फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   The contract for collecting garbage from homes will end after seven days, if it does not proceed further then there will be consequences.

Fatehabad News: घरों से कचरा उठाने का ठेका सात दिन बाद होगा खत्म, आगे नहीं बढ़ा तो लगेंगे ढेर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Apr 2024 12:16 AM IST
विज्ञापन
The contract for collecting garbage from homes will end after seven days, if it does not proceed further then there will be consequences.
फतेहाबाद के नगर परिषद में खड़ी कचरा उठान गाड़ियां
फतेहाबाद। नगर परिषद ने शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठान का ठेका निजी एजेंसी को दे रखा है। ठेका 5 मई को खत्म होने जा रहा है, सात दिन का और समय रह गया है। नगर परिषद के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि शहर से कचरे का उठान किया जा सके। लेकिन बावजूद इसके अभी तक नगर परिषद ये फैसला नहीं ले पाई है कि ठेका को आगे बढ़ाया जाएगा या फिर नगर परिषद खुद ही व्यवस्था करेगा।
विज्ञापन

नगर परिषद अधिकारियों ने प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची के पास मंजूरी के लिए फाइल भेजी है। लेकिन बताया जा रहा है कि नगर परिषद प्रधान ने फाइल रोक रखी है और अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। सोमवार को प्रधान-उपप्रधान पार्षदों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में फैसला लिया जाएगा कि आगे बढ़ाना है या नहीं और नए टेंडर को लेकर भी चर्चा होगी। यहां से मंजूरी के बाद जिला नगर आयुक्त कार्यालय को फाइल भेजी जानी है। ऐसे में अगर प्रक्रिया धीमी रहती है तो ठेका खत्म होने के बाद शहर में उठान नहीं होगा और कचरे के ढेर लगने स्वभाविक है। शहर से रोजाना 30 से 35 टन कचरे का उठान हो रहा है। नगर परिषद ने फिलहाल एजेंसी को 1685 रुपये प्रति टन के हिसाब से ठेका दे रखा है। एजेंसी को करीब 5 से 6 बार कचरे का उठान में लापरवाही पर नोटिस भी जारी हो चुका है और जुर्माना भी लगाया जा चुका है।
विज्ञापन

प्रधान-उपप्रधान नगर परिषद अपने स्तर पर कचरे के उठान पर अड़े
नगर परिषद ने पिछले साल डोर टू डोर कचरा उठान का ठेका निजी एजेंसी को दिया था। ठेका एक साल का होने के चलते 5 मई को खत्म होने जा रहा है। नगर परिषद ने नया प्रस्ताव तो बना लेकिन आचार संहिता के चलते फाइल लटक गई। प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची और उपप्रधान सविता टुटेजा ने पिछले दिनों पत्र जारी करके कहा था कि नगर परिषद अपने स्तर पर ही कचरे का उठान करें, एजेंसी का काम संतोषजनक नहीं है। लेकिन हकीकत ये है कि नगर परिषद के पास मात्र 13 कचरा उठान गाड़ियां हैं। जबकि शहर में वार्डों की संख्या 27 हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नगर परिषद दो साल में नहीं खरीद पाया साधन न रखे गए कर्मचारी
नगर परिषद के नए हाउस को चुने गए दो साल होने वाले हैं। लेकिन इस बीच नगर परिषद न तो संसाधन खरीद पाया है और न ही कर्मचारी रखे गए हैं। जबकि नगर परिषद की सीमा भी बढ़ चुकी है। नगर परिषद 90 कर्मचारी रखे जाने को लेकर प्रस्ताव बना चुका है लेकिन सिरे नहीं चढ़ा है।

नगर परिषद के पास सफाई कर्मचारियों की ये है स्थिति
नगर परिषद के वार्ड : 27
जनसंख्या : 92000
सफाई कर्मचारी : 157
रोजाना निकल रहा कचरा : 30 से 35 टन
कोट
डोर-टू-डोर कचरा उठान के ठेके को लेकर सोमवार को प्रधान बैठक लेंगे। जिसमें अधिकारी और पार्षद भी शामिल रहेंगे। बैठक में फैसला लिया जाएगा। आचार संहिता के चलते एक बार ठेका को आगे बढ़ाया जाएगा। नए टेंडर की जगह नगर परिषद अपने स्तर पर डोर-टू-डोर कचरा का उठान करें इसको लेकर भी चर्चा होगी।
-सविता टुटेजा, उपप्रधान, नगर परिषद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed