फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Tampering in housing scheme documents, 77 files found suspicious

आवास योजना के दस्तावेजों में छेड़खानी, 77 फाइलें मिलीं संदिग्ध

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Sep 2022 11:24 PM IST
विज्ञापन
Tampering in housing scheme documents, 77 files found suspicious
भूना। प्रधानमंत्री आवास योजना में जमकर दस्तावेजों के साथ छेड़खानी करके अनुचित तरीके से अपात्र लोगों को लाभ देने वाला भूना में गिरोह सक्रिय है। योजना का कुछ लोग लाभ लेने की फिराक में थे, मगर नगरपालिका अधिकारियों ने गड़बड़ झाला पकड़ लिया है। जब अधिकारियों ने योजना से जुड़े हुए सभी लाभार्थियों के दस्तावेज खंगाले तो 15 लोगों के दस्तावेज फर्जी मिले और 62 दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं।
विज्ञापन

गड़बड़ झाले के बाद नगरपालिका सचिव ने जिला नगर आयुक्त को मामले से अवगत करवाया है। वहीं, नगर आयुक्त को पत्र भेजकर दस्तावेजों के साथ छेड़खानी करने वाले लाभार्थियों एवं धोखाधड़ी में संलिप्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए मार्गदर्शन मांगा है। प्रधानमंत्री आवास योजना में संपूर्ण दस्तावेज के बाद नगरपालिका पहली किस्त जारी करती है। नगरपालिका भूना में वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पांच हजार से अधिक फार्म भरे गए थे। 1138 लोगों को पात्र पाया गया था। योजना में वर्ष 2017 में उपरोक्त लोगों की सूची आने के बाद एक प्राइवेट कंपनी ने मौके पर जाकर जिओ ट्रेगिंग एवं घर के हालात से संबंधित फोटो अपलोड की थी। सर्वे कंपनी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। तत्कालीन एसडीएम सुरजीत सिंह ने सर्वे कंपनी की सूची को रद्द कर दिया था। नगर आयुक्त की देखरेख में तीन सदस्य कमेटी ने वर्ष 2021 में शहर में योजना के पात्र लोगों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया था, जिसमें 457 लोग योजना के पात्र मिले। अधिकारियों के आदेश के बाद दो सौ से ज्यादा लोगों के दस्तावेज संपूर्ण होने के कारण पहली किस्त जारी कर दी गई। मगर काफी लोग जमीन पर कब्जे होने और लाल डोरे के सुबूत के अभाव में योजना से वंचित चल रहे है।
विज्ञापन

बड़े स्तर पर फार्म जमा हुए तो हुआ शक
नगरपालिका में चेयरपर्सन व पार्षदों के चुनाव के बाद बड़े स्तर पर फार्म जमा होने शुरू हो गए। उपरोक्त फाइलों में लाल डोरा के कागज व कुछ हस्ताक्षर स्कैन करके प्रिंट निकलवाए हुए थे। जिस पर अधिकारियों की नजर पड़ गई और एक साथ काफी संख्या में फाइलें जमा होने पर भी शक हो गया। फाइलों के दस्तावेज जांचे तो एक जैसे मिले और स्कैन करके लाल डोरे की जमीन का मालिक बनाने व स्टांप पेपर एक जैसा लगाने सहित कई अन्य गड़बड़ियां मिली। 15 लोगों के फर्जी दस्तावेज मिले हैं, उनमें वार्ड नंबर 3 के चार, वार्ड नंबर 9 के छह, वार्ड नंबर 4 के दो, वार्ड नंबर 5 के दो व वार्ड नंबर 8 का एक लाभार्थी शामिल है। 62 फाइलों के दस्तावेज संदिग्ध हैं। इस संबंध में जिला नगर आयुक्त अजय चोपड़ा से फोन पर बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
प्रधानमंत्री आवास योजना में अनुचित तरीके से लाभ हेतु पुराने दस्तावेजों को स्कैनिंग करके फाइल जमा करवाई गई थी, जिनमें 15 लोगों के दस्तावेज फर्जी मिल गए हैं। 62 संदिग्ध की जांच की जा रही है। नगर आयुक्त को योजना में गलत दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह के खिलाफ एफआईआर दर्ज के लिए लिखित पत्र भेजा है।
संदीप गर्ग, सचिव, नगरपालिका भूना
कोट
प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जी दस्तावेज दिए जाने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। सोमवार को इस मामले पर अधिकारियों से बातचीत करूंगी।
-अर्पणा पसरीजा, चेयरपर्सन, नगरपालिका भूना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed