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Fatehabad News: नगर परिषद के खाते में 65 करोड़ पर खींचतान में अटका शहर का विकास

Sun, 18 Jan 2026 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 18 Jan 2026 11:46 PM IST
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The city's development is stalled due to a tussle over Rs 65 crore in the Municipal Council's account
फतेहाबाद का मिनी बाइपास जहां माइनर पर साइकिल ट्रैक बनना संवाद
फतेहाबाद। नगर परिषद में 60 दिन पहले हाउस बैठक हुई थी, उम्मीद जगी थी कि शहर में विकास कार्य होंगे लेकिन हालात इसके उलट हो चुके है। पार्षदों के प्रस्तावों समेत शहर के 400 प्रोजेक्ट रुककर रह गए हैं। पार्षदों का 9 दिन तक धरना चला, आश्वासन मिला लेकिन स्थिति टस से मस नहीं हुई है।
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वजह ये है कि नगर परिषद में कार्यकारी अभियंता नहीं है। कार्यकारी अभियंता करीब दो माह से छुट्टी पर है। इसके चलते नगर परिषद के पास 65 करोड़ का बजट होने बाद भी विकास कार्य नहीं हो रहे है। कार्यकारी अभियंता के होने पर ही टेंडर प्रक्रिया पूरी हो सकती है। उपप्रधान सविता टुटेजा का कहना है कि इसी सप्ताह सीएम नायब सिंह सैनी से मिलेंगे और अधिकारियों की नियुक्ति की मांग रखेंगे।
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नगर परिषद में हाउस बैठक 19 नवंबर को हुई थी। हंगामेदार बैठक में पार्षदों ने 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया था लेकिन इसके बीतने के बाद ईओ से लेकर जेई तक के तबादले हो गए। यहां तक रिश्वत कांड ने व्यवस्था ही बदल दी। नगर परिषद के 27 वार्ड है और 10 से 15 प्रस्ताव प्रत्येक पार्षद ने दिए थे। एमई और जेई एस्टीमेट बना चुके हैं लेकिन कार्यकारी अभियंता न होने से टेंडर नहीं लग रहे हैं। इसमें अधिकतर गलियों के निर्माण और मरम्मत से जुड़े काम शामिल हैं।
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अधिकारी न होने से जिसकी सबसे ज्यादा शिकायत, फिर भी दिया ठेका

नगर परिषद सफाई को लेकर भी टेंडर नहीं लगा पा रहा है। वजह ये है कि तकनीकी अधिकारी नहीं है। इस वजह से नगर परिषद ने एजेंसी को 6 माह का फिर से ठेका दे दिया है। सफाई को लेकर लापरवाही और शिकायतों के बावजूद ठेका दिया गया है। स्ट्रीट लाइट मरम्मत का भी ठेका बढ़ाने की तैयारी है।

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बंदर पकड़ने का ठेका पर निगरानी नहीं

नगर परिषद ने शहर में बंदरों को पकड़ने के लिए निजी एजेंसी को ठेका दिया हुआ है लेकिन इसके बावजूद एजेंसी बंदर नहीं पकड़ रही है। शहर के अग्रवाल कॉलोनी में बंदरों का झुंड घरों की छतों पर घूमता रहा। स्थानीय निवासी सोनू कुमार, मनीष दीक्षित ने कहा कि बंदर घरों में घुसकर आतंक मचा रहे है। नगर परिषद प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।


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शहर के ये बड़े प्रोजेक्ट अटके हुए हैंं

- आजाद नगर में कम्युनिटी सेंटर का निर्माण

- मिनी बाईपास पर साइकिल ट्रैक का निर्माण

- बीघड़ रोड कम्युनिटी सेंटर में ऑडिटोरियम का निर्माण

- नगर परिषद के नए भवन का निर्माण

- नगर परिषद कार्यालय के सामने डिवाइडर का निर्माण

- मिनी बाईपास से डीएवी स्कूल तक स्ट्रीट लाइटें लगे

- सेक्टर से नए बस स्टैंड तक स्ट्रीट लाइटें

- कपड़ा मार्केट में दुकानों की रजिस्ट्री

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शहर में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। कार्यकारी अभियंता की नियुक्ति न होने से काम अटके हुए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। सरकार इस पर संज्ञान ले। क्योंकि जनता से जुड़े सभी कार्य रुके हुए हैं।

-मोहन लाल नारंग, पार्षद वार्ड 12

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अधिकारी न होने से शहर में काम नहीं हो पा रहे हैं। जल्द ही इस बारे में सीएम से मिलेंगे और अधिकारियों के पदों को भरने की मांग रखी जाएगी।

-सविता टुटेजा, उपप्रधान, नगर परिषद
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