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अध्यापक की मौत पर बवाल
fatehabad
Updated Thu, 27 Mar 2014 12:15 AM IST
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की कंप्यूटर लैब में बुधवार देर शाम को एक अध्यापक का शव मिलने पर बवाल हो गया। मृतक की पहचान अनिल कुमार पुत्र इंद्रजीत सिंह के रूप में हुई।
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सूचना के बाद मौके पर पहुंचे परिजन पुलिस से भिड़ गए और अनिल की हत्या का आरोप लगाया। परिजनों ने कहा कि पुलिस जब तक हत्यारों को नहीं पकड़ती वे शव नहीं उतारने देंगे। इसके बाद वे धरने पर बैठ गए।
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अनिल सरकारी स्कूल में कंप्यूटर लैब में अध्यापक के पद पर कार्यरत था। लैब में एक प्राइवेट कंपनी की ओर से बच्चों को कंप्यूटर के बारे में शिक्षा दी जाती है और अनिल उसी कंपनी में अध्यापक तैनात था। अनिल बिजलीघर में रहता था।
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उसके पिता इंद्र बिजली विभाग में कार्यरत हैं। अनिल सोमवार से लापता था। परिजनों की ओर से अनिल की गुमशुदा रिपोर्ट थाने में लिखवाई गई थी।
बुधवार देर शाम जब स्कूल का सफाई कर्मचारी बलकार लैब में सफाई करने गया तो दरवाजा आधा खुला देखा। बलकार जब लैब के अंदर गया तो पंखे से अनिल का शव लटका देखा। अनिल ने तुरंत इसकी जानकारी प्राचार्य जतेंद्रपाल को दी। मौके पर सारा स्कूल स्टाफ पहुंचा और घटना के बारे में पुलिस को बताया।
जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी जुगल किशोर अपनी टीम के साथ पहुंचे। मृतक के परिजनों को सूचित किया गया। मौके पर बिजली विभाग के दोनों एसडीओ पूरे स्टाफ के साथ पहुंचे। समाचार लिखे जाने तक पुलिस स्कूल में मौजूद थी और मामले की जांच कर रही थी। वहीं, परिजन स्कूल में ही धरनारत थे।
पुलिस को जांच के दौरान अनिल की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। नोट में अनिल ने बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से सुसाइड की बात लिखी है। उसने लिखा है कि वह जिंदगी से तंग आकर आत्महत्या कर रहा है।
प्राचार्य जतेंद्रपाल ने बताया कि सोमवार को अनिल स्कूल में आया था। दोपहर के बाद मिलकर गया था। बाद में पता चला कि वह घर पर नहीं पहुंचा। परिजनों ने शिकायत भी लिखवाई थी।
स्कूल में दो कंप्यूटर लैब है। जिस लैब में अनिल का शव मिला, उसे कम प्रयोग किया जाता है। बुधवार शाम जब स्कूल का सफाई कर्मचारी बलकार लैब में गया तो उसने शव पंखे से लटका देखा।
मृतक अनिल के परिजन एसएचओ जुगल किशोर से ही भिड़ गए। परिजनों के समेत अन्य लोग भी स्कूल प्रांगण में धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
मृतक के पिता इंद्रजीत और भाई सुनील ने पुलिस को अनिल का शव नीचे नहीं उतारने दिया। मीडिया के सामने आरोप लगाते हुए मृतक के परिजन इंद्रजीत ने कहा कि पुलिस व स्कूल प्रशासन की कथित मिलीभगत है। उन्होंने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि पहले अनिल के हत्यारों को पकड़ो, उसके बाद ही शव नीचे उतारा जाएगा।
एसएचओ जुगल किशोर ने कहा कि मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने बिना दबाव के खुदकुशी करने की बात लिखी है। फोरेंसिक टीम के डॉ. जोगेंद्र कुमार भी अपनी टीम के साथ जांच के लिए पहुंचे। पूरी जांच करवाने के बाद ही कुछ कह सकते हैं।