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Fatehabad News: आसपास की ढाणियां रोशन, स्वतंत्रता सेनानी के घर अंधेरा
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सरवरपुर में स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी जैता देवी को पंखा झलातीं पुत्रवधू शांति देवी।
फतेहाबाद। आजाद हिंद फौज में देश की आजादी के लिए लड़े स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामचंद्र की 85 वर्षीय विधवा जैता देवी की ढाणी में आज तक बिजली नहीं आ पाई है। आसपास की ढाणियों में बिजली है। पिछले 13 सालों से जैता देवी व उसके परिजन बिजली निगम के पास जाकर गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।जैता देवी की पुत्रवधू शांति देवी बताती हैं कि मेरी सास की एक ही इच्छा है कि उनके जीते जी ढाणी में एक बार बिजली जरूर आ जाए। इस मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को दो बार ज्ञापन दिया है। साथ ही पीएमओ में भी ऑनलाइन शिकायत भेजी है। ढाणी में लाइट का एस्टीमेट बनने के बाद भी अभी तक बिजली का प्रबंध नहीं किया गया है।
दरअसल, गांव सरवरपुर के रामचंद्र पिलानिया 1942 में आजाद हिंद फौज में शामिल हुए थे। उन्होंने 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ मिलकर इस फौज में अनेक साहसिक कार्य किए। इसके बाद भारत आजाद हुआ और वह 40 साल की उम्र में जब रिटायर होकर आए तो उनका विवाह गांव मेहूवाला की जैता देवी के साथ करवाया गया। स्वतंत्रता सेनानी रामचंद्र पिलानिया का 16 मार्च 1994 में निधन हो गया था। उस समय उनका परिवार गांव सरवरपुर में ही रहता था।
जैता देवी ने रुंधे गले से बताया कि पति ने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। मगर ढाणी में बिजली दिलाने के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने बताया कि उनके तीन बेटे हैं और दो बेटों में बड़ा बेटा सोहनलाल 22 साल पहले और छोटा बेटा भूप सिंह 13 साल पहले ढाणी में बसा है। मेरे बेटे कई बार बिजली अधिकारियों के पास जाकर आग्रह कर चुके हैं, लेकिन आज तक ढाणी में बिजली नहीं आई है। संवाद
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दो प्रधानमंत्रियों ने किया है सम्मानित
जैता देवी ने बताया कि उनके पति को दो पूर्व प्रधानमंत्री सम्मानित कर चुके हैं। स्वतंत्रता सेनानी रामचंद्र को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ताम्र पत्र देकर सम्मानित किया था। इसके बाद 15 अगस्त को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी उनको सम्मानित किया था।
2010 से आज तक घर में बिजली का इंतजार
सरवरपुर के इस वीर याेद्धा के बेटे भूप सिंह ने अपने खेत में ही ढाणी बना ली। 2010 में ढाणी बनाने के बाद सरकार की ढाणियों में 24 घंटे बिजली देने की स्कीम के लिए उन्होंने आवेदन किया था, लेकिन अभी तक उनको बिजली निगम ने कनेक्शन नहीं दिया है। बड़ी बात यह है कि उनके आसपास की ढाणियों में बिजली कनेक्शन हैं, लेकिन उनके घर में नहीं। मजबूरन उन्होंने दिल्ली से लाकर सोलर सिस्टम लगवाया, लेकिन दो प्लेटों के 300 वॉट का यह सोलर सिस्टम भी गर्मियों में ज्यादा काम नहीं करता। सिर्फ दो पंखे ही इससे चल पाते हैं। इस सिस्टम से दो-तीन घंटे ही बिजली मिल पाती है।
कोट-- -- --
मेरी हाल ही में फतेहाबाद में पोस्टिंग हुई है। अगर बिजली कनेक्शन की कोई बात है तो इसके लिए परिवार के सदस्य मुझसे मिल सकते हैं। उनकी समस्या का निदान किया जाएगा और जेई को भी मौके पर भेजा जाएगा।
-मनदीप सिंह, एसडीओ, ग्रामीण क्षेत्र फतेहाबाद।
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दरअसल, गांव सरवरपुर के रामचंद्र पिलानिया 1942 में आजाद हिंद फौज में शामिल हुए थे। उन्होंने 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ मिलकर इस फौज में अनेक साहसिक कार्य किए। इसके बाद भारत आजाद हुआ और वह 40 साल की उम्र में जब रिटायर होकर आए तो उनका विवाह गांव मेहूवाला की जैता देवी के साथ करवाया गया। स्वतंत्रता सेनानी रामचंद्र पिलानिया का 16 मार्च 1994 में निधन हो गया था। उस समय उनका परिवार गांव सरवरपुर में ही रहता था।
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जैता देवी ने रुंधे गले से बताया कि पति ने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। मगर ढाणी में बिजली दिलाने के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने बताया कि उनके तीन बेटे हैं और दो बेटों में बड़ा बेटा सोहनलाल 22 साल पहले और छोटा बेटा भूप सिंह 13 साल पहले ढाणी में बसा है। मेरे बेटे कई बार बिजली अधिकारियों के पास जाकर आग्रह कर चुके हैं, लेकिन आज तक ढाणी में बिजली नहीं आई है। संवाद
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दो प्रधानमंत्रियों ने किया है सम्मानित
जैता देवी ने बताया कि उनके पति को दो पूर्व प्रधानमंत्री सम्मानित कर चुके हैं। स्वतंत्रता सेनानी रामचंद्र को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ताम्र पत्र देकर सम्मानित किया था। इसके बाद 15 अगस्त को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी उनको सम्मानित किया था।
2010 से आज तक घर में बिजली का इंतजार
सरवरपुर के इस वीर याेद्धा के बेटे भूप सिंह ने अपने खेत में ही ढाणी बना ली। 2010 में ढाणी बनाने के बाद सरकार की ढाणियों में 24 घंटे बिजली देने की स्कीम के लिए उन्होंने आवेदन किया था, लेकिन अभी तक उनको बिजली निगम ने कनेक्शन नहीं दिया है। बड़ी बात यह है कि उनके आसपास की ढाणियों में बिजली कनेक्शन हैं, लेकिन उनके घर में नहीं। मजबूरन उन्होंने दिल्ली से लाकर सोलर सिस्टम लगवाया, लेकिन दो प्लेटों के 300 वॉट का यह सोलर सिस्टम भी गर्मियों में ज्यादा काम नहीं करता। सिर्फ दो पंखे ही इससे चल पाते हैं। इस सिस्टम से दो-तीन घंटे ही बिजली मिल पाती है।
कोट
मेरी हाल ही में फतेहाबाद में पोस्टिंग हुई है। अगर बिजली कनेक्शन की कोई बात है तो इसके लिए परिवार के सदस्य मुझसे मिल सकते हैं। उनकी समस्या का निदान किया जाएगा और जेई को भी मौके पर भेजा जाएगा।
-मनदीप सिंह, एसडीओ, ग्रामीण क्षेत्र फतेहाबाद।