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Fatehabad News: भ्रष्टाचार रोकने के लिए बना पोर्टल बीमार
Mon, 21 Jul 2025 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 21 Jul 2025 11:36 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में टीबी मरीजों को मिलने वाली डाइट राशि को लेकर रिकॉर्ड स्पर्श पोर्
फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग के नेशनल हेल्थ मिशन में भ्रष्टाचार रोकने, बिलों के भुगतान से लेकर कर्मचारियों का वेतन और लाभार्थियों के लाभ जारी करने के लिए स्पर्श पोर्टल (समायोजित प्रणाली शीघ्र हस्तारण) बनाया गया है, लेकिन पिछले पांच दिन से पोर्टल बंद है। जिस कारण बिल ही जनरेट नहीं हो रहे हैं। इस कारण विभाग की कई योजनाओं पर ब्रेक लग गए हैं।
पिछले 6 माह से डिलिवरी करवा चुकी प्रसुताओं को लाभ नहीं मिल रहा है। आशा वर्करों का मानदेय रुका हुआ है। यहां तक कि नसबंदी और नलबंदी ऑपरेशन करवा चुके लाभार्थियों तक को राशि जारी नहीं हुई है। इसके अलावा एंबुलेंसों की मरम्मत के बिल रुके हुए हैं। करीब तीन माह से एनएचएम कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं हुआ है।
स्पर्श पोर्टल बंद होने से एनएचएम के 485 कर्मचारियों से लेकर तीन हजार पात्र प्रभावित हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो पहले जिलास्तर पर ही कर्मचारियों के वेतन से लेकर पात्रों को लाभ राशि जारी होती थी। स्वास्थ्य विभाग ने पीएफएमएस प्रणाली हटाकर एसएनए स्पर्श पोर्टल जारी कर दिया है।
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इस पोर्टल पर संबंधित पात्र का रिकॉर्ड अपडेट किया जाता है। कर्मचारियों के वेतन का रिकॉर्ड भी इसी पर दर्ज होता है। एनएचएम के तहत जो भी बिल है वह इस पोर्टल पर दर्ज करने होते हैं। इसके बाद पोर्टल बिल जारी करता है। इस बिल के साथ संबंधित राशि के बिल को मैनुअल तौर पर पंचकूला में डीडीओ से पास करवाया जाता है।
पंचकूला में एक ही डीडीओ (आहरण एवं संवितरण अधिकारी) है। बिल को डीडीओ से पास करवाने के बाद पोर्टल पर दोबारा से रिकॉर्ड दर्ज करना पड़ रहा है। रिकॉर्ड वापस संबंधित डीडीओ के पास जाता है और फिर कोष में जाता है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी इसी लंबी प्रक्रिया में ही उलझे हुए हैं। इसमें उनका काफी समय लग जाता है।
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संस्थाओं के बिजली और फोन बिल हुए बकाया, कटने के आ रहे नोटिस
स्वास्थ्य विभाग के सीएचसी और पीएचसी पर हालात ये है कि बिजली बिल से लेकर टेलीफोन तक के बिल बकाया हो हैं। संबंधित विभाग से इनके कटने के नोटिस आ रहे हैं। अधिकारियों की माने तो पहले अपने स्तर पर भुगतान कर दिया जाता था और क्लेम किया जाता था लेकिन अब इस पर भी रोक लग गई है। स्पर्श पोर्टल से संबंधित के पास ही बिल का भुगतान होगा।
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केंद्र से मिला वेतन पर राज्य में अटका
एनएचएम के तहत जिले में करीब 485 कर्मचारी तैनात हैं। कर्मचारियों को अप्रैल से लेकर जून माह तक की राज्य बजट से मानदेय नहीं मिला है। इसके अलावा करीब 50 फीसदी को ही केंद्र बजट से अप्रैल और मई माह के मानदेय का भुगतान हुआ है। एनएचएम में केंद्र का 60 और राज्य का 40 फीसदी शेयर रहता है।
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एंबुलेंसों के रुके बिल
विभाग के नए पोर्टल के कारण एंबुलेंसों के बिलों का भुगतान नहीं हो रहा है। करीब दो लाख रुपये के मरम्मत के बिल रुके हुए हैं। जिले में 25 एंबुलेंस अलग-अलग अस्पतालों में हैं।
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पात्रों का रिकॉर्ड पोर्टल पर चढ़ाने में छूटे पसीने
स्वास्थ्य विभाग ने टीबी निष्य, जेएसवाई, एमएमएवाई के तहत मरीजों को दिए जाने वाली राशि का रिकॉर्ड पोर्टल पर मांगा है। इसमें नए सिरे से मरीज का आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक कॉपी मांगी गई हैं। शर्त यह है कि रिकॉर्ड की फोटो साफ होनी चाहिए, नहीं तो प्रक्रिया रद्द हो जाएगा। रिकॉर्ड पोर्टल पर चढ़ाने में ही कर्मचारियों के पसीने छूटे हुए हैं।
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नए पोर्टल के कारण कर्मचारियों को काफी दिक्कत आ रही है। तीन माह से वेतन नहीं मिला है। मरीजों को भी लाभ राशि नहीं मिल रही है। डीडीओ पूरे प्रदेश का एक ही है। विभाग को व्यवस्था करनी चाहिए। कर्मचारियों को स्टेट बजट से विभाग वेतन जल्द से जल्द जारी करे।
- विपिन शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा
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नया पोर्टल जारी हुआ है, इस वजह से दिक्कत आ रही है। पहले जिला स्तर पर वेरिफिकेशन हो जाती थी लेकिन अब मुख्यालय स्तर पर हो रही है और एक ही डीडीओ है। नए पोर्टल के कारण एक बार दिक्कत आ रही लेकिन बाद में व्यवस्था ठीक हो जाएगी।
- डॉ. कुलप्रतिभा, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद
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पिछले 6 माह से डिलिवरी करवा चुकी प्रसुताओं को लाभ नहीं मिल रहा है। आशा वर्करों का मानदेय रुका हुआ है। यहां तक कि नसबंदी और नलबंदी ऑपरेशन करवा चुके लाभार्थियों तक को राशि जारी नहीं हुई है। इसके अलावा एंबुलेंसों की मरम्मत के बिल रुके हुए हैं। करीब तीन माह से एनएचएम कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं हुआ है।
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स्पर्श पोर्टल बंद होने से एनएचएम के 485 कर्मचारियों से लेकर तीन हजार पात्र प्रभावित हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो पहले जिलास्तर पर ही कर्मचारियों के वेतन से लेकर पात्रों को लाभ राशि जारी होती थी। स्वास्थ्य विभाग ने पीएफएमएस प्रणाली हटाकर एसएनए स्पर्श पोर्टल जारी कर दिया है।
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इस पोर्टल पर संबंधित पात्र का रिकॉर्ड अपडेट किया जाता है। कर्मचारियों के वेतन का रिकॉर्ड भी इसी पर दर्ज होता है। एनएचएम के तहत जो भी बिल है वह इस पोर्टल पर दर्ज करने होते हैं। इसके बाद पोर्टल बिल जारी करता है। इस बिल के साथ संबंधित राशि के बिल को मैनुअल तौर पर पंचकूला में डीडीओ से पास करवाया जाता है।
पंचकूला में एक ही डीडीओ (आहरण एवं संवितरण अधिकारी) है। बिल को डीडीओ से पास करवाने के बाद पोर्टल पर दोबारा से रिकॉर्ड दर्ज करना पड़ रहा है। रिकॉर्ड वापस संबंधित डीडीओ के पास जाता है और फिर कोष में जाता है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी इसी लंबी प्रक्रिया में ही उलझे हुए हैं। इसमें उनका काफी समय लग जाता है।
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संस्थाओं के बिजली और फोन बिल हुए बकाया, कटने के आ रहे नोटिस
स्वास्थ्य विभाग के सीएचसी और पीएचसी पर हालात ये है कि बिजली बिल से लेकर टेलीफोन तक के बिल बकाया हो हैं। संबंधित विभाग से इनके कटने के नोटिस आ रहे हैं। अधिकारियों की माने तो पहले अपने स्तर पर भुगतान कर दिया जाता था और क्लेम किया जाता था लेकिन अब इस पर भी रोक लग गई है। स्पर्श पोर्टल से संबंधित के पास ही बिल का भुगतान होगा।
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केंद्र से मिला वेतन पर राज्य में अटका
एनएचएम के तहत जिले में करीब 485 कर्मचारी तैनात हैं। कर्मचारियों को अप्रैल से लेकर जून माह तक की राज्य बजट से मानदेय नहीं मिला है। इसके अलावा करीब 50 फीसदी को ही केंद्र बजट से अप्रैल और मई माह के मानदेय का भुगतान हुआ है। एनएचएम में केंद्र का 60 और राज्य का 40 फीसदी शेयर रहता है।
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एंबुलेंसों के रुके बिल
विभाग के नए पोर्टल के कारण एंबुलेंसों के बिलों का भुगतान नहीं हो रहा है। करीब दो लाख रुपये के मरम्मत के बिल रुके हुए हैं। जिले में 25 एंबुलेंस अलग-अलग अस्पतालों में हैं।
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पात्रों का रिकॉर्ड पोर्टल पर चढ़ाने में छूटे पसीने
स्वास्थ्य विभाग ने टीबी निष्य, जेएसवाई, एमएमएवाई के तहत मरीजों को दिए जाने वाली राशि का रिकॉर्ड पोर्टल पर मांगा है। इसमें नए सिरे से मरीज का आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक कॉपी मांगी गई हैं। शर्त यह है कि रिकॉर्ड की फोटो साफ होनी चाहिए, नहीं तो प्रक्रिया रद्द हो जाएगा। रिकॉर्ड पोर्टल पर चढ़ाने में ही कर्मचारियों के पसीने छूटे हुए हैं।
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नए पोर्टल के कारण कर्मचारियों को काफी दिक्कत आ रही है। तीन माह से वेतन नहीं मिला है। मरीजों को भी लाभ राशि नहीं मिल रही है। डीडीओ पूरे प्रदेश का एक ही है। विभाग को व्यवस्था करनी चाहिए। कर्मचारियों को स्टेट बजट से विभाग वेतन जल्द से जल्द जारी करे।
- विपिन शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा
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नया पोर्टल जारी हुआ है, इस वजह से दिक्कत आ रही है। पहले जिला स्तर पर वेरिफिकेशन हो जाती थी लेकिन अब मुख्यालय स्तर पर हो रही है और एक ही डीडीओ है। नए पोर्टल के कारण एक बार दिक्कत आ रही लेकिन बाद में व्यवस्था ठीक हो जाएगी।
- डॉ. कुलप्रतिभा, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद