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स्वाइन फ्लू का अलर्ट, जांच के लिए जिले में नहीं सैंपल किट
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में ओपीडी के बाहर खड़े मरीज।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। मौसम में बदलाव के बाद स्वाइन फ्लू बढ़ने की आशंका भी बढ़ गई है। हालांकि जिले में अभी तक इसका कोई केस नहीं मिला है। लेकिन स्वाइन फ्लू से लड़ने के लिए अभी स्वास्थ्य विभाग तैयार भी नहीं है। जिले में स्वाइन फ्लू आशंकित मरीज का सैंपल लेने के लिए विभाग के पास किट ही नहीं है। नागरिक अस्पताल और निजी से आशंकित मरीज पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें सैंपल से मना किया जा रहा है।
बता दें कि जिले में स्वाइन फ्लू के हर साल 15 से 20 केस सामने आते हैं। हालांकि बीमारी का प्रकोप सर्दियों में ज्यादा होता है। मौसम में बदलाव के बाद निजी और सरकारी अस्पतालों में वायरल केस बढ़े हैं। विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना 150 से 170 केस आ रहे हैं। लेकिन बीमारी की गंभीरता से जांच के लिए न कोविड सैंपल हो रहे हैं और न स्वाइन फ्लू सैंपल लिए जा रहे हैं। आरटीपीसीआर लैब चार माह से बंद हैं और रैपिड एंटीजन के नाममात्र सैंपल लिए जा रहे हैं।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
खांसी आना
गले में दर्द या खराश
सांस लेने में तकलीफ
शरीर में दर्द
उल्टी व दस्त आना
ऐसे करें बचाव
खांसी आने पर मुंह पर रुमाल रखें।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें।
पानी ज्यादा पीएं और पौष्टिक भोजन खाएं।
हाथ मिलाने से बचें।
बिना डॉक्टर से पूछे कोई दवा न खाएं।
कोट
स्वाइन फ्लू के अभी केस नहीं आए हैं। फिलहाल सैंपल किट नहीं है। सैंपल जांच के लिए रोहतक पीजीआई या अग्रोहा मेडिकल भेजा जाता है। संबंधित अधिकारी को किट के लिए कहा गया है, उम्मीद है जल्द मिल जाएंगी।
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-डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
कोट
कोविड आरटीपीसीआर सैंपल में जो किट प्रयोग होती है वो ही इसमें इस्तेमाल में ली जाती है। पिछले करीब चार माह से लैब बंद है। इसके चलते किट की जरूरत नहीं पड़ रही है। अभी केस भी नहीं आए हैं तो जरूरत नहीं पड़ी है। आमतौर पर जिले में स्वाइन फ्लू सर्दियों में बढ़ने की आशंका रहती है।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी अधिकारी
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बता दें कि जिले में स्वाइन फ्लू के हर साल 15 से 20 केस सामने आते हैं। हालांकि बीमारी का प्रकोप सर्दियों में ज्यादा होता है। मौसम में बदलाव के बाद निजी और सरकारी अस्पतालों में वायरल केस बढ़े हैं। विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना 150 से 170 केस आ रहे हैं। लेकिन बीमारी की गंभीरता से जांच के लिए न कोविड सैंपल हो रहे हैं और न स्वाइन फ्लू सैंपल लिए जा रहे हैं। आरटीपीसीआर लैब चार माह से बंद हैं और रैपिड एंटीजन के नाममात्र सैंपल लिए जा रहे हैं।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
खांसी आना
गले में दर्द या खराश
सांस लेने में तकलीफ
शरीर में दर्द
उल्टी व दस्त आना
ऐसे करें बचाव
खांसी आने पर मुंह पर रुमाल रखें।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें।
पानी ज्यादा पीएं और पौष्टिक भोजन खाएं।
हाथ मिलाने से बचें।
बिना डॉक्टर से पूछे कोई दवा न खाएं।
कोट
स्वाइन फ्लू के अभी केस नहीं आए हैं। फिलहाल सैंपल किट नहीं है। सैंपल जांच के लिए रोहतक पीजीआई या अग्रोहा मेडिकल भेजा जाता है। संबंधित अधिकारी को किट के लिए कहा गया है, उम्मीद है जल्द मिल जाएंगी।
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-डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
कोट
कोविड आरटीपीसीआर सैंपल में जो किट प्रयोग होती है वो ही इसमें इस्तेमाल में ली जाती है। पिछले करीब चार माह से लैब बंद है। इसके चलते किट की जरूरत नहीं पड़ रही है। अभी केस भी नहीं आए हैं तो जरूरत नहीं पड़ी है। आमतौर पर जिले में स्वाइन फ्लू सर्दियों में बढ़ने की आशंका रहती है।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी अधिकारी