामकाज और व्यवहार से खुश नहीं हैं।
1. दर्शन नागपाल
2. मदन बंसल
3. कुलवंत सिंह
4. रमेश गिल्होत्रा
5. सुरेंद्र मिड्ढा
6. ज्योति मेहता
7. शकुंतला ढींगरा
8. सुमनबाला मेहता
9. सुनीता रत्ती
10. जसवंत कांगड़ा
11. वजीर जाखड़
12. सुरेंद्र कुमार
मदन लाल ने कहा कि इसके अलावा भी कई पार्षद ऐसे हैं जो अप्रत्यक्ष रूप से हमारे साथ हैं।

नया प्रधान बनाने का दावा
पार्षद मदन लाल ने बताया कि आधे से ज्यादा पार्षद हमारे साथ हैं। हम अपनी पसंद का प्रधान बनाएंगे। प्रधान वीरेंद्र नारंग भेदभाव करते हैं। उनके विचार किसी भी पार्षद से मेल नहीं खाते। वे हमारे फोन तक अटैंड नहीं करते। ऐसे में किससे अपनी शिकायत करें।

नहीं है कोई एजेंडा
पार्षद दर्शनलाल नागपाल ने कहा कि प्रधान के पास कोई एजेंडा नहीं है। कोई शिकायत उनके पास लेकर जाते हैं तो कोई कार्रवाई नहीं करते। प्रधान काम रुकवाने वालों में से है। प्रधान का कोई सहयोग नहीं मिलता। वार्ड के काम में भी भेदभाव बरता जाता है। वार्ड 19 में चार सफाई कर्मियों की जरूरत है, लेकिन प्रधान यहां सिफ तीन सफाई कर्मचारी ही भेजते हैं। बार-बार शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं करता।

ईओ को नोटिस देने पर गुस्सा
पार्षदों का गुस्सा उस समय और फूट गया जब प्रधान ने ईओ धीरज कुमार और परिषद के कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस दिया। नोटिस देने के बाद कई पार्षद ईओ के साथ खड़े हो गए। पार्षद ज्योति मेहता ने कहा कि प्रधान के खिलाफ सभी पार्षदों में गुस्सा है। नगर परिषद के प्रधान से विचार मेल ही नहीं खाते। उन्होंने एक ईमानदार अफसर को लेट आने का नोटिस देकर गैर जिम्मेदाराना कदम उठाया है। सभी नगर के पार्षद इसके खिलाफ हैं।
 
मुझे प्रधान से शिकायत नहीं
ईओ धीरज कुमार ने कहा कि मुझे प्रधान वीरेंद्र नारंग की तरफ से नोटिस मिला था। मैं मौखिक रूप से नोटिस का जवाब दे चुका हूं। मैं अपना काम अपनी पूरी क्षमता और ईमानदारी से करता हूं। मुझे प्रधान से कोई शिकायत नहीं है।


मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है। ईओ को नोटिस देने का मतलब सिर्फ इतना था कि मैं उनसे लेट आने का कारण पूछना चाहता था। अगर किसी को मुझसे शिकायत है तो भाईचारे से मिलकर मामला सुलझाया जा सकता है। अगर कोई मुझसे नाराज है तो मुझसे मिल सकता है। मैंने सब जगह समान रूप से काम करवाया है। वीरेंद्र नारंग, प्रधान, नगर परिषद

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