फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Students Mande University

जिले में विश्वविद्यालय बनने से खुलेंगे हर क्षेत्र में विकास के रास्ते

Thu, 25 Feb 2021 12:16 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 25 Feb 2021 12:16 AM IST
विज्ञापन
Students Mande University
राजकीय महाविद्यालय भट्टू में संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता। - फोटो : Fatehabad
भट्टू मंडी स्थित राजकीय महाविद्यालय में अमर उजाला की ओर से ‘विद्यार्थी मांगे विश्वविद्यालय’ अभियान के तहत संवाद कार्यक्रम कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. दिनेश कुमार ने की जबकि मुख्य वक्ता के रूप में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रूपाना के मुख्याध्यापक ओमप्रकाश कताला व महाविद्यालय के हिंदी प्राध्यापक डॉ. राजाराम बंसल ने विचार रखे। प्राचार्य व वक्ताओं ने माना कि जिले में मुख्यालय स्तर पर सरकारी विश्वविद्यालय बनने से हर क्षेत्र में विकास के रास्ते खुलेंगे। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे। खासकर, ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा आसान होगी इसलिए प्रदेश सरकार को तुरंत प्रभाव से फतेहाबाद में जिला मुख्यालय पर सरकारी विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा कर काम शुरू करवाना चाहिए। प्राचार्य दिनेश कुमार ने कहा कि जिले की स्थापना के 23 साल बाद भी विश्वविद्यालय नहीं होने से विद्यार्थियों को दिक्कतें होती हैं। उच्च शिक्षा के लिए उन्हें हिसार, सिरसा या अन्य जिलों में जाना पड़ता है। अधिक परेशानी ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को झेलनी पड़ती है।
विज्ञापन

ओवरऑल विकास के लिए जरूरी है विश्वविद्यालय : जिले के ओवरऑल विकास के लिए विश्वविद्यालय का निर्माण करवाना बहुत जरूरी है। इससे हर तबके के बच्चों को आगे बढ़ना का मौका मिलेगा। खासकर, बेटियों को सबसे अधिक फायदा होगा क्योंकि अब दूसरे जिलों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए जाने में बेटियों को मुश्किलें उठानी पड़ती है। इस कारण स्नातक तक की पढ़ाई के बाद अधिकांश बेटियां आगे पढ़ाई जारी नहीं रख पाती हैं।
विज्ञापन

-ओमप्रकाश कताला, मुख्याध्यापक।
बेटियों को उच्च शिक्षित बनाने के लिए जिला स्तर पर ही सरकारी विश्वविद्यालय की स्थापना बेहद जरूरी है इसलिए प्रदेश सरकार से आग्रह है कि वह इस दिशा में सार्थक प्रयास करते हुए विश्वविद्यालय स्थापित करें। निश्चित तौर पर इससे उच्च शिक्षा का ग्राफ बढ़ेगा। -ज्योति झाझड़ा, प्राध्यापिका।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में ही विश्वविद्यालय होगा तो विद्यार्थियों को अधिक सहूलियतें मिल पाएंगी। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई सुनिश्चित कर पाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए दूसरे जिलों में जाकर पढ़ाई करना आसान नहीं होता है। -दर्शन सिंह, प्राध्यापक।
इस समय विद्यार्थी जिला स्तर पर विश्वविद्यालय की बड़ी कमी महसूस कर रहे हैं। आज के समय में विश्वविद्यालय जिले के विद्यार्थियों की सबसे बड़ी मांग है। अमर उजाला ने इस मांग को उठाकर सराहनीय कार्य किया है। प्रदेश सरकार भी यह मांग जल्द पूरी करें। -विजय कुमार, प्राध्यापक।
विद्यार्थियों के साथ-साथ इलाके को भी विश्वविद्यालय बनने से बड़ा लाभ मिलेगा। विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। विश्वविद्यालय में काफी संभावनाएं होती हैं। हर तरह के कोर्स विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होते हैं। प्रदेश सरकार को मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। -डॉ. राजाराम बंसल, प्राध्यापक।
हम छात्राओं के लिए दूसरे जिले में जाकर विश्वविद्यालय स्तर की पढ़ाई करना बेहद मुश्किल है अगर जिले में ही विश्वविद्यालय हो तो अभिभावक भी बेझिझक बेटियों को पढ़ने भेज सकेंगे। -भागवंती, छात्रा, बीए प्रथम वर्ष।
प्रतिस्पर्धा के इस दौर में विश्वविद्यालय स्तर की पढ़ाई तो हर विद्यार्थी के लिए आसान होनी ही चाहिए। इससे अगर सरकारी नौकरी न मिले तो स्वरोजगार तो स्थापित किया ही जा सकता है। -कविता, छात्रा, बीए तृतीय वर्ष।
23 साल से विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय पर विश्वविद्यालय बनने का इंतजार है। उम्मीद है कि इस बार प्रदेश सरकार इस मांग पर गंभीरता दिखाते हुए इसे मंजूरी देगी। -भावना, छात्रा, बीए प्रथम वर्ष।
बच्चों की शिक्षा पर प्रदेश सरकार को सबसे अधिक ध्यान देना चाहिए। विश्वविद्यालय स्तर तक की पढ़ाई निशुल्क होनी चाहिए। जिले में सरकारी विश्वविद्यालय बनाकर सरकार बच्चों को लाभ दे सकती है। -महावीर सिंह, अभिभावक, गांव भट्टू।
गांवों से चलकर हर रोज बच्चों का दूसरे जिलों में विश्वविद्यालय में पढ़कर आना संभव नहीं है। वहां विश्वविद्यालयों में रखकर बच्चों को पढ़ाने में खर्चे अधिक होते हैं। जिले में ही विश्वविद्यालय बनें तो बच्चों को फायदा होगा। -आत्माराम, अभिभावक, गांव सूलीखेड़ा।
विश्वविद्यालय स्तर तक बच्चों को पढ़ाना हर मां-बाप चाहते हैं। मगर संसाधनों की कमी के कारण ऐसा करना मुश्किल हो जाता है। जिले में ही विश्वविद्यालय बनेगा तो ज्यादा आसानी होगी। -वजीर सिंह, अभिभावक, गांव खाबड़ा कलां।

प्रदेश सरकार को जिले में ही विश्वविद्यालय का निर्माण करवाना चाहिए। यह बच्चों के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। जनप्रतिनिधियों को भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाना चाहिए। -गोवर्धन सिंह, अभिभावक, गांव शेखुपुर दड़ौली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed