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Fatehabad News: गुरु बिन सूना ज्ञान का आंगन
Sat, 29 Aug 2026 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 29 Aug 2026 10:50 PM IST
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जाखन दादी के राजकीय प्राथमिक स्कूल में क्लास में विद्यार्थी खुद ही ब्लैकबोर्ड पर लिखकर पढ़ते हु
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रतिया। फतेहाबाद रोड स्थित जाखन दादी राजकीय प्राथमिक पाठशाला दो वर्षों से शिक्षकों की कमी झेल रही है। स्कूल में 210 विद्यार्थी हैं। चार शिक्षक तैनात हैं लेकिन उनमें तीन फिलहाल एसआईआर ड्यूटी और एक अवकाश पर है।
स्कूल में बाल वाटिका से पांचवीं तक सात कक्षाएं चलती हैं। इनमें 210 विद्यार्थी नामांकित हैं। विद्यार्थियों के लिए शिक्षकों के 10 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में चार शिक्षक तैनात हैं। तीन शिक्षकों की फिलहाल एसआईआर में ड्यूटी लगी है। चौथा शिक्षक बीमारी के चलते अवकाश पर है।
वर्ष 2024 से स्कूल डेपुटेशन पर सप्ताह में दो-तीन दिन आने वाले शिक्षकों के सहारे चल रहा था। जुलाई में प्रदेश सरकार ने डेपुटेशन रद्द करने के आदेश जारी किए। इसके बाद शिक्षकों की एसआईआर में ड्यूटी लगा दी गई। इससे स्कूल फिलहाल पूरी तरह शिक्षकविहीन है।
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कक्षाओं में शिक्षक नहीं होने से बच्चे खुद ही स्मार्ट बोर्ड पर पढ़ाई करते रहते हैं। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मुख्याध्यापक संदीप संधा ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण इस सत्र में दाखिले के लिए संपर्क अभियान भी नहीं चलाया जा सका। इस साल स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के बजाय 16 कम हो गई।
उन्होंने बताया कि जुलाई और अगस्त में उपायुक्त, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी को कई पत्र भेजे गए। इसके बावजूद भी यह समस्या बनी हुई है।
खंड शिक्षा अधिकारी शशि प्रकाश ने माना कि जाखन दादी स्कूल में शिक्षकों की समस्या गंभीर है। अगले दो सप्ताह में एसआईआर ड्यूटी समाप्त होने पर शिक्षक लौट आएंगे। स्थायी समाधान के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। सितंबर माह में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है। संवाद
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स्कूल दो बार बन चुका है विजेता
जो स्कूल कभी मुख्यमंत्री सौंदर्यकरण प्रतियोगिता में दो बार विजेता रहा था वह आज शिक्षकों के अभाव में अपनी पहचान खो रहा है। हालत ये है कि स्कूल में पढ़ने वाले होशियार छात्र क्लास को चला रहे हैं। कुछ कक्षाओं में विद्यार्थी टीचर बनकर अन्य बच्चों को संभाल रहे हैं।
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स्कूल में बाल वाटिका से पांचवीं तक सात कक्षाएं चलती हैं। इनमें 210 विद्यार्थी नामांकित हैं। विद्यार्थियों के लिए शिक्षकों के 10 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में चार शिक्षक तैनात हैं। तीन शिक्षकों की फिलहाल एसआईआर में ड्यूटी लगी है। चौथा शिक्षक बीमारी के चलते अवकाश पर है।
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वर्ष 2024 से स्कूल डेपुटेशन पर सप्ताह में दो-तीन दिन आने वाले शिक्षकों के सहारे चल रहा था। जुलाई में प्रदेश सरकार ने डेपुटेशन रद्द करने के आदेश जारी किए। इसके बाद शिक्षकों की एसआईआर में ड्यूटी लगा दी गई। इससे स्कूल फिलहाल पूरी तरह शिक्षकविहीन है।
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कक्षाओं में शिक्षक नहीं होने से बच्चे खुद ही स्मार्ट बोर्ड पर पढ़ाई करते रहते हैं। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मुख्याध्यापक संदीप संधा ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण इस सत्र में दाखिले के लिए संपर्क अभियान भी नहीं चलाया जा सका। इस साल स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के बजाय 16 कम हो गई।
उन्होंने बताया कि जुलाई और अगस्त में उपायुक्त, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी को कई पत्र भेजे गए। इसके बावजूद भी यह समस्या बनी हुई है।
खंड शिक्षा अधिकारी शशि प्रकाश ने माना कि जाखन दादी स्कूल में शिक्षकों की समस्या गंभीर है। अगले दो सप्ताह में एसआईआर ड्यूटी समाप्त होने पर शिक्षक लौट आएंगे। स्थायी समाधान के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। सितंबर माह में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है। संवाद
स्कूल दो बार बन चुका है विजेता
जो स्कूल कभी मुख्यमंत्री सौंदर्यकरण प्रतियोगिता में दो बार विजेता रहा था वह आज शिक्षकों के अभाव में अपनी पहचान खो रहा है। हालत ये है कि स्कूल में पढ़ने वाले होशियार छात्र क्लास को चला रहे हैं। कुछ कक्षाओं में विद्यार्थी टीचर बनकर अन्य बच्चों को संभाल रहे हैं।

जाखन दादी के राजकीय प्राथमिक स्कूल में क्लास में विद्यार्थी खुद ही ब्लैकबोर्ड पर लिखकर पढ़ते हु