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Fatehabad News: जान जोखिम में डाल रोडवेज बसों में लटक कर सफर कर रहे छात्र
Thu, 26 Feb 2026 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 26 Feb 2026 10:57 PM IST
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बस स्टैंड पर लटककर यात्रा करते बच्चे। वीडियाग्रैब।
टोहाना। रोडवेज बसों की व्यवस्था छात्रों की जान जोखिम में डाल रही है। हर दिन स्कूल, कॉलेज और आईटीआई के विद्यार्थी बसों की खिड़कियों और दरवाजों पर लटक कर यात्रा करने को मजबूर हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
वहीं अधिकारियों के अनुसार, यह समस्या मुख्य रूप से शहतलाई जाने वाली बसों में देखी गई है। अधिकारियों के अनुसार बसें उपलब्ध होने के बावजूद, छात्र समूह में यात्रा करने के लिए जानबूझकर इनमें चढ़ते हैं। समझाने पर भी वे नहीं मानते। स्थानीय निवासियों सुखदेव, रमन और मनीष ने बताया कि कई रूटों पर बसों की संख्या वर्षों से नहीं बढ़ाई गई है, जबकि विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
लोगों के अनुसार अतिरिक्त फेरे या विशेष छात्र बसें न होने से हर दिन खतरा बना रहता है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में बसें पूरी तरह भरी होती हैं। अंदर खड़े होने की जगह भी नहीं बचती। ऐसे में विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर खिड़कियों से लटक कर यात्रा करनी पड़ती है।
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बसों की कोई कमी नहीं है : प्रशासन
बस स्टैंड इंचार्ज सुरेश दहिया और डीआई महेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी रूट पर बसों की कमी नहीं है। शहर के भीतर यात्रा के लिए अलग से सिटी बसें भी उपलब्ध हैं, लेकिन छात्र जानबूझकर लंबी दूरी की बसों में चढ़ते हैं। कई बार बसों में जगह खाली होने के बावजूद छात्र बाहर लटकते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए पुलिस को सूचित किया जाता है, लेकिन पुलिस के पहुंचने तक छात्र तितर-बितर हो जाते हैं।
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वहीं अधिकारियों के अनुसार, यह समस्या मुख्य रूप से शहतलाई जाने वाली बसों में देखी गई है। अधिकारियों के अनुसार बसें उपलब्ध होने के बावजूद, छात्र समूह में यात्रा करने के लिए जानबूझकर इनमें चढ़ते हैं। समझाने पर भी वे नहीं मानते। स्थानीय निवासियों सुखदेव, रमन और मनीष ने बताया कि कई रूटों पर बसों की संख्या वर्षों से नहीं बढ़ाई गई है, जबकि विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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लोगों के अनुसार अतिरिक्त फेरे या विशेष छात्र बसें न होने से हर दिन खतरा बना रहता है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में बसें पूरी तरह भरी होती हैं। अंदर खड़े होने की जगह भी नहीं बचती। ऐसे में विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर खिड़कियों से लटक कर यात्रा करनी पड़ती है।
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बसों की कोई कमी नहीं है : प्रशासन
बस स्टैंड इंचार्ज सुरेश दहिया और डीआई महेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी रूट पर बसों की कमी नहीं है। शहर के भीतर यात्रा के लिए अलग से सिटी बसें भी उपलब्ध हैं, लेकिन छात्र जानबूझकर लंबी दूरी की बसों में चढ़ते हैं। कई बार बसों में जगह खाली होने के बावजूद छात्र बाहर लटकते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए पुलिस को सूचित किया जाता है, लेकिन पुलिस के पहुंचने तक छात्र तितर-बितर हो जाते हैं।