{"_id":"57489b144f1c1ba22c693264","slug":"tb-cb-net-machine-will-now-examine-the-civil-hospital-fatehabad-harayana","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राथमिक जांच में टीबी की पुष्टि न होने पर अब सिविल अस्पताल में सीबी नेट मशीन से होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राथमिक जांच में टीबी की पुष्टि न होने पर अब सिविल अस्पताल में सीबी नेट मशीन से होगी जांच
fatehabad/bureau
Updated Sat, 28 May 2016 12:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
टीबी की जांच के लिए मल्टी ड्रग रेसिस्टैंट (एमडीआर) की श्रेणी में आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें करनाल और दिल्ली भेजे गए सैंपल की जांच रिपोर्ट के लिए एक महीने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
यह सुविधा अब फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में अगले हफ्ते से मिलनी वाली है। सिविल अस्पताल में फतेहाबाद में कार्टरिज बेस्ड न्यूक्लिक एसिड एंप्लीफिकेशन टेस्ट (सीबीनैट) मशीन लगाई जाएगी, जिससे एमडीआर की श्रेणी में आने वाले मरीजों के बलगम की जांच होगी। रिपोर्ट भी जांच के पांच घंटे भीतर मिल जाएगी। साथ ही यह भी पता चल जाएगा कि मरीज को टीबी की कौन सी दवाई असर करेगी।
टीबी के लक्षण मिलने पर सिविल अस्पताल में प्राथमिक तौर पर बलगम की जांच की जाती है। सैंपल में बलगम के साथ कीटाणु नहीं आते, जिससे टीबी की पुष्टि नहीं होती। ऐसे में डाक्टर पहले एंटीबायोटिक दवाइयां शुरू करते हैं। कोई असर नहीं होने पर बलगम की जांच के लिए करनाल लैब में सैंपल भेजा जाता है, जहां से रिपोर्ट आने में लगभग एक महीना लग जाता है।
विज्ञापन
अब स्वास्थ्य विभाग यह सुविधा फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में देने जा रहा है, जिसके लिए सिविल अस्पताल की लैब में सीबी नेट मशीन लगाई जाएगी।
टीबी के ये केस आए सामने
वर्ष टोहाना फतेहाबाद भूना रतिया भट्टू
2015 303 159 224 351 207
2016 (प्रथम क्वार्टर) 56 30 44 64 49
एमडीआर श्रेणी में आए केस
वर्ष संदिग्ध एमडीआर केस एमडीआर केस
2015 326 22
2016 80 5
बलगम की प्राथमिक जांच में कीटाणु न आने पर पुष्टि नहीं होती थी। सैंपल करनाल व दिल्ली भेजे जाते हैं। अब यह सुविधा सिविल अस्पताल में सीबी नेट मशीन लगने से मिलने वाली है।
डॉ. हनुमान, डिप्टी सिविल सर्जन फतेहाबाद
सीबी नेट मशीन को इनस्टॉल किया जा रहा है। जल्द ही मरीजों को सुविधा सिविल अस्पताल में मिलनी शुरू हो जाएगी। पहले सैंपल की रिपोर्ट के लिए एक महीने का इंतजार करना पड़ता था। अब सैंपल लेने पर उसी दिन रिपोर्ट मिल जाएगी।
डॉ. मनीष टुटेजा, टीबी रोग विशेषज्ञ
यह सुविधा अब फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में अगले हफ्ते से मिलनी वाली है। सिविल अस्पताल में फतेहाबाद में कार्टरिज बेस्ड न्यूक्लिक एसिड एंप्लीफिकेशन टेस्ट (सीबीनैट) मशीन लगाई जाएगी, जिससे एमडीआर की श्रेणी में आने वाले मरीजों के बलगम की जांच होगी। रिपोर्ट भी जांच के पांच घंटे भीतर मिल जाएगी। साथ ही यह भी पता चल जाएगा कि मरीज को टीबी की कौन सी दवाई असर करेगी।
विज्ञापन
टीबी के लक्षण मिलने पर सिविल अस्पताल में प्राथमिक तौर पर बलगम की जांच की जाती है। सैंपल में बलगम के साथ कीटाणु नहीं आते, जिससे टीबी की पुष्टि नहीं होती। ऐसे में डाक्टर पहले एंटीबायोटिक दवाइयां शुरू करते हैं। कोई असर नहीं होने पर बलगम की जांच के लिए करनाल लैब में सैंपल भेजा जाता है, जहां से रिपोर्ट आने में लगभग एक महीना लग जाता है।
विज्ञापन
अब स्वास्थ्य विभाग यह सुविधा फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में देने जा रहा है, जिसके लिए सिविल अस्पताल की लैब में सीबी नेट मशीन लगाई जाएगी।
टीबी के ये केस आए सामने
वर्ष टोहाना फतेहाबाद भूना रतिया भट्टू
2015 303 159 224 351 207
2016 (प्रथम क्वार्टर) 56 30 44 64 49
एमडीआर श्रेणी में आए केस
वर्ष संदिग्ध एमडीआर केस एमडीआर केस
2015 326 22
2016 80 5
बलगम की प्राथमिक जांच में कीटाणु न आने पर पुष्टि नहीं होती थी। सैंपल करनाल व दिल्ली भेजे जाते हैं। अब यह सुविधा सिविल अस्पताल में सीबी नेट मशीन लगने से मिलने वाली है।
डॉ. हनुमान, डिप्टी सिविल सर्जन फतेहाबाद
सीबी नेट मशीन को इनस्टॉल किया जा रहा है। जल्द ही मरीजों को सुविधा सिविल अस्पताल में मिलनी शुरू हो जाएगी। पहले सैंपल की रिपोर्ट के लिए एक महीने का इंतजार करना पड़ता था। अब सैंपल लेने पर उसी दिन रिपोर्ट मिल जाएगी।
डॉ. मनीष टुटेजा, टीबी रोग विशेषज्ञ