{"_id":"57c9bbe64f1c1b81042cc1e2","slug":"strike-in-fatehabad-employees-strike-passengers-sad-tohana-bhattu-bhuna-fatehabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"हड़ताल से कर्मचारी जोश में लेकिन यात्री रहे परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हड़ताल से कर्मचारी जोश में लेकिन यात्री रहे परेशान
fatehabad
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:40 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद में बस अड्डे पर सामान लेकर इधर से उधर भटकने को मजबूर महिलाएं।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुक्रवार को हड़ताल के चलते कर्मचारियों द्वारा बस स्टैंड परिसर में कब्जा जमा लेने के बाद बसों का आवागमन बंद हो गया जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों की परेशानियों का निजी वाहन चालकों ने जमकर फायदा उठाया। इस दौरान यात्री खासकर महिला यात्री सर पर सामान रखकर इधर से उधर भटकती देखी गई। इसके अलावा स्कूल कालेजों से घर वापिस जाने वाले छात्र भी बसों का इंतजार करते देखे गए। शुक्रवार सांय छह बजे रोडवेज नेताओं ने हड़ताल समाप्त करने का ऐलान कर दिया जिसके बाद जाकर बसें सुचारू रूप से चल पाई। रोडवेज नेताओं ने अब शनिवार को प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
हिसार जाना अति आवश्यक है। लेकिन कोई बस जाने को तैयार नहीं है। निजी वाहन चालक 35 रुपये किराए के बदले 60 रुपये मांग रहे हैं। रोडवेज कर्मचारियों को जनता के हितों से सरोकार रखना चाहिए था।
गिरधारी सिंह, निवासी हिसार।
सुबह स्कूल के लिए घर से निकला तो बस मिल गई लेकिन अब एक घंटा हो गया इंतजार करते, अभी तक कोई बस नहीं आई। घर पर परिजन भी चिंतित हो रहे हैं। हड़ताल के दौरान प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था अवश्य करनी चाहिए।
विज्ञापन
मोहित, निवासी बरसीन।
सुबह खेत के किसी काम से फतेहाबाद आया था लेकिन वापस जाने का साधन नहीं मिला। बसों के इंतजार में एक घंटे से ऊपर हो गया। प्राइवेट साधन दोगुना किराया मांग रहे हैं। कर्मचारी अपनी मांगों के चक्कर में आम जनता को क्यों परेशान करते हैं।
छिंदरपाल, निवासी भिरडाना ।
विज्ञापन
हिसार जाना अति आवश्यक है। लेकिन कोई बस जाने को तैयार नहीं है। निजी वाहन चालक 35 रुपये किराए के बदले 60 रुपये मांग रहे हैं। रोडवेज कर्मचारियों को जनता के हितों से सरोकार रखना चाहिए था।
विज्ञापन
गिरधारी सिंह, निवासी हिसार।
सुबह स्कूल के लिए घर से निकला तो बस मिल गई लेकिन अब एक घंटा हो गया इंतजार करते, अभी तक कोई बस नहीं आई। घर पर परिजन भी चिंतित हो रहे हैं। हड़ताल के दौरान प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था अवश्य करनी चाहिए।
विज्ञापन
मोहित, निवासी बरसीन।
सुबह खेत के किसी काम से फतेहाबाद आया था लेकिन वापस जाने का साधन नहीं मिला। बसों के इंतजार में एक घंटे से ऊपर हो गया। प्राइवेट साधन दोगुना किराया मांग रहे हैं। कर्मचारी अपनी मांगों के चक्कर में आम जनता को क्यों परेशान करते हैं।
छिंदरपाल, निवासी भिरडाना ।