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Fatehabad News: बेसहारा गोवंश पकड़ने का टेंडर अटका, सड़कों पर हादसों का अंदेशा
Sun, 18 Oct 2026 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 18 Oct 2026 11:33 PM IST
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टोहाना में सड़क पर लड़ते बेसहारा पशु संवाद
टोहाना। शहर में बेसहारा गोवंशों की समस्या से लोगों को फिलहाल राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। सड़कों पर घूम रहे गोवंशों को पकड़ने के लिए नगर परिषद की ओर से लगाया गया टेंडर निर्धारित प्रक्रिया में ही अटक गया है।
टेंडर में केवल एक फर्म के शामिल होने के कारण वर्क अलॉट नहीं हो पाया। अब नियमानुसार नगर परिषद को दोबारा टेंडर जारी करना पड़ेगा। ऐसे में शहर की सड़कों से बेसहारा गोवंशों को हटाने की योजना में देरी होने की आशंका है।
नगर परिषद की ओर से प्रत्येक बेसहारा पशु को पकड़ने के लिए 800 रुपये प्रति पशु का सरकारी रेट निर्धारित किया गया था। योजना के तहत पकड़े जाने वाले गोवंश को शिवनंदी गोशाला में शिफ्ट कर उनके पालन-पोषण की व्यवस्था की जानी थी।
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इससे शहर की सड़कों पर घूमने वाले गोवंशों की समस्या से निजात मिलने और यातायात व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद थी लेकिन टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से योजना आगे नहीं बढ़ पाई। संवाद
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सड़कों के बीच खड़े रहते हैं गोवंश
रेलवे रोड स्थित भाखड़ा नहर पुल, चंडीगढ़ रोड, रतिया रोड और हिसार रोड पर बेसहारा गोवंश अक्सर सड़क पर खड़े दिखाई देते हैं। वहीं, रेहड़ी मार्केट और होटलों का कचरा सड़कों पर गिरने के कारण इन स्थानों पर पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। अचानक वाहनों के सामने आने या सड़क पर बैठे रहने से हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नगर परिषद जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर गोवंशों को पकड़ने का अभियान शुरू करेगी ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को राहत मिल सके।
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कम से कम दो फर्मों का होना जरूरी
सहायक सफाई निरीक्षक रवि कुमार ने बताया कि बेसहारा गोवंशों को पकड़ने के लिए टेंडर लगाया गया था लेकिन इसमें केवल एक ही फर्म ने रुचि दिखाई। नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया में कम से कम दो फर्मों का होना जरूरी है। इसी वजह से वर्क अलॉट नहीं किया जा सका। उन्होंने बताया कि अब दोबारा टेंडर लगाया जाएगा। उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
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टेंडर में केवल एक फर्म के शामिल होने के कारण वर्क अलॉट नहीं हो पाया। अब नियमानुसार नगर परिषद को दोबारा टेंडर जारी करना पड़ेगा। ऐसे में शहर की सड़कों से बेसहारा गोवंशों को हटाने की योजना में देरी होने की आशंका है।
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नगर परिषद की ओर से प्रत्येक बेसहारा पशु को पकड़ने के लिए 800 रुपये प्रति पशु का सरकारी रेट निर्धारित किया गया था। योजना के तहत पकड़े जाने वाले गोवंश को शिवनंदी गोशाला में शिफ्ट कर उनके पालन-पोषण की व्यवस्था की जानी थी।
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इससे शहर की सड़कों पर घूमने वाले गोवंशों की समस्या से निजात मिलने और यातायात व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद थी लेकिन टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से योजना आगे नहीं बढ़ पाई। संवाद
सड़कों के बीच खड़े रहते हैं गोवंश
रेलवे रोड स्थित भाखड़ा नहर पुल, चंडीगढ़ रोड, रतिया रोड और हिसार रोड पर बेसहारा गोवंश अक्सर सड़क पर खड़े दिखाई देते हैं। वहीं, रेहड़ी मार्केट और होटलों का कचरा सड़कों पर गिरने के कारण इन स्थानों पर पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। अचानक वाहनों के सामने आने या सड़क पर बैठे रहने से हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नगर परिषद जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर गोवंशों को पकड़ने का अभियान शुरू करेगी ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को राहत मिल सके।
कम से कम दो फर्मों का होना जरूरी
सहायक सफाई निरीक्षक रवि कुमार ने बताया कि बेसहारा गोवंशों को पकड़ने के लिए टेंडर लगाया गया था लेकिन इसमें केवल एक ही फर्म ने रुचि दिखाई। नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया में कम से कम दो फर्मों का होना जरूरी है। इसी वजह से वर्क अलॉट नहीं किया जा सका। उन्होंने बताया कि अब दोबारा टेंडर लगाया जाएगा। उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।