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देश विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर : संपूर्णानंद ब्रह्मचारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 23 May 2022 11:24 PM IST
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The country is moving towards becoming a world guru: Sampurnanand Brahmachari
गांव ढिंगसरा स्थित आश्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते अग्नि अखाड़ा के सचिव संपूर्णानंद ब्रह? - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। अग्नि अखाड़ा के सचिव संपूर्णानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि देश विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। नित्य देश की कीर्ति बढ़ रही है। हर नागरिक को अपने देश को विश्व गुरु बनाने में अपना योगदान देना चाहिए। वे सोमवार को गांव ढिंगसरा स्थित शिव कैलाश आश्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।
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कार्यक्रम में सांसद सुनीता दुग्गल और विधायक दुड़ाराम ने भी भाग लिया। संपूर्णानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि धन आने के बाद आपको श्रेष्ठता प्राप्त करनी है, तो विनम्रता बनाए रखनी होगी। रामभक्त हनुमानजी के पास ऐसी ही विनम्रता थी। वह जिससे भी मिलते थे, उसको अपना बना लेते थे। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन में आए अनेक संकटों को उन्होंने दूर करने में भूमिका निभाई। इसीलिए वह संकटमोचक कहलाए।
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सुग्रीव और श्रीराम मिलन की सुनाई कथा
संपूर्णानंद ब्रह्मचारी ने श्रद्धालुओं को श्रीराम व सुग्रीव के मिलन की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि वानर राज सुग्रीव ने वनों में भटक रहे श्रीराम व उनके भाई लक्ष्मण को देखकर उनकी जानकारी लेने के लिए हनुमानजी को भेजा। हनुमानजी ने रामजी के पास जाकर कहा कि आपके पैर कोमल हैं। हावभाव से भी आप संन्यासी बिल्कुल नहीं लग रहे हैं। हे नाथ अपना परिचय दें। जब श्रीराम व लक्ष्मण अपना परिचय देते हैं, तो हनुमानजी उनसे कहते हैं कि वह ऐसे व्यक्ति को जानते हैं, जो आपकी मदद करेगा। रामजी ने पूछा कि वो कौन हैं, तो हनुमानजी कहते हैं कि वो सुग्रीव हैं। सुग्रीव का भी सिंहासन छीना हुआ है, उनकी पत्नी का भी हरण किया हुआ है। हनुमानजी रामजी से कहते हैं कि आप सुग्रीव को मित्र मान लेना।
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सावन के पूरे महीने में मौन धारण किए रखते हैं संपूर्णानंद ब्रह्मचारी
अग्नि अखाड़ा के सचिव संपूर्णानंद ब्रह्मचारी सावन के पूरे महीने में मौन धारण किए रखते हैं। वह अग्नि अखाड़ा के सबसे कम उम्र के ब्रह्मचारी हैं। इस दौरान आसपास के क्षेत्रों से आए हुए संत-महात्माओं को ग्रामीणों ने सम्मानित भी किया। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए लंगर प्रसाद का वितरण भी किया गया। इस मौके पर विचित्रानंद ब्रह्मचारी, कुलदीपानंद ब्रह्मचारी, बलजीत नंबरदार, राजेश गिरि महाराज, अशोक सरपंच, ईश्वर सिंह, अंगद ढिंगसरा, जितेंद्र डूडी, बिजेंद्र पूनियां, सतपाल, नौरंग सिंह, सुभाष डूडी, राजेंद्र, देवीलाल मास्टर, विनोद वर्मा आदि उपस्थित रहे।

गांव ढिंगसरा स्थित आश्रम में दिवंगत हरिरानंद स्वामी को नमन करते हुए अग्नि अखाड़ा के सचिव संपूर्?

गांव ढिंगसरा स्थित आश्रम में दिवंगत हरिरानंद स्वामी को नमन करते हुए अग्नि अखाड़ा के सचिव संपूर्?- फोटो : Fatehabad

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