{"_id":"62112bc8fe246f14a55edef4","slug":"students-shying-away-from-enrolling-in-model-culture-schools-fatehabad-news-hsr6247417111","type":"story","status":"publish","title_hn":"मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिला लेने से कतरा रहे विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिला लेने से कतरा रहे विद्यार्थी
विज्ञापन
फतेहाबाद का मॉडल संस्कृति स्कूल।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों का मुकाबला करने के लिए जिले में 87 राजकीय प्राइमरी और 6 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को मॉडल संस्कृति बनाया है। इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम शुरू हुआ है। सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को सीबीएसई से मान्यता दी गई है। लेकिन बावजूद इसके इन स्कूलों में दाखिला लेने को लेकर छात्रों की दिलचस्पी कम रही है। अभिभावक भी आगे नहीं आए है। मॉडल संस्कृति 87 प्राइमरी स्कूलों में 16.89 फीसदी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 20 फीसदी ही छात्र बढ़ पाएं हैं।
मॉडल संस्कृति स्कूलों में विद्यार्थियों की दिलचस्पी कम रहने के पीछे कारण ये माना जा रहा है कि प्राइमरी स्कूलों में सिर्फ नाम बदला है लेकिन सुविधाएं पहले जैसी ही है। निजी स्कूलों का मुकाबला कर सकें, ऐसी सुविधाएं नही है। इसके अलावा सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भी ये ही हालात है। यहां पर भी स्टाफ व इंस्फ्रास्ट्रक्चर की कमी है। बता दें कि मॉडल संस्कृति स्कूल इसी सत्र में शुरू हुए हैं। उपायुक्त पहली बार मॉडल संस्कृति स्कूलों के मुखियाओं के साथ समीक्षा करेंगे। उपायुक्त प्रदीप कुमार भूना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में मॉडल संस्कृति विद्यालयों के मुखियाओं की बैठक लेंगे। इसमें विद्यालय में आधारभूत संरचना, मूलभूत सुविधाओं व बच्चों की सामयिक आवश्यकता अनुसार शिक्षा देने को लेकर चर्चा की जाएगी।
जानिए प्राइमरी मॉडल संस्कृति स्कूलों में कितने विद्यार्थी बढ़े
खंड स्कूलों की संख्या पहले विद्यार्थी बढ़े छात्र
भट्टूकलां 6 1417 277
जाखल 5 1078 54
रतिया 17 3727 667
भूना 15 4268 839
फतेहाबाद 33 8335 1552
टोहाना 11 3542 389
मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में ये बढ़े छात्र
खंड पहले छात्र बढ़ोतरी हुई
भट्टू 876 211
जाखल 687 206
रतिया 1121 196
भूना 878 250
फतेहाबाद 1468 325
टोहाना 1089 73
प्राइमरी स्कूल में 200 से 250 रुपये फीस
मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूलों में कक्षा पहली और दूसरी को अंग्रेजी माध्यम बनाया गया है। मासिक फीस 200 से 250 रुपये तय कर रखी है। इसके अलावा दाखिला फीस भी 500 रुपये है। सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा छठी से बारहवीं शुरू की गई है। इसमें शुरूआत में कक्षा दसवीं और बारहवीं को छोड़ सभी को शामिल किया गया है। मासिक फीस 300 से 500 रुपये तक तय कर रखी है।
विज्ञापन
कोट
फीस नहीं दे सकते अभिभावक : देवेंद्र दहिया
मॉडल संस्कृति स्कूल बनाकर अंग्रेजी माध्यम शुरू करना अच्छी पहल है लेकिन यहां सुविधाएं भी होनी चाहिए। स्कूलों में शौचालय है न ही चौकीदार है। इसके अलावा कम्प्यूटर लैब और खेल मैदान जैसी सुविधाएं नही है। मॉडल संस्कृति स्कूलों में फीस तय कर रखी है, इस वजह से भी अभिभावक दाखिला नहीं करवा रहे है।
-देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
मॉडल संस्कृति स्कूलों के मुखियाओं की उपायुक्त बैठक ले रहे हैं। स्कूलों में जो मूलभूत सुविधाओं की कमी है उसको लेकर चर्चा की जाएगी।
-दयानंद सिहाग, जिल शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
मॉडल संस्कृति स्कूलों में विद्यार्थियों की दिलचस्पी कम रहने के पीछे कारण ये माना जा रहा है कि प्राइमरी स्कूलों में सिर्फ नाम बदला है लेकिन सुविधाएं पहले जैसी ही है। निजी स्कूलों का मुकाबला कर सकें, ऐसी सुविधाएं नही है। इसके अलावा सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भी ये ही हालात है। यहां पर भी स्टाफ व इंस्फ्रास्ट्रक्चर की कमी है। बता दें कि मॉडल संस्कृति स्कूल इसी सत्र में शुरू हुए हैं। उपायुक्त पहली बार मॉडल संस्कृति स्कूलों के मुखियाओं के साथ समीक्षा करेंगे। उपायुक्त प्रदीप कुमार भूना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में मॉडल संस्कृति विद्यालयों के मुखियाओं की बैठक लेंगे। इसमें विद्यालय में आधारभूत संरचना, मूलभूत सुविधाओं व बच्चों की सामयिक आवश्यकता अनुसार शिक्षा देने को लेकर चर्चा की जाएगी।
विज्ञापन
जानिए प्राइमरी मॉडल संस्कृति स्कूलों में कितने विद्यार्थी बढ़े
खंड स्कूलों की संख्या पहले विद्यार्थी बढ़े छात्र
भट्टूकलां 6 1417 277
जाखल 5 1078 54
रतिया 17 3727 667
भूना 15 4268 839
फतेहाबाद 33 8335 1552
टोहाना 11 3542 389
मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में ये बढ़े छात्र
खंड पहले छात्र बढ़ोतरी हुई
भट्टू 876 211
जाखल 687 206
रतिया 1121 196
भूना 878 250
फतेहाबाद 1468 325
टोहाना 1089 73
प्राइमरी स्कूल में 200 से 250 रुपये फीस
मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूलों में कक्षा पहली और दूसरी को अंग्रेजी माध्यम बनाया गया है। मासिक फीस 200 से 250 रुपये तय कर रखी है। इसके अलावा दाखिला फीस भी 500 रुपये है। सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा छठी से बारहवीं शुरू की गई है। इसमें शुरूआत में कक्षा दसवीं और बारहवीं को छोड़ सभी को शामिल किया गया है। मासिक फीस 300 से 500 रुपये तक तय कर रखी है।
विज्ञापन
कोट
फीस नहीं दे सकते अभिभावक : देवेंद्र दहिया
मॉडल संस्कृति स्कूल बनाकर अंग्रेजी माध्यम शुरू करना अच्छी पहल है लेकिन यहां सुविधाएं भी होनी चाहिए। स्कूलों में शौचालय है न ही चौकीदार है। इसके अलावा कम्प्यूटर लैब और खेल मैदान जैसी सुविधाएं नही है। मॉडल संस्कृति स्कूलों में फीस तय कर रखी है, इस वजह से भी अभिभावक दाखिला नहीं करवा रहे है।
-देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
मॉडल संस्कृति स्कूलों के मुखियाओं की उपायुक्त बैठक ले रहे हैं। स्कूलों में जो मूलभूत सुविधाओं की कमी है उसको लेकर चर्चा की जाएगी।
-दयानंद सिहाग, जिल शिक्षा अधिकारी