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Fatehabad News: पहले दिन ही औपचारिकता में सिमटा सुरक्षित जननी कैंप, नहीं बुलाई गईं गर्भवती
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में निरीक्षण करती हुई मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी।
फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए एक अप्रैल से सुरक्षित जननी माह मनाकर गर्भवती की सभी जांच करवाने के निर्देश दिए थे। लेकिन ये अभियान पहले दिन ही जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर औपचारिकता में ही सिमटा गया।
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद के कर्मचारियों को सुरक्षित जननी माह की कोई जानकारी ही नहीं थी। अस्पताल के महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के बाहर कुर्सिंयां खाली रहीं। यहां तक गर्भवती को जांच के लिए बुलाया ही नहीं गया।हालांकि अधिकारियों ने दावा किया है कि जिले में 311 गर्भवती की जांच करवाई गई है और नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में 98 गर्भवती की जांच हुई है। क्वालिटी जांच के तहत रोजाना 250 गर्भवती की जांच का लक्ष्य लिया गया है।
गर्भवती की सभी जांच करवाने का दावा
जिले की मातृ मृत्यु दर 100 है। स्वास्थ्य विभाग ने जननी सुरक्षा माह के तहत गर्भवती की सभी जांच जिसमें खून जांच, अल्ट्रासाउंड आदि करवाने के निर्देश दिए है। ताकि समय रहते गर्भवती को बेहतर उपचार मिल सके। इसके अलावा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान की जा सके। अभी स्क्रीनिंग कम होने के कारण हाई रिक्स प्रेग्नेंसी केस कम सामने आ रहे हैं।
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कोट
नागरिक अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जननी सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। इसके तहत गर्भवती की सभी जांच करवाकर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का पता लगाया जा रहा है। इस अभियान का लक्ष्य मातृ मृत्युदर को कम करना है।
-डॉ. हमेश बंसल, उप सिविल सर्जन
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नागरिक अस्पताल फतेहाबाद के कर्मचारियों को सुरक्षित जननी माह की कोई जानकारी ही नहीं थी। अस्पताल के महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के बाहर कुर्सिंयां खाली रहीं। यहां तक गर्भवती को जांच के लिए बुलाया ही नहीं गया।हालांकि अधिकारियों ने दावा किया है कि जिले में 311 गर्भवती की जांच करवाई गई है और नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में 98 गर्भवती की जांच हुई है। क्वालिटी जांच के तहत रोजाना 250 गर्भवती की जांच का लक्ष्य लिया गया है।
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गर्भवती की सभी जांच करवाने का दावा
जिले की मातृ मृत्यु दर 100 है। स्वास्थ्य विभाग ने जननी सुरक्षा माह के तहत गर्भवती की सभी जांच जिसमें खून जांच, अल्ट्रासाउंड आदि करवाने के निर्देश दिए है। ताकि समय रहते गर्भवती को बेहतर उपचार मिल सके। इसके अलावा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान की जा सके। अभी स्क्रीनिंग कम होने के कारण हाई रिक्स प्रेग्नेंसी केस कम सामने आ रहे हैं।
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कोट
नागरिक अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जननी सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। इसके तहत गर्भवती की सभी जांच करवाकर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का पता लगाया जा रहा है। इस अभियान का लक्ष्य मातृ मृत्युदर को कम करना है।
-डॉ. हमेश बंसल, उप सिविल सर्जन