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Fatehabad News: छह महीने से कुकिंग खर्च अटका, सरकारी स्कूलों में मिड डे मील व्यवस्था लड़खड़ाई

Sun, 18 Oct 2026 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 18 Oct 2026 11:30 PM IST
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Cooking costs held up for six months; mid-day meal system in government schools falters
फतेहाबाद के प्राइमरी स्कूल में मिड डे मील तैयार करते हुए कुक स्त्रोत लाइब्रेरी
फतेहाबाद। जिले के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में छह महीने से अधिक समय से कुकिंग खर्च नहीं मिलने और सामग्री की नियमित आपूर्ति नहीं होने से मिड डे मील योजना का संचालन मुश्किल हो गया है। शिक्षक अपनी जेब से खर्च करने और उधार राशन लेने को मजबूर हैं।
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हालात अब और गंभीर हो गए हैं। कारण दुकानदारों ने भी उधार राशन देने से मना कर दिया है। ऐसे में शिक्षकों के सामने बच्चों के लिए रोजाना भोजन तैयार करवाने की व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बन गया है। शिक्षकों का कहना है कि विभाग की ओर से समय पर राशि और सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इसका सीधा असर स्कूलों में भोजन व्यवस्था पर पड़ रहा है।
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प्राथमिक विद्यालयों में मिड डे मील के लिए प्रति विद्यार्थी करीब 5 रुपये 38 पैसे कुकिंग खर्च निर्धारित है। वहीं मिडिल स्कूलों में प्रति विद्यार्थी 10 रुपये 17 पैसे की राशि जारी होती है। इसके बावजूद लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण स्कूलों को भोजन तैयार करवाने के लिए आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
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शिक्षकों ने राज्य शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि कुकिंग खर्च के साथ मिड डे मील वर्करों का पूरा मानदेय भी पिछले छह महीने से लंबित है। इससे रसोइयों और शिक्षकों दोनों पर दबाव बढ़ रहा है।
शिक्षकों के अनुसार प्रदेश सरकार के निर्देशों पर बच्चों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध करवाना जरूरी है। इसके लिए राशन और अन्य सामग्री की व्यवस्था करनी पड़ती है। राशि नहीं मिलने के कारण उन्हें निजी पैसों से खर्च उठाना पड़ रहा है।
अब दुकानदारों से उधार मिलना भी बंद हो गया है। ऐसे में यदि जल्द भुगतान और सामग्री की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो स्कूलों में मिड डे मील योजना का संचालन प्रभावित होने की आशंका है।
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जिले में प्राइमरी स्कूल - 384
जिले में मिडिल स्कूल - 77

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एक दिन ऑनलाइन एंट्री छूटी तो स्पष्टीकरण, छह महीने का बकाया कौन पूछेगा

शिक्षक संघ ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी कारणवश शिक्षक एक दिन भी विद्यार्थियों की संख्या ऑनलाइन दर्ज नहीं कर पाते हैं तो उनसे तुरंत स्पष्टीकरण मांग लिया जाता है। दूसरी ओर, छह महीने से अधिक समय से कुकिंग कास्ट और वर्करों के मानदेय का भुगतान लंबित होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। संघ के अनुसार जब विद्यालयों से योजना का नियमित संचालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की जाती है तो इसके लिए जरूरी बजट और सामग्री उपलब्ध कराना भी विभाग की जिम्मेदारी है।

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बकाया राशि जारी नहीं हुई तो बंद करना पड़ेगा भोजन
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव अनूप गोरा, जिला कोषाध्यक्ष पवन चमारखेड़ा और जिला उपप्रधान राकेश मदान का कहना है कि प्रशासन सभी विद्यालयों के खातों में लंबित कुकिंग कास्ट की राशि जल्द जारी करें। यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ, तो शिक्षकों को मजबूरन स्कूलों में मिड डे मील बंद करने का निर्णय लेना पड़ सकता है।
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